Darinde Se Mohabbat- 8

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एक घंटे के बाद आसमान साफ दिखाई देने लगे हिलना के समंदर चंचल था… हवा भी तेज थी मगर तूफानी हालत नहीं थे… लहरें तब भी ऊँची थी मगर बिलकुल तूफान नहीं लग रहा था…..

कॅप्टन ने जहाज़ स्टार्ट किया, कुछ तहेस नहेस हुआ था, कहीं कहीं जहाज़ डॅमेज हुए थे मगर खतरा नहीं था….. धीरे धीरे स्टार्ट किया और जहाज़ चलने लगा….. दूर समंदर में तूफान दिख रहे थे सबको… भयानक नज़ारा था और रोवणदे खड़े हो जाते थे समंदर के ऊँचे लहरों को देख कर…. तूफान ऑस्ट्रेलिया के तरफ तेजी के साथ तरफ रहा था उसे वक्त.

कॅप्टन रेडियो से लगातार कॉंटॅक्ट करता रहा और आख़िर में सिग्नल मिली और खबर मिली के जिसे लॅटिट्यूड पर तूफान था जहाज़ अब खतरे से बाहर था! अगर वो तूफान और 1 घाटे तक जहाआज़ के बीच रहता तो जरूर डूबो देता जहाज़ को, शुक्र है के तेज जा रहा था तूफान और गुजर गया!

दूसरे दिन सब ज़मीन पर पोंहुचे. घर जाने की सबको जल्दी थी और बिना यूनिट पर रिपोर्ट किया सबके सब अपने अपने घर चले गये यहाँ तक के सुपीरियर्स भी. सब इतना डरे हुए थे, के सिर्फ़ अपनों के बीच जाने का मन था और अपने घर में आराम करने की सख्त जरूरत थी सबको.

घर आने पर विकास फिर अपनी आंटी की गोद में रोया और बयान किया के किस तरह खतरनाक तूफान में घिरा हुआ था और लगता था नहीं बच पाएगा. उसके भाई बहन भी उसे से गले मिलकर रो पड़े जिसे तरह से उसे ने सबको बताया के वो शायद ज़िंदा वापस नहीं आता आज!

उसे हादसे ने विकास को झिंजोर्र दिया था. उसको समझ में नहीं आ रही था के वो अब किया चाहता है जिंदगी से. जब उसने अफ़ज़ल की बातें याद किए जिसे तरह उसने अपनी मेंबूबा को पघाम पोंहुचने को कहा था तो फिरसे से विकास को एक प्यारी सी महबूबा की चाहह जागी उसके मन में. और उसे ने अपनी आंटी से कहा के अब वो शादी के लिए तैयार है. आंटी बाप को बहुत खुशी हुई और बाप ने कहा के जल्द ही उसको एक लड़की दिखाने चलेंगे.

उधर अफ़ज़ल के यहाँ चाट माँगनी पटा शादी वाली बात हो गयी. उसकी शादी फिक्स हो गयी अगले महीने के लिए. यूनिट से उसने च्छूति ले लिया शादी करने के लिए. और विकास ने भी छूती लिया अफ़ज़ल के यहाँ शादी में हाज़िर होने के लिए.

विकास को और दो जगह लड़की देखने के लिए ले जा गया मगर एक जगह विकास को लड़की पसंद नहीं आई और दूसरी जगह लड़की ने विकास को एक तरफ बुला कर साफ बता दिया के वो किसी को चाहती है तो विकास से इनकार करने को कहा, तो वहाँ भी बात नहीं बनी. तब विकास ने सोचा के अच्छी लड़कियाँ भी होते हे, यह लड़की अगर चाहती तो कुछ नहीं बताती, मगर साफ दिल की थी के विकास को पहले ही बता दिया. उसका नज़रया लड़कियों के तरफ कुछ कुछ बदलने लगा.

अफ़ज़ल की शादी का दिन आया और विकास ने जमकर शादी में साथ दिया और खूब एंजाय भी किया. वहाँ विकास के आंटी बाप भी गये हुए थे और वही मौका था विकास के लिए लड़की पसंद करने की. आंटी , बाप अपना काम कर रहे थे उसे शादी में. बड़ों के बीच बात चल रही थी के विकास की योग कोई लड़की चाहिए….. और बहुत जल्द वहाँ के सभी बारे लोगों को खबर मिल गयी के एक नौजवान लड़के के लिए एक लड़की की जरूरत है. तो वहीं पर विकास को मान पसंद लड़की मिली जब दोनों तरफ के पेरेंट्स ने बात कर लिए. लड़की को देखने के बाद जो अफ़ज़ल के बाप की दोस्त की बेटी थी, विकास ने अप्रूव किया.

