Darinde Se Mohabbat- 22

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और जल्द ही विकास सोनिया के जांघों के बीच पाए गये, उसकी दोनों टाँगों को एक तरफ करके उसने अपना सर उसके दोनों जांघों के बीच करके अपने जीभ से उसकी चुत को चाहते जा रहा था जबकि सोनिया बहुत कोशिश कर रही थी अपने कमर को हिलाते हुए उसको पोज़िशन नहीं देने को मगर तब भी नाकामयाब रही…. जिसे वक्त विकास का जीभ ने सोनिया की चुत से पहली तकरार हुई तो सोनिया चिल्लाई और सिसकियाँ लेते हुए फिर से गिड़गिड़ाई के वो आनच्छुई है और विकास से रोकने की बीननति किए …. मगर विकास अपने आप में मग्न था वो सुन भी नहीं रहा था के सोनिया किया बोल रही है….. एक पागल कुत्ते की तरह वो करता गया जो उसको करना पसंद आ रही था… सोनिया ज़ोर से रोने लगी फिरसे बिल्लाते हुए…. मगर विकास कभी चुत को तो कभी उसके जांघों को चाट और चुस्स रहा था….. उसकी चमरी इतनी कोमल थी के ज़रा सा चुस्सने से काला रंग पर जाता था और बूब्स से लेकर पेट, कमर, जांघें चारों तरफ लाल और काला रंग पर गया था विकास के चुस्सने से….. सोनिया भरपूर कोशिश कर रही थी के विकास उसके गले में दाँत ना काटे और नहीं चुस्से….. अगर वहाँ वैसा किया तो सब साफ दीखेगा ऐसा सोचा सोनिया ने…..और सोनिया ने खुद के बूब्स देखे कैसे लाल हो गये थे जहाँ जहाँ विकास ने चुस्सा था…..

आकीर में विकास सोनिया की जिस्म के ऊपर आया और अपने लंड को उसके जांघों के बीच रगढ़ा कई बार…एक बार थूक लगागे रगढ़ा… सोनिया फिरसे स्ट्रगल करने लगी और कई बार छोटे छोटे थापर मारे विकास ने उससो स्ट्रगल की वजह से…. सोनिया रोती जा रही थी और विकास अब जोश में आ चुका था और उसने सोनिया के जांघों को चिहारते हुए अपने लंड को कसके ज़बरदस्ती तूससने की कोशिश किया… सोनिया चिल्लाती गयी कमर को हिलाते हुए ताके विकास कुछ नहीं कर सके…. कोई 10/15 बार ट्राइ करने के बाद आख़िर विकास का लंड सोनिया की चुत में थोड़ा सा गुस्सा और उसे वक्त सोनिया ने बहुत ही ज़ोर से चिल्लाआए और रोते हुए “हे भगवान!!” कहा…. मगर विकास ने लंड को अंदर नहीं डाला फिरसे निकाला बाहर और दोबारा तुस्सा…सोनिया फिर चिल्लाआए और कहा, “स्टॉप इट यू बस्टर्ड ई आम आ वर्जिन डॅम इट दो यू अंडरस्टॅंड??!!”

यह सुनकर विकास को थोड़ा सा झटका लगा मगर उसका चोदने का मन इतना ज्यादा था के उसने उल्टा सोचा के “चलो एक वर्जिन मिल गयी आज चोदने को मुझे!!” और वो तो मग्न होकर मजे से लंड को चुत में घुसेड़ता गया, अंदर बाहर करता गया और उसको इतना मजा आने लगा के सहनाया को बाहों में भर लिया और उसके गले को चुस्सने जा रहा था मगर सोनिया रोते हुए, बिल्लत्ते हुए, अपने गले को उसके मुँह से बचाने की कोशिश करते हुए अपने दोनों हाथों को उसके छाती पर पुश कर रही थी जिसे वक्त उसका लंड अंधहदून उसकी चुत में ढके मर रहा था……

विकास हंफफने लगा और बहुत जल्द ही “आआाागघघघघघघ्गग वव्वाााआआहह सस्स्स्स्स्स्स्शह कितना मज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आ रही है रही तेरे साआअतह!!!! आआआआआअहह……..” विकास झार्र्ने वाला था और शुक्र है के उसको इतना याद रहा के लड़की वर्जिन है तो अपने लंड को बाहर निकाला झार्र्ने से पहले और हाथ में लंड को कसके संभाले हुए अपना सारा वीर्य सोनिया के पेट से लेकर वो पिचकारी मारा के सोनिया के बूब्स, गला और चेहरे पर उसका वीर्य गिरर पड़ा…..

