Darinde Se Mohabbat- 11

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फिर उधते उधते एक हवाई जहाज़ पर रुके दोनों गाने को दरवाजा हुए, वहाँ से सितारे पर बैठेर फिर चाँद पर गये जहाँ यह बोल गाने की गये दोनों ने:

हम दोनों ने देखा है एक सपना
कहीं पे छोटा सा एक घर है अपना
आँगन में उतरी है चाँदनी रातें
हम बैठे करते हे प्रेम किया बातें
ये बातें यह रातें भूल जाए हम
तो हमें याद दिलाना, भूल ना जाना…..
और अचानक सोनिया की एँखहें खुली तो वो गुनगुना रही थी “तू मेरा राजा मैं तेरी रानी, तू मेरा राजा मैं तेरी रानी……. और जब उठ बैठी बेड पर तो देखा यह फिल्मी सॉंग टीवी पे चल रही थी!!!:

मगर कुछ अजीब सा अस्सर हुआ उसपर उसे सपने को देखने के बाद. जैसे कोई इशारा मिल रही थी उसको…. वो फिर से सोचने लगी अपने आप से यह सवाल पूछते हुए;

‘क्यों आया था वो मुझे देखने उसे दिन! कितना खामोश बैठा था वो, एक लव्ज़ भी नहीं बोला था उसने, अंकल और उसके अंकल बातें कर रहे थे और वो बिलकुल खामोश बैठा था, एक नज़र इधर उधर भी नहीं देखा था उसने…. लगता था उसके दिल पर कोई बोझ है, खोया हुआ था किसी ख्याल में शायद मान का कोई पीड़ा है उसको… मुझे उसे से बात करनी चाहिए थी….. सबसे हटा कर थे वो… बिलकुल बाकी के आज कल के जवानों की तरह नहीं दिख रहे थे, र्सेर्वेद है शायद, और इंटेलिजेंट लग रहा था….किया काम करता है यह भी नहीं पता अंकल से तो मैं ने पूछा ही नहीं उसे रोज़ , तो अब कैसे पूंछ सकती हूँ……’

ये सब सवाल अब सोनिया को सटा रहे थे, मगर अब तो बहुत देर हो चुकी थी वहाँ विकास विकासा से शादी कर चुका था.

जब सोनिया के घरवाले वापस आए शादी से तो सोनिया अपनी छोटी बहन की बेसब्री से इंतजार कर रही थी जानकारी के लिए. जल्दी से उसको अपने कमरे में लेकर गयी और पूंछ ताज करने लगी दूल्हा और दुल्हन के बारे में. बहुत सारे सवाल किए सोनिया ने, दुल्हन कैसी थी, कैसे दिख रही थी, किया उसके ड्रेस खूबसूरत थे, दूल्हा कैसा लग रहा था, किया खुश दिख रहा था वाघहैरा वाघहैरा….. छोटी बहन ने सब कुछ डीटेल में बता दिया और चली गयी फिर सोनिया फिर से ख्यालों में गुम हो गयी कुछ देर के लिए. पता नहीं क्यों उसको उदास फील हो रही थी जैसे उसने कुछ मिस कर दिया विकास को खोकर.

कैसे भी करके सोनिया ने खुद से थोड़ी देर के बाद अपने आप से कहा, “चलो जो हुआ सो हुआ, वो मेरे नसीब में नहीं थे अगर होते तो वो मेरा इंतजार करते, अब उसको भुला देना ही बेहतर है. उसको अपने वाइफ के साथ खुश रहने दो प्राथना है के दोनों खुश रहे. ई हॅव तो मूव ऑन अभी बहुत कुछ करना बाकी है मुझे शादी के बारे में सोचने से पहले.”

दोस्तों अफ़ज़ल और विकास दोनों दोस्त की शादी के बाद दोनों ने यूनिट में तबादला चाहा डिपार्टमेंट से क्यों के रातों को काम करना अब पसंद नहीं अरहे थे दोनों दोस्तों को बीवी जो थी घर पे अब! मगर उन्नकि फरमाइश ठुकराई गयी क्योंकि कोमांडोस को कोई ऐसा चान्स नहीं मिलते थे एक्सेप्ट ऑन वेरी अर्जेंट केस!

