Darinde Se Mohabbat- 14

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विकास: “वो तुम्हारी इतनी अच्छी दोस्त थी, तुम दोनों इतना मिलते थे तो तुमको उसने अपनी जाति जिंदगी के बारे में बहुत कुछ बताया होगा, मुझे यकीन है के तुम बहुत कुछ जानती हो बताओ मुझे इस से पहले के पुलिस तुमसे सवाल करे!”

विकासा: “विकास क्यों तुम मुझको हरास करने लगे हो? मैं किया जानूं? मुझे कुछ भी नहीं पता मैं ने कहा ना?!! अगर पता होता तो किया मैं तुमको नहीं बताती?”

विकास सोचने लगा के उसे दिन जब शिरीन किसी की कार में गयी थी मतलब वो इसी आदमी की कार थी… विकास सोचने लगा के सब पता चल जाएगा उससो धीरे धीरे….”

वह लोग पहले लॉक उप पोंह्चे जहाँ अफ़ज़ल बाँध था. क्योंकि सुपीरियर साथ था और खुद विकास कोमांडो था तो उन्नको अफ़ज़ल से मिलने दिया गया. विकास को देखते ही अफ़ज़ल के आंखों से एनसू निकल पड़े. विकास ने उसको ज़ोर से गले लगाया और कहा, “डोंट वरी मैं तुमको यहाँ से बाहर निकळवता हूँ!” मगर अफ़ज़ल ने कहा, “नहीं कुछ नहीं हो सकता तुम मुझको मेरे हाल पर चोर्र दो अब. भूल जाओ मुझे मुझको फाँसी होगी मैं ने जान बूझ कर सब कुछ किया और इकरा -ए – जुर्म भी कर लिया है.”

मगर विकास ने उसको समझाया के अदालत का फैसला तो बाद में होगा अभी वो बैल पर बाहर निकल सकता है और बहुत साल तक फ्री रही सकता है जब तक केस की सुनवाई होगी तब तक!

फिर वहाँ से अपने सुपीरियर के साथ विकास उसे जानी मानी वकील के पास गये और बैल की पेपर्स तैयार की गयी.

दूसरे दिन अफ़ज़ल की बैल हो गयी और हर रोज़ उसको पुलिस स्टेशन में हाज़िरी देने की आर्डर दी गयी.

जब विकास और अफ़ज़ल अकेले में मिले तो विकास ने सब कुछ बताने को कहा! वह दोनों अफ़ज़ल के फ्लैट में ही थे उसे वक्त. सिर्फ़ वह दोनों थे विकासा तब भी विकास के परिवार के यहाँ थी.

अफ़ज़ल सर झुकाए बैठा हुआ था एक सोफे पर. विकास उसके सामने खड़ा उसके जवाब का इंतजार कर रहा था….. जब अफ़ज़ल कुछ जवाब नहीं दे रहे थे तो विकास भी बैठ गया उसके पास और कहा,

“देखो यार बाँटने से घाम कम होती है बताओ मुझे हल्का फील करोगे, बताओ ना पूरी बात जाननी है मुझे तुम इतने दिनों से सब छुपा रहे थे मुझसे? क्यों यार? पहले क्यों नहीं बताया मुझे इसे हालत तो नहीं होती तब, मैं कोई और रास्ता दिखता ना तुझे यार! किया, हुआ किया था अफ़ज़ल बता मुझे यार!!”

अफ़ज़ल अपने अंदर एक तूफान पाल रहा था….. उसके जिस्म काँप रहे थे और अचानक खड़ा हुआ एक लात मारते हुए टेबल पर चिल्ला कर कहा;

“साली रंडी निकली, चुदाया रही थी किसी और से!! आई बात समझ में तेरी?!!”

विकास के समझ में तो पहले से ही आ गया था यही बात हुई होगी फिर भी कहा;

“समझ रहा हूँ, मगर तुमने पहले क्यों नहीं बताया मुझे? इतने दिनों से से रहा था तू? अजीब बिहेव कर रहा था, मुझसे भी रूठा रूठा रहता था, किया इस में मेरा कुसूर था? क्यों नहीं शेयर किया मुझसे यार? मैं तुमको इस हाल पर आने से तो रोकता ना? क्यों खून किया? हाथ पर तोड़ देते मर मर कर, मर क्यों डाला? तलाक दे देते उससे… खून कर दिया, वो भी अफीशियल रिवाल्वर से??

अफ़ज़ल ने रोते हुए कहा;

“यार विकास किसी औरत पर भरोसा मत करना, अपनी बीवी पर भी मत करना… सब रंडी होते हे यार…… सुन मेरे ख्याल से तेरे विकासा को सब पता था मगर उसने भी सपोर्ट किया था साहिरीन को, उसे से पूछना तू….”