सोनिया बहुत रो रही थी हद से ज्यादा….. रोती जा रही थी और हनफफ्टे हुए विकास उसके पेट और बूब्स पर अपने वीर्य को लीप रहा था मस्सलते हुए…….

एक घंटे तक सोनिया रोती रही अपने कपड़े पहन कर. बैठी रही उसी कोने में और रोती रही…. बहुत कुछ सोच सोच कर और ज्यादा रो रही थी….. उसे को लग रहा था उसकी आत्मा का रेप हुआ है…. रवणड़ा गया है उसकी आत्मा को….. उसकी आत्मा शरीर से ज्यादा घायल हुई थी…. वो उन्न लड़कियों में से थी जो अपने वर्जिनिटी को एक अमानत की तरह संभाल कर रखते हे अपने पति को सुहाग रात की रात को सोंपने के लिए. और आज जो उसके साथ हुआ वो बयान के बाहर है. सोनिया इतनी रोती जा रही थी जबकि विकास दूसरे कोने में खड़ा एक ड्रिंक पी रहा था और पूछा वहीं से अगर सोनिया को प्यास लगी है…. मगर सोनिया ने उसको कोई जवाब नहीं दिया और ना उसके तरफ देखा…..

कुछ देर बाद विकास उसके पास आया और एक हाथ उसके जिस्म पर फेरते हुए कहा, “एक बार और करने को मन कर रहा है, अब तो तू वर्जिन नहीं रही तो किया हर्ज है अगर एक बार और करूँ तो?… सोनिया बहुत ज़ोर से चिल्लाई और नहीं कहा…मगर विकास उसके कपड़े फिरसे उतारने लगे…. उसकी ब्रा टूटी हुई थी मगर वैसे ही बाँध कर सोनिया ने पहन लिया था और विकास ने एक बार फिरसे सोनिया को नंगा किया उसी जगह पहले की तरह और दोबारा उसकी रेप किया….. जिसे वक्त इस बार उसने अपने ऑर्गन को सोनिया के अंदर डाला तो सोनिया चिल्लाई यह कहते हुए….. “तुम एक जानवर से बत्तर हो….. यूँ समझलो के मैं घायल हुई हूँ और उसे घाव पर तुम मिर्ची माल रहे हो कुत्ता हो तुम!!! “ बहुत बिल्लत रही थी सोनिया और स्ट्रगल भी करती जा रही थी… अब एक घंटा पहले विकास ने किया था तो इस बार देर लगा रहा था और कमर हिलाते हुए अपने लंड को अंदर बाहर किए जा रहा था तो सोनिया से सहम नहीं हुई तो रोती हुई बोली, “एक जलन सी हो रही है वहाँ बहुत दुख रही है रुको प्लीज़ इंसानियत के नाते रुक जाओ मुझसे सहम नहीं हो रहा है मर जाऊंगी…… प्लीज़ रुक जाओ !!!” और इतना रोती गयी चिल्लाते हुए के सोनिया के मुँह से “माआआआआ” की चीख निकली ज़ोर से!!! उसकी जिस्म काँप रही थी, उसको कभी ठंड तो कभी गर्मी लग रही थी, उसको ऐसा लग रहा था के बुखार है उसको….समझ में नहीं आराहा था के किया करे…….. अब विकास नहीं झड़ रहा था तो सोनिया की हालत देखते हुए रुक गया……, ठीक उसी वक्त सोनिया ने चिल्लाते हुए उसे से कहा, “तुम्हारी आंटी या बहन के साथ कोई ऐसा करेगा तो कैसे लगेगा तुम्हें? कभी सोचा है तुमने कुत्ते!!”

तब तक विकास रुक गया था और अपने शैतानी मुस्कान से कहा, “अब रुक तो गया हूँ अब किया चाहती है तू!!”…..