अफ़ज़ल और विकास जब अकेले रूम में होते थे तो अपने अपने बीवी के बारे में दोनों बातें किया करते थे के किस की पत्नी किस से कितना प्यार करती है वाघहैरा वाघहैरा. अफ़ज़ल की पत्नी की एक फैशन की बीयुटिक थी. मतलब वो भी हाउसवाइफ नहीं थी, विकासा की तरह वो भी वर्किंग वाइफ थी.

दोनों दोस्त अपने सेक्स सुअल लाइफ के बारे में भी बातें करते थे और उन्न की पत्नियाँ कितने हॉट हे और कितना सेक्स करना पसंद करते थे यह बातें तक कर लेते थे दोनों. दोनों के बीच बिलकुल सीक्रेट नहीं थे. मगर दोनों जब रातों के शिफ्ट पर काम करने जाते थे तब बहुत मिस करते थे अपने पत्नियों का साथ, गरम बेड पर एक दूसरे के बाहों में रात बिताना और प्यार करना. इसी लिए दोनों ने कुछ और इंतेज़ान ट्राइ किए ताके रातों को काम ना करना पड़े मगर असफल रहे.

जब रातों को काम करने जाते थे तो वाइफ से रात रात भर मोबाइल से बातें करते थे और उन्न को सोने नहीं देते क्यों के वह तो किसी एमर्जेन्सी पर कहीं जाते थे वरना यूनिट में रात भर सिर्फ़ बैठे रहते थे सुबह तक. सोते भी थे. अब नयी नयी शादी हुई थी तो ऐसा तो चलना ही था.

एक रात को जब दोनों ड्यूटी पर थे तो चीफ ऑफ कोमांडोस इनस्पेक्षन के लिए आए हुए थे. यह वही थे जिसे ने इन दोनों की माँग को ठुकराया था. 55 साल का बहुत मज़बूत और कड़क इंसान था. तो इनस्पेक्षन करते वक्त जब वह दोनों दोस्तों के रूम में आए तो इनके नाम देख कर उसने पूछा, “यू बहुत अरे थे गाइस हूँ हद रिक्वेस्टेड फॉर कॅन्सलेशन ऑफ नाइट ड्यूटीस?” थोड़ा डरे हुए दोनों ने हाँ में जवाब दिए तो बॉस बैठ गये उन्न से बातें करने के लिए. उसे ने अपने बहुत स्ट्रिक्ट और भारी आवाज़ में दोनों के आंखों में गंभीरर्ता से देखते हुए कहा ;

« तुम दोनों को अच्छी तरह से मालूम है के तुम दोनों ने कोमांडो यूनिट जाय्न करते वक्त शापात लिए थे के सब से पहले देश और ड्यूटी आएगी तुम्हारी जिंदगी में ! ना आंटी ना बाप ना भाई बहन ना कोई रिश्ता ना कोई बंधन रोकेगी तुमको तो अब किया हुआ ? सब भूल गए तुम ? एक बीवी किया मिल गयी मतलब जो कुछ यहाँ सीखा सब बीवी के प्यार ने बदल दिए ? हमारा ट्रेनिंग, तपस्या, लेक्चर, सीख सब बेकार गये ? » वो उठे, कड़े हुए थोड़ा गुस्से में दिख रहे थे. विकास और अफ़ज़ल दोनों के बोलती बाँध थी. सर झुकाए दोनों छोटे बचे लग रहे थे एक मास्टर के सामने. बॉस दोबारा बैठे और फिर बोलने लगे उसी अंदाज़ में;

 