विकास: “मैं ने पूछा उसे से आते ही. मगर उसको कुछ नहीं पता उसने कहा. मगर फिक्र मत कर मैं पता लगाने की पूरी कोशिश करूँगा.

अफ़ज़ल: “मगर अब किया फायदा पता लगाने से? चोररो यार! फर्गेट इट!”

विकास: “यू नो, एक रोज़ मैं घर पर था दिन में तो शिरीन भी घर पर ही थी और किसी की कार में कहीं गयी थी…. मैं तुमसे पूछने वाला था फिर सोचा के लॅडीस बातें है…. फिर बाद में भूल गया इस बात को!!”

अफ़ज़ल: “कार किस रंग की थी जिसे में गयी थी वो?”

विकास: “ब्लैक”

अफ़ज़ल: “किया पता 10/20 आदमियों से चुदाया रही होगी? हम तो रात भर गान्ड मरते हे यूनिट में यहाँ इन्नको फ्री मौका जो मिलता है यह सब करने को!”

विकास: “ऐसा मत बोल यार, लाखों मर्द रात को काम करते हे तो किया सबकी बीवियाँ दूसरे मर्दों के साथ होते हे किया?”

अफ़ज़ल: “इसी लिए कह रहा हूँ के तेरे बीवी को सब पता होगा. वो तो रात को यहीं रहती थी ना? तो अगर कोई आता था मिलने शिरीन से तो उसको एक ना एक दिन का पता तो चला होगा? वैसे अक्सर वह दोनों एक साथ रहते थे तो कब और कैसे कोई आदमी मिलने आता होगा रात में इन से? और मैं ने रात को नहीं हर बार शिरीन को दिन में वॉच किया और फॉलो किया, तब पकड़ा दोनों को! …. मगर हाँ रात में ही मिले थे यह”

विकास: मुझो डरा रहे हो यार! कई पता विकासा भी मिली हुई है और कोई उसे से मिलने आता था? ई आम वेरी वरीड नाउ! तुम बताओ कैसे इसका पता लगा सकता हूँ? तुमने कैसे डाउट किया और कैसे फॉलो करना शुरू किया मुझको समझाओ ज़रा!”

अफ़ज़ल: “उसकी मोबाइल चेक करना अक्सर, उसकी हॅंडबॅग चेक करते रहना, उसकी व्योार चेंज होगी, शी विल नोट भी इंट्रेस्टेड इन सेक्स विद यू, ओर शी विल भी मोर एंटुसीयस्टिक तो हॅव सेक्स तन बिफोर, शी विल ओर कॅन मेन्षन अनदर पर्सन’से नाम वाइल हॅविंग सेक्स विद यू… तुमको बहुत घौर से उसकी सिसकते सांसों को सुनना चाहिए एक दिन किसी और का नाम अज़ाएगा अगर कोई और है तो!!”

विकास: “विकासा के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है. वो तो बिलकुल सीधी साधी लगती है. शी इस नॉर्मल लाइक शी एवर वाज़….. फिर भी ई विल दो आस यू आस्क्ड तो!”

अफ़ज़ल: “मैं 4 महीनों से सो नहीं पा रहा था… क्योंकि एक रोज़ मैं ने उसको बाथरूम में किसी से बात करते हुए सुन लिया था. उसे रोज़ से शक शुरू हुई और एक रोज़ चुपके से उसकी मोबाइल लेकर चेक किया जब वो बाथरूम में थी तो बहुत सारे इसे एसएमएस थे जो गंदे थे और सेक्स पर थे…. शिरीन के रीप्लाइस भी थे उन्न मेसेजस के लिए. तब से मैं ने उसको फॉलो करना शुरू किया. जब दिन में कार लेकर जाता था तो यही देखने जाता था के बीयुटिक मैं है यह कहीं और, कई बार बीयुटिक में नहीं होती थी, किसी के साथ कहीं और होती थी….. आख़िर में मैं ने एक दिन एसएमएस में पढ़ लिया जिसे में शिरीन ने लिखा था, “मेरी सहेली अपने ससुराल रहने गयी है और हज़्बेंड काम पर होगा रात को, सो ई विल भी ऑल फ्री टुनाइट माय डियर!’ फिर मैं उसे रात को काम के बीच में इधर आया…. इट वाज़ 3 इन थे मॉर्निंग…… आया तो दोनों नंगे, छोड़म छाती करके सो रहे थे आराम से, थोक दिया दोनों को बेड पर ही बिना कुछ बोले!”