सोनिया अपने दोनों टाँगों को एक साथ जोड़ कर बैठ गे अपनी कमीज़ से जिस्म को देखते हुए और जोरों से रोती गयी…… उसको दर्द हो रहा था नीचे…. बहुत दर्द… और विकास का जिस्म इतना भारी था के उसके दोनों जांघें भी दुख रहे थे…. उसके कमर भी धुकने लगे…. पीठ में भी दर्द होने लगी…. सोच रही थी चल नहीं पाएगी आज…. पयर तार्र तार्र काँप रहे थे…. उसने कैसे भी करके दोबारा अपने कपड़े पहने और खड़ा होने की कोशिश किया मगर नहीं हो सका… फिर बैठ गयी…. उसका पूरा जिस्म जैसे च्चालनी हो चुका था… अब सोनिया की पेट का नीचे वाला हिस्सा दर्द कर रहा था, और उसको पेशाब लगी थी ज़ोर से!! अब किया करती…. उसे गद्दे में नीचे कहाँ जाती विकास वहीं था…. मजबूरन रोते हुए ही उसको विकास से कहना पड़ा, और कोई रास्ता नहीं था…… उसने इसे बात किया;

“तुम में ज़रा सा इंसानियत तो होगा ना, बोलो? समझ रहे हो मैं किया कह रही हूँ इंसान हो या जानवर तुम….” विकास उसे वक्त एक सिगरेट जला रहा था और सोनिया के तरफ गांबीररता से देखते हुए कहा, “किया कहना चाहती हो साफ लवज़ों में कहो, मुझसे पहेलियाँ बुझाने की जरूरत नहीं….”

सोनिया के समझ में नहीं आ रही थी के कैसे कहें….. वो लड़की जो मर्दों से परदा करती थी जिंदगी भर आज एक इसे बात को कहना था जो अपनी आंटी के अलावा उसने बचपन में भी किसी मर्द से नहीं कहा कभी…… उसको लग रहा था के उसका पेट फट जाएगा इतनी ज़ोर से पेट दुख रही थी एक तो रेप की वजह से ऊपर से इतनी पेशाब लगी हुई थी, और पेशाब करने की जगह नहीं थी वहाँ…. फिर बहुत बेबुससी के सात सोनिया ने एक तरफ देखते हुए और बिल्लात्ते हुए कहा, “मुझको टॉयलेट जाना है सहम नहीं होता और मैं चल भी नहीं सकती…..किया करूँ?” और ज़ोर से बिलटते हुए रोने लगी अपनी सर को पीटते हुए!!”

विकास समझ गया और उसको अपने काँधे पर उठाया…. सोनिया इनकार नहीं कर सकती थी हिलना के वो नहीं चाहती थी वो उसको छुए, मगर हालात इसे थे के मजबूरन सोनिया को चुप रहना पड़ा और विकास ने काँधे पर सोनिया को लेकर सीधी चढ़ा और गन्ने के खेत में निकले ऊपर…… और विकास ने उसको खेत के अंदर जाने को कहा…. बहुत मुश्किल से सोनिया ने चलने की कोशिश किए… एक बार गिरर भी गयी और विकास ने उसको उठाया….. और कहा, “खबरदार अगर भागने की कोशिश की तो… मैं देख रहा हूँ तुमको….” सोनिया ने पूछा, “किया मैं भागने की हालत में हूँ?”

वहाँ से सोनिया को आराम मिला तो वापस विकास ने उसको उठाकर नीचे गद्दे में लेगया. और इस बार सोनिया ने अपनी बोतल से पानी पिया….. चुप रहने की कोशिश कर रही थी मगर नहीं हो पा रही थी…. रोना आ रही था अपने आप उसको…. कई बार विकास ने डांन्त्टे हुए कहा, “विल यू चुत उप? तुम्हारे रोने से किया तुम्हारी वर्जिनिटी वापस अज़एगी?” चुप भी करो अब वरना एक बार और करता हूँ मैं!!”

और एक घंटा बीत गया… तब सोनिया ने रोना बंद किया मगर रही रही कर कुछ सोच कर कभी कभी और रोती थी…. बहुत बुरा हाल था उसका…. उसको अगर उसे वक्त कोई जान पहचान वाले देखता तो नहीं पहचानता उसको…. बाल बिखरे हुए, चेहरा सूझा हुआ, एँखहें धँससी हुई रोने के कारण…. बहुत दुखी लग रही थी…..