“देखो तुम दोनों जवान हो और मैं समझता हूँ के इस उमर में वाइफ के साथ वक्त बिताना चाहिए मगर हफ्ते में हम सिर्फ़ 2 डेज़ वीकेंड के ही फ्री दे सकते हे तुम को. बाकी जिसे हफ्ते में दे शिफ्ट करते हो तो रातों को तो साथ रहते हो अपने पत्नियों के बस जिसे वीक में नाइट शिफ्ट करते हो दूरी होती है, चलता है……. यह अभी तुम लोगों की नयी नयी शादी हुई है इसी लिए इसे फील कर रहे हो…. देखना कुछ सालों के बाद तुम लोग नाइट शिफ्ट ज्यादा करना पसंद करोगे, अपने बीवियों से दूर भगॉगे, मेरा बात याद रखना! और आज कल तो मोबाइल का ज़माना है. रात रात भर एसएमएस, चाटिंग नहीं करते हो क्या वाइव्स के साथ तुम? किया दुश्मनों तालुकात ही चाहिए रातों को? सेक्स के बिना गुजारा नहीं होता? अगर इतनी ही जरूरत होती है तो सुबह को जाते ही सेक्स कर लेना कौन सी बड़ी बात है? सेक्स के लिए कोई वक्त मुकरार नहीं होता, रात में करो या दिन में सुबह को करो या शाम को, सभी भी चलता है… बल्कि रात को तो सभी करते हे तुम मॉग अलग टाइम टेबल बना के करो अलग मजा आएगा देख लेना….. ई आम सॉरी गाइस ई कन्नोट अकॉर्ड मोर चेंजस इन युवर शेड्यूल्स अभी हॅव तो मूव ऑन थे वे इट इस! ऑल थे बेस्ट!” और हूँ खड़े हुए तो विकास और अफ़ज़ल ने उसको सल्यूट किया और वो दूसरे लोगों के रूम के तरफ चले गये.

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फिर विकास और अफ़ज़ल एक दूसरे को देख कर हंससने लगे! अफ़ज़ल बोला;

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“साला इसके पास हर बात का जवाब होता है! इस्सको किया नहीं पता होता!! सेक्स के बारे में भी बोल पड़ा कमाल है! मैं ने बिलकुल भी नहीं सोचा था के इस मुद्दे पर बात करेगा! हाहहाहा”

विकास ने जवाब दिया;

“उसको तजुर्बा है भाई. 50 के ऊपर का है, जिंदगी देखा है उसने!! इसी लिए अपने से बड़ों का लहाज़ करना चाहिए हमेशा, इन्नको हम से ज्यादा मालूम होता है जिंदगी के बारे में. »

अफ़ज़ल : « हाँ यार मगर किया तुमने सोचा था के सेक्स पर भाषण देगा वो ?”

विकास: नहीं मगर घौर करो तो हम दोनों ने जो रिकवेस्ट किए थे उसे से तो उसको समझ में आ गया होगा ना के हमारी नयी नयी शादी हुई है तो रात को वाइफ के साथ रहना चाहते हे इसी लिए चेंज करवाना चाहते हे अपने टाइम टेबल को…..”

अफ़ज़ल: “मगर एक बात पाते की कही बॉस ने; सच में सुबह सुबह घर जाने के बाद जब वाइफ ने अभी अभी नहा कर काम के लिए रेडी हो रही है उसको पकड़ कर भीगे हुए बालों के साथ बिस्तर पर पटक के चोदने में बड़ा मजा आता है, हहेहेहहे है के नहीं विकास ?”

विकास: “अरे भाई मैं भी यही कहने वाला था, कल ही मैं घर रीच हुआ तो विकासा बाथरूम से फ्रेश निकली थी गुनगुनाते हुए, और मेरा खड़ा हो गया एक रोड की तरह….. टॉवलिया लपेटे हुई थी किया इंतजार होता मुझसे? उठाकर बिस्तर पर पटका उसको और यार कैसे बताऊं कितना मजा आया जब वो नखरें करने लगी ‘चोररो अरे चोररो किया कर रहे हो सुबह सुबह, मैं अभी अभी नहा कर निकली हूँ मुझको फिरसे गंदा कर दोगे तुम चोररो मुझे……’ वैसे जब वाइफ नखरें करते हुए चुड़वाती है तो कुछ अलग सा मजा आता है ना भाई?”