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अप्रूव करने से पहले विकास ने उसे लड़की के बारे में अफ़ज़ल से पूंछ ताज किया मगर अफ़ज़ल ने कहा के वो उसको बिलकुल नहीं जानता, कभी मिला भी नहीं मागर उसके अंकल को जानता है क्यों के वो उसके यहाँ अक्सर आया करते थे अफ़ज़ल के अंकल से मिलने क्यों के वो दोस्त थे एक ही जगह काम करते थे. लड़की खूब सूरत थी, और विकास को भा गयी.

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अजीब बात थी के जो लड़की विकास के लिए देखी गयी उसे का नाम था विकासा. इस बात से दोनों विकास और विकासा को हेयरानी हुई और विकास ने सोचा के शायद यह किस्मत का खेल है और उन्न दोनों को किस्मत ने ही मिलाया. कहते हे ना के रिश्ते ऊपर से बनकर आते हे तो विकास ने ऐसा ही सोचा के हर रिश्ता ऊपर वाला पहले से ही बना दिए होते हे और यहाँ धरती पर हमको मिलना बाकी होता है.

अफ़ज़ल के शादी के ठीक एक हफ्ते बाद विकास और विकासा की माँगनी हुई. विकासा एक खूब सूरत लड़की थी और फिल्मी हेरोइनों जैसी दिखती थी. कॉलेज में पढ़ती थी यानि टीचर थी. मॉडर्न थी और बिलकुल सोनिया के उल्टी मिज़ाज की थी. यह वाली बोलती थी खुलकर सभी से. अब टीचर थी तो ओपन माइंडेड थी. इसके बारे में विकास और अफ़ज़ल ने बात किए तो दोनों दोस्तों ने अपने अपने मान पसंद लड़की के बारे में यही कहा के कौन क़िस्सको कभी पहचान सकता है, वो तो धीरे धीरे एक दूसरे के साथ जीवन बिताने के बाद ठीक से एक दूसरे की पहचान होती है और जिंदगी आगे बढ़ती है.

अफ़ज़ल अपने शादी से बहुत खुश था और विकास से कहा के उसकी बीवी बहुत अच्छी है और उसको बहुत प्यार हो गया उसे से. मगर विकास तो विकासा से अब मिलने और जान पहचान करने वाला था माँगनी के बाद. इसे रिश्तों में शादी के बाद प्यार होता है शादी से पहले नहीं. शादी के महीनों बाद एक दूसरे की असली पहचान होती है और एक दूसरे के करीब होते हे दो दिल.

 

फिर भी विकास माँगनी के बाद विकासा से मिलना चाहा और दोनों मिले भी. विकास का रवाया जो पहले लड़कियों के तरफ था वो बदलने लगा था पर वो ज्यादा खुलकर लड़कियों से बात नहीं कर पाता था. कैसे भी उसके दिल में कुछ कुछ डर और अजीब सी सोच थी जब लड़कियों को सोचता था आज कल के हादसों को लेकर. इस मॉडर्न ज़माने में जो आज कल हो रहे हे और जिसे तरीके से लड़कियों को च्छूत मिली है उसे से बहुत सारे लड़कियाँ उसका गलत इस्तेमाल करते हे और खुद फँसस जाते हे बाद में और पछताते हे.

विकास जब अपने मुहल्ले के दोस्तों के बीच में था एक दिन विकासा से मिलने के बाद तो फिर से वही लड़कियों के बारे में बात करने लगे तो इस बार उन्न लोगों के बीच एक 55 साल का आधेर आदमी भी था जो शराबी था और दुकान के किसी कोने में पड़ा रहता था अक्सर. वो इन नवजवानों की बातें सुन रहा था तो कुछ बोलने की इजाज़त माँगी उसने.विकास ने उसस्स्कॉ बोलने को कहा. वो तजुर्बेकार आदमी ने यह कहा;