तो विकास ने कहा;

“तुमको एक दो रोज़ यहीं रहना होगा…. तुम इस हालत में घर नहीं जा सकती… घरवाले तुमसे बहुत सवाल करेंनगे… और तुमको कुछ भी नहीं बताना है वरना मर डल्लूंगा तुमको और तुम्हारी बहन भी है तुमने कहा ना उसको भी नहीं चोरृूंगा अगर तुमने कुछ बताया तो!!”

सोनिया को शॉक लगा और कहा,

“इंपॉसिबल मैं यहाँ नहीं रुक सकती हूँ… शाम 5 बजे मेरे घरवाले मेरी राह देखेंगे, मैं उसे वक्त काम से वापस घर जाती हूँ सबको पता चल जाएगा और पुलिस में रिपोर्ट कर देंगे मेरे घरवाले और तब तुम किया करोगे?”

विकास ने कहा,

“अभी इसी वक्त फोन करके बताओ के अपनी किसी दोस्त के यहाँ जा रही हो और उसे दोस्त को फोन करके बोलो के वो हाँ कहे अगर घरवालों ने उसे से पूछा तो!!”

सोनिया: “नामुमकिन है, मैं आज तक कभी भी किसी के यहाँ नहीं रही हूँ, मेरे परिवार बिलकुल यकीन नहीं करेंगे…पागल हो तुम किया? किया समझ रखा है मुझे!!”

विकास: “तो फिर और कोई रास्ता नहीं सबको पता चल जाने दो के तुम किडनॅप हुई हो और सब को ढूंढ़ने दो… मुझे पता है के मैं कब और कैसे तुमको वापस पोंह्चौँगा… किसी को इस जगह का पता नहीं और कोई तुमको यहाँ नहीं ढूंढ. पाएगा.”

सोनिया फिरसे रोने लगी और कहा, “देखो मैं वादा करती हूँ के किसी को कुछ नहीं बताऊंगी, बता भी नहीं सकती…. मैं वचन निभाती हूँ, आज तक मैं ने यही सीखा है के किसी को वाचहन्न दो तो कभबी नहीं तोड़ना चाहिए…तो मैं तुमको वचन देती हूँ के किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, बस मुझे घर वापस जाना है …… किसी भी कीमत पे मुझे घर वापस जाना चाहिए शाम 5 बजे.”

विकास को उसकी बातों में सचाई की झलक दिखी…. उसको लगा के वो सच में कुछ नहीं बनाएगी शर्म के मारे…. फिर भी विकास ने कहा,

“तो तुम इस हालत में घर जाओगी तो किया जवाब डोगी, देखो अपने आप को, बिलकुल वो नहीं लग रही हो जिस्सको मैं यहाँ लाया था… कोई और दिख रही हो….”

 

सोनिया बोली, “मेरा मेकअप है मेरे बैग में मैं मेकअप कर लूँगी और बुखार होने का बहाना करते हुए घर जाऊंगी और एक दो दिन काम पर नहीं जाऊंगी फिर ठीक हो जाऊंगी…..” यह कह कर और भी ज्यादा रोने लगी सोनिया….

विकास ने कहा,

देखो वहाँ दो बाल्टी पानी रखा है मैं ने, अपने आप को वॉश करो तब मेकअप करना, अपनी बाल भी बनाना, मुझे तसल्ली हो जाएगी के तुम ठीक दिख रही तो तब फैसला करूँगा के घर जाओगी या नहीं!”

सोनिया गयी पानी से वॉश करने मगर नहीं कर पा रही थी तो विकास गया हेल्प करने, उसने एक बर्तन से पानी दिया उसको और सोनिया ने वॉश किया एक ब्यूटी सोप से जो विकास ने रखा था…यह सब सोच लिया था पहले से विकास ने जब माल गया था तो उन्न सब चीज़ों को खरीदा था, टावल भी था.

कुछ देर बाद सोनिया मेकअप कर रही थी जल्दी से क्योंकि उसको घर वापस जाना था कैसे भी करके…. अपने बालों में कंघी भी किया, बाल सावारे और थोड़ी देर बाद विकास के सामने खड़ी हुई और पोछा “ अब ठीक है है?”

विकास बोला, “तुम लड़कियों को सजने संवारने में प्राइज़ मिलना चाहिए, अभी किया लग रही थी और अब किया लग रही हो…. बेहद खूब सूरत हो तुम…..”