अफ़ज़ल ने मुस्कुराते हुए सुना और रिप्लाइ किया; “ हाँ यार जब वो जैसे रेफ्यूज़ कर रही होती है और हम उसपर चढ़कर उसकी कपड़े हटते हुए , किस करते हुए जिस्म के हर उसे जगह पर जो सामने आ रहे हो, और उसकी नखरें एक सिसक में बदल जाती है जब हमारे जीभ उसकी चुचियों या नीचे पड़ते हे तो किया अजीब फील होता है बॉस! वो बयान करना ही मुश्किल है …अरे विकास मेरा खड़ा हो गया यार हाहहहाहा!!!!”

और हँससटे हुए विकास ने अपने हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए कहा, “वही हाल इधर भी है बॉस!!यह देख!!”

दोनों दोस्त अपने अपने पत्नियों को याद करते हुए अपने ऑर्गन पर हाथ फेरते हुए अपने अपने वाइफ को फोन किए……………..

दिन, महीने, बीतते गये और दोनों दोस्त वैसे ही अपने पत्नियों से कभी दूर तो कभी रातों को पास होते. और तकरीबन एक साल गुजर गया वैसे ही. एक हफ्ता रात को साथ होते तो दूसरे हफ्ते बीवी रात को अकेली रहती. आदत हो गयी इन चारों को वैसे ही जीने की.

हाँ हर वीकेंड पर दिन रात साथ होते थे सब. तो अक्सर अफ़ज़ल और विकास प्रोग्राम बनाते; चारों एक साथ कभी सिनेमा जाते, तो कभी समंदर किनारे छोटी सी पिकनिक के लिए, या घूमने जाते साथ सब. महीने में एक वीकेंड चारों साथ बिताते थे. कभी अफ़ज़ल अपने पत्नी के साथ विकास के यहाँ आता तो कभी विकास, विकासा को लेकर अफ़ज़ल के यहाँ जाता. दोनों पत्नियों को पकना आता था, तो जब चारों घर में एक साथ होते तो दोनों बीवियाँ किचन में अच्छे पकवान बनाते और दोनों मर्द कभी बियर पीते या कभी यूँही साथ में गुपशुप लगाते. अफ़ज़ल की बीवी का नाम शिरीन था. तो शिरीन और विकासा अच्छे दोस्त बन गये और सभी आवरतों की तरह यह भी अपने अपने पति के बारे में तरह तरह के बातें करते और कभी हँससटे उन्नको और कभी चिढ़ाते थे.

दोनों यंग लॅडीस अपने सेक्स लाइफ के बारे में भी बातें करते थे. शुरूवात शिरीन ने किया था अपने बेडरूम की बातें करने से, तो विकासा भी शेयर करने लगी उसे से अपने बेडरूम की बातों को. दोनों ने यह भी बात किए के जिन्न रातों को हज़्बेंड्स काम पर जाते हे तो वह कैसे रात गुजारते हे अकेले……

पूरा एक साल गुजरने पर, दोनों जवान आवरतें एक दूसरे के इतने नज़दीक आ गाए थे के इन के बीच सीक्रेट्स भी होने लगे. अब लॅडीस लोग तो सीक्रेट्स शेयर करते ही हे मगर वह लॅडीस टॉक होते हे और हम मर्दों को बताने से वह लोग मना करते हे यही कहते हुए के ‘इट्स लॅडीस टॉक्स!’

अब किस तरह के सीक्रेट्स शेयर करते थे विकासा और शिरीन यह बाद में पता चलेगा हम सबको. अभी के लिए इतना काफी हे के यह दोनों बहुत नज़दीक हो गये थे और वक्त बीए वक्त मिला भी करते थे. दोनों आवरतें मॉडर्न थी, पढ़ी लिखी थी, एक टीचर तो एक बीयुटिक वाली, कभी बीयुटिक में मिलते दोनों और वहाँ से कहीं जाते, तो कभी घर में मिलते दोनों. दोनों की बहुत जमती थी. बिलकुल जैसे विकास और अफ़ज़ल दोस्त थे यह दोनों भी बिलकुल वैसे ही दोस्त बन गये थे.

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