“यारो, बात यह है के इस ज़माने में परिवार अपने औलाद को समय नहीं दे पाते हे. दोनों आंटी बाप काम करने निकल जाते हे और बचे को ज्यादा च्छूत मिलती है कुछ भी करनने को. एक ज़माना ऐसा था के हम मर्द काम करने जाते थे और बच्चों को घर में बीवी संभालती थी, उसके निगरानी में रहते थे बच्चे, और फिर घर में दादा और दादी भी हुआ करते थे. तो बचे के परवरिश एक ऐसा वातावरण में होती थी जहाँ उसको बहुत सारा प्यार और अपनापन मिलते थे. और बचे बड़ों का लिहाज़ करते थे, सबकी इज़त कर्तते थे क्यों को उसको यही सिखाया जाता था. तो बचे अपने दादा, दादी और आंटी के साथ पाले बारे होते थे तो उसका अस्सर कुछ और ही होता था. मगर आज कल दोनों जवान आंटी बाप एक फ्लैट में रहते हे ना दादा है ना दादी, बचे को नर्सरी में चोर्र जाते हे और इस भाग दौड़ की जिंदगी में पैसा कामना ज्यादा इंपॉर्टेंट हो गया है सब के लिए. उसे ज़माने में सिर्फ़ मर्द कमाता था और बीवी और बच्चों को पालता पोस्ता था और पढ़ता भी था; आज दोनों पति पत्नी कमा रहे हे फिर भी पैसा कम पड़ रहे हे.

तो बात यह कहना चाहता हूँ जो प्यार और अपनापन बच्चों को आंटी बाप से मिलना चाहजिए था वो नहीं मिलते बच्चों को. इसका बुरा अस्सर पड़ता है बच्चों पर और फिर टीनेज में कदम रखते ही बचे वही करते हे जो उसको अच्छा लगता है, कोई ड्रग्स के तरफ तरफ जाता है और कोई प्रॉस्टिट्यूशन की तरफ. हर लड़के लड़कियों को बहुत ज्यादा च्छूत मिल गयी है आज कल एक दूसरे से मिलने को क्यों के आंटी बाप के पास समय ही नहीं यह देखने को बच्चा किस से मिलता है, कहाँ जाता है, किया करता है…. कुछ पता रखने का टाइम ही नहीं है पेरेंट्स के पास, सुबह को काम के लिए निकलते हे पेरेंट्स और देर रात को वापस आते हे, बचे के साथ ठीक से टाइम भी नहीं बिताते तो इसे बचे किया बनेंगे भाई? इसससी लिए आज कल के ज्यादा तार टीनेजर्स गलत रास्ते पर हे और इतना कुछ गलत हो रहे हे समाज में!! ….. अब अभी तुम लोग जो जिन्न लड़कियों के बारे में बात कर रहे थे उन्न का एन्वीरोणेमींत किया है? सब जानते हो ना? उसे कविता के बारे में बात कर रहे थे तुम लोग अभी ना? प्रेग्नेंट हो गयी छोटी सी उमर में, कॉलेज गर्ल है और प्रेग्नेंट. इस में दोष क़िस्सका है? जिसे माहौल में वो पाली बढ़ी है पता है तुम लोगों को? कौन उसकी देख भाल करता है? आंटी बाप उनके साथ वक्त बिताते हे? अकेली रहती है दिन भर, कॉलेज से वापस आती है तो कितने सारे लड़के उसे से मिलने जाते है उसे के घर, आंटी बाप तो है नहीं दोनों काम पर गये होते हे और रात देर को वापस आते हे. कोई नहीं है उसकी देख भाल करने वाला तो लड़की किया करेगी? कौन उसको समझेगा? इसे बहुत सारे केस होते हे जो प्यार और अपनापन नहीं पाने की वजह से भटक जाते हे. कई लड़के इसे हे जो ड्रग्स की आदि हो जाते हे. यह टीनेज उमर ही इसे होती है जब हर तरह के चीज़ों को आजमाने का मन करता है. यह इसे उमर है जहाँ एक डाइरेक्षन को फॉलो करने का मन होता है, एक बदलाव जिंदगी में लाने का मन होता है… और अच्छे गाइड नहीं होने के कारण बचे वही करते हे जो उसके मन में आता है. तो आज कल की लड़कियाँ इस लिए इसे गलत तरह से बिहेव करते हे और इसी लिए आज इसे लड़कियों और लड़कों का संखिया बढ़ा हुआ है. मैं दोष सिर्फ़ आंटी बाप को ही दूँगा! जिसे आंटी बाप ने अपने बच्चों को संभाला और प्यार दिया उन्न के बचे तो सही है जैसे तुम लोग हो! ….. मुझे यही कहना था!!”

और वो आदमी एक तरफ चला गया. विकास ने दोस्तों से कहा,

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