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सोनिया को बहुत डर लग रहा था, रोना बंद हो चुका था मगर अब घर का फिक्र उसको ज्यादा फ़िकरमंद कर रही थी….. अपने आंटी और बाप को सोकछते हुए वो घबरा रही थी, उसको किसी भी कीमत पटा घर जाना ही था, तो विकास जो भी कहता था सोनिया को मना पर रहा था….

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विकास ने सोनिया की मोबाइल से खुद के सेल फोन पर मिस्कल्ल किया और, फिर सोनिया के सेल पर आउट गोयिंग कॉल को डेलीट कर दिया ताके सोनिया को उसका नंबर का पता ना चले… मगर विकास को उसकी नंबर मिल गया था अपने मोबाइल पर….. सोनिया ने देखा और पूछा, “किया कर रहे हो?”

विकास ने कहा के उसका नंबर ले रहा है और उसको फोन करेगा रात को. सोनिया ने कहा, “और तुम समझते हो के मैं तुमसे बात करूँगी? हरगिज़ नहीं! मुझे तुमसे नफरत है. मैं ने तुमको वचन इस लिए दिया क्योंकि मैं सच में किसी को कुछ नहीं बता पाऊंगी. जो कुछ मेरे साथ तुमने किया वो मुझ तक ही रहेगी…… मगर तुम सुनलो इसका बदला भगवान तुमसे लेगा, तुमको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी मत भूलो के ऊपर बैठा वो सब देख रहा है और हर गुनाह की सजा इसी दुनिया में मिलते हे सबको….”

विकास को गुस्सा आया और चिल्ला कर घुस्से में कहा;

“कैसा गुनाह? कौन सा सजा? जब सभी औरतें रंडी हे और मर्दों को, अपने हज़्बेंड्स को धोका देते हे दूसरों से चुदवाते हुए तब उन्नको सजा मिलती हे या उसे पति को सजा मिलती है सब सहने की? मैं ने किया बिगरा था विकासा का? अफ़ज़ल ने किया बिगरा था शिरीन का? कविता को क्यों इतने लड़कों के साथ चुदवाना चाहिए छोटी सी उमर में और बताऊं दर्ज़नें इसे औरतों को जानता हूँ जो इसे रंडी हे सब!! और उन्न सब का सजा मर्द को क्यों मिलते हे?!!”

सोनिया को अजीब सा दर्द दिखा विकास के आंखों में और उसे ने देखा के विकास की एँखहें नाम हो गये यह सब कहते हुए……

सोनिया तो वो लड़की है जो दूसरों के लिए जीती है, वो और उसकी आंटी बाप और सभी घर के लोग इसे ही हे….दूसरों के दर्द को बाँटे हे, यह वह लोग हे जो दूसरों के लिए जीते हे अपने लिए नहीं, यह वह लोग हे जो दूसरों के घाम को अपना घाम समझते हे…जो दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझते हे….. बचपन से सोनिया इसे ही है, अपनी आंटी बाप पर गयी है, बहुत नर्म दिल और दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझने वाली है सोनिया और जब विकास ने यह सब कहा तो सोनिया एक पल के लिए अपना दुख भूल गयी और उसको विकास पर तरस आई और सब कुछ डीटेल्स में बताने को कहा. सोनिया ने पूछा शिरीन कौन और अफ़ज़ल कौन और कविता कौन?

अपनी दास्तान को सुनते वक्त विकास रो पड़ा….. रोते हुए उसने बयान किया के कैसे वो आज कल के लड़कियों को देख कर शादी करने से घबराता था के कहीं उसको इसे वैसे लड़की नहीं मिल जाए….. आख़िर में शादी किया और अंत वही हुआ जिससका उसको डर था… विकासा ने उसको धोका दिया और शिरीन ने अफ़ज़ल को और आख़िर में अफ़ज़ल ने भी धोका दिया उसको उसकी एक्स वाइफ के साथ जाकर…. यह सब चिल्लाते हुए, घुस्से में और बहुत दर्द के साथ बयान किया विकास ने और सोनिया रोने लगी…. बहुत ज़ोर से रोने लगी अपने लिए नहीं अब विकास के लिए रो रही थी…. तब बाद में खुद पर उसको रोना आया के उन्न लोगों की वजह से आज उसकी यह दशा हुई!!!