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विकास: “यार उसे एसएमएस से साफ जाहिर है के विकासा को कुछ पता नहीं है क्योंकि शिरीन ने खुद कहा के विकासा अपने ससुराल गयी है, मतलब अगर वो होती तो शिरीन नहीं मिल पता शायद यही कहने का मतलब था एसएमएस में ना?”

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अफ़ज़ल: “हाँ हो सकता है, नहीं भी हो सकता…. मैं उसे रोज़ काम पर वापस नहीं गया… सुबह 8 बजे तक बेडरूम में पड़ा रहा …. और जब निकला तो विकासा आ रही थी यहाँ शिरीन से मिलने और मैं ने उसको वापस जाने को कहा. क्यों विकासा आ रही थी उसे वक्त जब उसको कॉलेज जाना चाहिए था उसे वक्त सुबह के 8 बजे? “

विकास का सर थोड़ा चकरा गया यह सुनकर…… यही बात विकासा ने भी कही थी, हाँ मगर क्यों उसे वक्त सुबह सुबह वो मिलने आ रही थी शिरीन से? किया शिरीन ने फोन करके बुलाया था उसको? शिरीन तो सुबह के 3 बजे मर चुकी थी, तो कब शिरीन ने बुलाया विकासा को? किया एक दिन पहले ही कॉल करके बुला लिया था???? शिरीन के मोबाइल से पता चल सकता है. मगर मोबाइल तो पुलिस की हिरासत में है……

बाद में विकास, विकासा को लेकर अपने फ्लैट में वापस आया. दोनों के बीच एक दूरी जैसी बननी हुई थी. विकासा अब भी डरी हुई थी. विकास, विकासा से बहुत प्यार करता था इस लिए उसे पर शक करना आसान नहीं था…. फिर भी विकास अपने पुराने ख़यालात से मजबूर था, दिमाग के अंदर तब भी कभी कभी यह आवाज़ आती थी के सभी लड़कियाँ रंडी होते हे सभी मर्द से चुड़वाते रहते हे…. यह उसके ख़यालात थे जबकि इसे ही न्यूज ज्यादा टार सुनाने और पढ़ने को मिलता था और जहाँ देखो उधर कोई ना कोई लड़की ऐसा करता रहता था…तो विकास इसी लिए इसे सोच पाल रहे थे 18/20 साल की उम्र से ही…… मगर विकासा से मिलने और शादी के बाद उसे के ज़हेन से सभी इसे बात मिट चुके थे… पर अब अफ़ज़ल के इस हादसे के बाद फिर एक बार विकास के मन में वही डर और खौफ पैदा होने लगा था…वही पुरानी बातें मोहल्ले के दोस्तों के बीच वाले, और वहाँ की जवान बिन बियाही कविता की आंटी बनने की वाकेया और बहुत सारे इसे बातें विकास के दिमाग को झींझोर्र रहे थे…..

उसे रात को विकास ने एक अजीब – ओ – घरिब तरह से इश्क किया विकासा के साथ. कुछ ऐसा हुआ उसे रात को……..

विकास ने विकासा को धक्का देकर पलंग पर गिराया, वो एक सलवार कमीज़ में थी और विकास ने उसके टाँगें पकड़ कर ऊपर उठाते हुए उसकी सलवार को उतारने के लिए ज़ोर से खींचा. विकासा एक तो डरी हुई थी उसे पर विकास का ऐसा व्योार उसको और भी डरा रही थी; तो काँपति आवाज़ में विकासा ने कहा,

“क्यों ऐसा कर रहे हो? तुम तुम नहीं तुम्हारे अंदर एक शैतान बस्सा लगता है किया हो गया है तुम्हें विकास?”

विकास एक शैतानी मुस्कुराहट के साथ तिरछी नजरों से उसको देखते हुए, एक अजीब आवाज़ में कहा,

“क्यों साली, चुदवाना नहीं है तुझे? और कितनों से चुदवाती है तू? हे? और कौन कौन इस जिस्म का गुलाम है? किस से मजा करती है और?”

विकासा ने आवाज़ ऊँचा करते हुए और अपने जिस्म को ढँकते हुए बोली,

“वॉट थे हेल विकास? यह कोई तरीका है बात करने की? मुझे गालियाँ पसंद नहीं तुमको अच्छी तरह से पता विल यू बिहेव युवरसेल्फ?”

विकास तब तक उसकी सलवार निकाल फेंका था और उसकी टाँगों को चूम रहा था. और उसी शैतानी आवाज़ में कहा,

“17 दिनों तक नहीं देखा इस बदन को, यह तो बता दे के इन 18 दिनों में किस किस ने देखा इस हसीना जिस्म को! यह गोरी बदन, यह रसीली चुत, यह मुलायम चुछिियँ, किस ने इसका दीदार किया मेरे अलावा बता दे ज़रा!”