सोनिया को विकास के दिल में लड़कियों के लिए नफरत का पता चल तो गया फिर भी उसको माफ तो नहीं कर सकती थी जो उसने उसके साथ किया….. तरस आ रही थी उसको उसे वक्त विकास पर और एक बार सोनिया ने कहा;

“मैं तुम्हारा चेहरा देखना चाहती हूँ किया यह कर सकते हो मेरे लिए?”
विकास ने कहा; “आज नहीं मगर एक दिन जरूर आऊंगा तुम्हारे सामने इस नक़ाब के बिना….”

सोनिया: “तुम करते किया हो ? मतलब किया काम करते हो?”

विकास: “वो भी फिर कभी बताऊंगा आज नहीं!”

सोनिया: “मतलब तुमको मुझे फिरसे मिलने की उम्मीद है?”

विकास: “हाँ! मिलेगी और जरूर मिलेगी!”

सोनिया: “हरगिज़ नहीं… कभी नहीं इसे सपने देखना बंद करो…. मुझे तुम पर और तुम्हारे दास्तान सुनकर तरस आया तुम पर इसका मतलब यह नहीं के मैं सब भूल गयी हूँ जो तुमने मेरे साथ किया………………… एक बात बताओन तुम्हें मैं?”

विकास: “किया?”

सोनिया: “तुम्हें पता है मैं क्यों तुमसे खुल कर बातें किए जा रही थी जिसे वक्त तुमने मुझको उठाया था?”

विकास हेयरान होकर सोनिया के आंखों में देखते हुए पूछा, “क्यों?”

सोनिया: “इस लिए के मुझे तुम में एक अपनापन सा लगा, लगा के तुमसे कोई नाता है, लगा के तुम कोई अपना हो और चेहरे को छुपा कर मुझे सर्प्राइज़ देना चाहते हो…. मुझे लगा के मेरा तुमसे कोई रिश्ता है उसे वक्त….. मगर जब तुमने यह करकट किए तो मैं सोचने लगी केन मैं कितनी गलत थी….. कैसे और क्यों में ने एक अजनबी में रिश्ता ढूंढ़ना चाहा…क्यों में ने तुम्हारे आंखों में कुछ ऐसा देखा जीसस्सकॉ देख कर उसे में कोई रिश्ता सा दिखाई दिया… क्यों ऐसा लगा था मुझे?!! इसी लिए तुम्हारे चेहरे को देखने का मन कर रहा था मुझे…. खैर अब जाने दो नहीं देखना मुझे के तुम कौन हो, जो भी हो गलत आदमी हो तुम…हाँ हालत का शिकार हो मगर हालत तुमको यह करने पर मजबूर नहीं करता, यह सब तुमने खुद अपने आप किया….

शाम 4 बजे तक दोनों बातें करते रहे एक दूसरे से!!! कभी कभाअर सोनिया अपने बड़ी में सोच कर रो देती तो कभी विकास अपने बारे में कुछ कहते हुए रो देता….. और सोनिया ने घड़ी देखी और कहा,

“अब मुझे निकलना चाहिए ताके 5 बजे तक घर रीच हो सकूँ….”

विकास खड़ा हुआ और मूंड़ कर सोनिया को देखा और पूछा,

“कैसी हो? बेहतर फील कर रही हो अब? चल सकती हो?”

सोनिया के आंख भर आए विकास के इस एक सवाल से! वो सोचने लगी यह वही इंसान है जिससने उसका रेप किया? कैसे अब ख्याल था उससे के मैं ठीक भी हूँ के नहीं?!! और जवाब में सोनिया ने सिर्फ़ सर को हाँ में हिलाया!

विकास ने सोनिया को पहले सीधी चढ़ने को कहा, जब सोनिया चढ़ रही थी तो उसका एक पयर फिसल गया और नीचे विकास ने अपने हाथ में उसके पयर को संभाला चप्पल समेट…. विकास उस वक्त ऊपर सोनिया को देखते हुए उसकी वज़न अपने हाथ में थामा हुआ था…. सोनिया ने उसके आंखों में देखा और फिर वही अपनापन दिखा उसको विकास के आंखों में और जब दोनों ऊपर आ गये तो सोनिया ने रोते हुए कहा,

“तुम में अपनापन दिखा मुझे इस लिए मैं तुम्हारे साथ यहाँ आई और सोचो कितना दुख होता है जब कोई अपना होकर किसी के साथ वो करता है जो तुम ने मेरे साथ किया!!! बहुत दुख होता है….कोई अपना ऐसा नहीं करता….. जिंदगी भर अपने आप को तुम खुद माफ नहीं कर सकोगे जो आज तुमने किया…. याद रखना मेरी बात को तुम!!”

विकास का मन काँप उठा सोनिया के बातों को सुनकर और वो बिलकुल खामोस्श रहा अपने आप को कुसूरवार समझते हुए……
विकास कार ड्राइव करते हुए उसे जगह गया जहाँ सोनिया बस से वापस घर जाती है. उसने सोनिया को अपने घर तक चॉर्र्ने को कहा मगर सोनिया ने मना किया और कहा उसको उसी बूस्टॉप पर चोदना जहाँ से वो हर रोज़ बस लेती है….. शनाया नहीं चाहता था के विकास को उसके घर का पता चले…. और जब सोनिया कार से निकली तो मूधकर विकास को देखा और कहा, “खबरदार अगर मुझको फोन किया तो, मैं कोई जववाब नहीं दूँगी और एक दो दिन में इस सिमकार्ड को बदल दूँगी….”

यह कह कर सोनिया बस स्टॉप पर चली गयी…. विकास कार के अंदर से ही उसको बस आने तक देखता राहा…. बस आई और सोनिया चली गयई मूधकर देखा भी नहीं विकास को बस के अंदर जाते वक्त जो विकास एक्सपेक्ट कर रहा था के वो मूधकर देखेगी उसको…….

विकास घर जाकर बहुत रोया अपने सर को दीवार पर पीटते हुए….. अपने घर का बहुत सारे सामान को थोड़ा घुस्से में…अपने आप पर उसको बहुत गुस्सा आ रही था…अपने किए पर बहुत पचता रहा था…. कैसे बदलेगा जो कुछ उसने किया….. उसका किया भरपाई है?? किया कर सकता है अब!!!

उधर सोनिया घर जाते ही अपनी आंटी से कहा के उसको बुखार है शायद वो ठीक नहीं और नहा कर सोने चली गयी अपने कमरे में….. और कंबल ने नीचे मुँह छुपा कर खूब रोई… रात बारह बजे तक रो रही थी, कभी अपने लिए तो कभी विकास की जिंदगी को सोच कर… विकासा के बारे में सोचकर विकास के लिए बहुत अफ़सोस हो रहा था सोनिया को….. सोच रही थी के विकास को सहारे की जरूरत है…. अपनी घाम भूल गयी और सिर्फ़ विकास के बारे में सोच रही थी….और सोचने लगी के वो कैसा दिखता होगा….. विकास के जिस्म को भी सोचा सोनिया ने क्योंकि उसके जिस्म के अलावा उसने विकास की जिस्म का कोई और हिस्सा देखा ही नहीं था सिर्फ़ उसका नंगा जिस्म ही ज्यादा देखा था सोनिया ने…..

और फिर सोनिया अपने खुद के जिस्म के ऊपर जो हुआ वो सब सोच के रोने लगी और नफरत हुई विकास से उसको….. मगर फिर सोचने लगी के विकास के आंखों में किया कशिश थी जिसे में उसको कोई रिश्ता दिख रहा था…कौन था वो आदमी जिससने उसका बलात्कार किया आज?!!

1 बजे रात को विकास ने सोनिया की मोबाइल पर फोन किया… उसको पता था के सोनिया नहीं सो रही होगी….. मोबाइल वाइब्रट पर था….. सोनिया को पता था के हूँ फोन करेगा, मगर अननोन नंबर दिख रहा था, विकास ने अपना नंबर हाइड किया हुआ था…. सोनिया ने पफ़ॉने बजने दिया, एक बार, दो ंबार तीन बार…… 20 बार विकास ने फोन किया मगर सोनिया ने नहीं लिया….. सामोर को गुस्सा आ रही था के क्यों नहीं ले रही हओ फोन…… आधे घाटे बाद फिरसे फोन किया मगर इस बार मोबाइल स्विच ऑफ रहे थी…सोनिया ने फोन बुझा दिया ……. अब विकास पागल होने लगा, वो उसे से पूछना चाहता था के घर में किसी को कोई शक तो नहीं हुआ…. पूछना चाहता था के वो कैसी फील कर रही है, पूछना था के किया दर्द कम हुआ के नहीं……….

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