विकासा रोने लगी बेड पर अपने घुटनों को पेट से लगा अगर अपने आप को बचाने की कोशिश में. मगर विकास ने सख्ती से उसके टाँगों को अलग करते हुए, उसकी कमीज़ को भी उतार फेंका और ब्रा को नोंच कर फार्टे हुए नीचे फेंका, और बेड पर चढ़ गया अपने कपड़े उतारते हुए.

विकासा उसको खौफ भरे नजरों से देख रही थी और पूछे जा रही थी के वो ऐसा क्यों कर रहा है. मगर विकास पर जैसे एक बहुत सवार था और ना कुछ सुन रहा था ना जवाब दे रहा था बस जो उसके जी में जो आए वही किए जा रहा था. उसने अपने लंड को विकासा के मुँह के पास लेट हुए कहा,

“ले चुस्स इससे! चुस्स!”

विकासा इनकार करते हुए बोली,

“नहीं, इसे नहीं!! तुमने मुझे एक तवाफ समझा है किया इससे प्यार नहीं कहते तुम कुछ और करने की कोशिश कर रहे हो! तुम ने कभी इसे नहीं किया आज किया हो गया है तुम्हें विकास?”

मगर विकास ने उसके सर को एक हाथ से उठाते हुए, विकासा की मुँह को अपने लंड के पास किया और ज़बरदस्ती उसके मुंह में अपने लंड को तुस्सा और हँससटे हुए कहा,

“अंदर तक ले, और अंदर घुस्सने दे मजा आएगी तुझे भी, खले इससे तेरी खुराक है यह!”

विकासा के आंखों से एनसू बहने लगे, वो रो रही थी मगर विकास की बातों पर अमल किए जा रही थी डरे हुए. विकास अपने सर को ऊपर उठाकर चाट पर देख रहा था और अपने लंड को विकासा के मुँह के अंदर सख्ती से तुस्से जा रहा था….. फिर थोड़ी देर बाद, विकासा के मुँह को अपने मुँह में लेकर इस कदर चूमने चुस्सने लगा जैसे पहली बार उसके हाथ एक औरत लगी हो. लगता था के एक जुगली बंदर को सेब मिल गया हो खाने को….. फिर विकासा की चुचियों को इसे मस्सलने लगा जैसे एक गेंद से खेल रहा हो…… विकासा रोती जा रही थी और सिसकते हुए फिरसे कहा,

“ऐसा मत करो प्लीज़ विकास, यू लव में ना? तो जिससे प्यार करते हो ऐसा कैसे कर सकते हो? प्यार करो मुझसे!! यह प्यार नहीं है विकास क्यों ऐसा कार रहे हो तुम!!”

विकास कुछ नहीं सुन रहा था उसे वक्त…. जोश में था, किसी और रूप में था, कुछ और चाहता था उसे वक्त वो. वही जाने उसका मकसद किया था. उसे ने फिर विकासा के टाँगों को अलग करते हुए फिरसे उसी सख्ती के साथ अपने लंड को उसकी चुत में तुस्सा और इतनी ज़ोर से धक्का दिया के विकासा चिल्ला उठी और जोरों से रोने लगी. और धक्का देते हुए विकास बोलता गया बार बार,

“ले साली चोद रहा हूँ तुझे, एयश कर, एयश कर अयाया! कितना मजा आ रही है रही, तेरी चुत मेरा लंड कहा रहा है रही….चुदवाले खूब यह ले यह ले यह ले!!!”

वैसा कहते हुए विकास करता गया फिर हनफफ्टे हुए जब क्लाइमॅक्स पर आया तो लेट गया विकासा की जिस्म पर और अपने दाँतों का निशान बना डाला विकासा के कंधों पर और गालों पर चुस्सते हुए.

कमरे में खामोशी छा गयी और विकासा की सिसकने की धीमी आवाज़ और विकास की तेज संससों की आवाज़ सुनाई दे रही थी….. वो कुछ देर लेता ही रहा विकासा के ऊपर, और विकासा ने खुद उसको अपने ऊपर से हटाया, फिर विकास अपने पीठ पर लेट गया ऊपर के तरफ देखते हुए…… विकासा उठ बैठी बेड पर और घुस्से से विकास को देख रही थी जब विकास ने उसको बाहों में लेते हुए उसके कानों में कहा,

“ई आम सॉरी, रियली वेरी सॉरी मैं अपने आप में नहीं था, पता नहीं किया हुआ था मुझे फर्गिव में प्लीज़……” और विकासा ज़ोर से उसको बाहों में समेट कर रोने लगी

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