Darinde Se Mohabbat- 7 April 15, 20150

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पहला हफ्ता कैसे भी करके गुजरा, और बहुत बोर्डम फील कर रहे थे सब के सब. 2 सुपीरियर्स उन्न के साथ थे और जहाज़ पर ही ड्रिल्स वाघहैरा हुआ करते थे. मगर सिर्फ़ घंटों भर फिर स्पाइयिंग का काम होता था. गार्ड्स के जैसे काम करना था. कभी हेलिकॉप्टर से किसी जज़ीरे का मोआएना किया जाता था और हेलिकॉप्टर से ही उसस्स जज़ीरे पर विकास और उन्न के साथी उतरते थे वाले एक्विप्ड रस्सी और दूसरे सामान के साथ.

समालीया के कोस्ट पर भी अक्सर जाना होता था और बीच समंदर में जिसे जगह वह पाइरेट्स अटॅक किया करते थे उन्न जगाओं पर हर रोज़ टूर लगाना पड़ता था बंदूक, और बाकी के हत्यारों से लेंस होकर.

एक महीने समंदर के बीच गुज़ारने के बाद कोई भी पाइरेट्स से तकरार नहीं होने पर रेडियो से यूनिट पर कॉंटॅक्ट किया गया तो उन्नको वापस आने को कहा गया. कोसों मिले दूर थे देश से और इंडियन ओशन से वापस जाने के लिए जहाज़ को शुरू किया गया के सिर्फ़ एकात घंटे के सफ़र के बाद एक तूफान की चितवनी मिली जिसे अवर् जहाज़ तरफ रहे थे…. इंडियन ओशन में जो तूफान आते हे बहुत भयंकर होते हे और तहेस नहेस कर जाते हे.

कोमांडोस को कुछ पता नहीं था उसे वक्त, सिर्फ़ जहाज़ की कॅप्टन को खबर मिली थी. सब कोमांडोस आराम कर रहे थे केबिन में. विकास को खुशी हुई के तीन महीनों की बजाए एक ही महीने के बाद वापस देश जा रहा है और उसके साथी भी बहुत खुश थे. बात चीत चल रही थी दोस्तों के बीच. और फिर से लड़कियों की बात चली. अब नौजवान लड़की के ही तो बात करेंगे! अफ़ज़ल ने शुरू किया उसे मुद्दे पर बात.

“यार मेरे आंटी बाअप ने लड़की देख रखा है मेरे लिए और शादी के लिए ज़ोर दे रहे हे!”
विकास: “मुझसे भी घरवालों ने इस बारे में बात किए मगर मैं ने इंकाअर किया अभी.
एक और दोस्त बोला,
“अरे कमाल की बात है मेरा भी यही हाल है मेरे पेरेंट्स भी शादी के लिए बोल रहे हे!! मगर मैं तो एंजाय करना चाहता हूँ बहुत सारे गर्लफ्रेंड्स हे मैं तो एयश करता रहता हूँ शादी किया तो सब बंद हो जाएगा!”
इस बात चीत के दौरान अफ़ज़ल ने बताया के उसने लड़की को देख लिया है. और उसको वो पसंद भी है. उसे वक्त विकास ने दिल ही दिल में सोचा, “पता नहीं लड़की ने कितने बाय्फरेंड्स रखे होंगे अफ़ज़ल से पहले!! और पता नहीं किया किया गुल खिलाए होंगे उसे ने ” उसके दिमाग में फिर वही मुहल्ले के दोस्तों के बीच किए बातें याद आ गाए… मगर फिर विकास ने सोचा मगर हर लड़की तो एक जैसी नहीं हो सकती ना…. अफ़ज़ल की होने वाली जरूर अच्छी होगी.

उधर इन एक महीने के दावरान विकास के अंकल ने कई और लड़कियों के बाप से मिल लिए और बात भी कर लिए थे और विकास का वापसी का इंतजार कर रहे थे. मगर विकास को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था.

केबिन में अचानक एक इसे झटका लगा के बहुत सारे चीज़ ज़मीन पर गिरर परे और ऐसा लगा के जहाज़ किसी चीज़ से टकरा गया. सब झटपटा कर बाहर निकालने ही वाले थे के सुपीरियर ने बोला,
“तेरे इस आ सिवियर ट्रॉपिकल साइक्लोन इन थे सी और अभी कन्नोट गो अहेड. अभी हॅव तो स्टे वेर अभी अरे इफ़ अभी मूव थे बहुत कॅन गेट कॅपसाइज़्ड. यू अरे ऑल अड्वाइज़्ड तो वेर युवर लाइफ जॅकेट्स और भी रेडी फॉर अन्य सॉर्ट ऑफ इंटरवेन्षन अट अन्य मोमेंट! भी अलर्ट और स्टैंड बायें! डोंट फर्गेट यू अरे स्टिल ऑन ड्यूटी!”

सब के चेहरे बदल गये और एक डर सा बैठ गया सबके दिल में. ज़मीन पर होते तो कुछ कर भी सकते मगर बीच समंदर में ज़म्में से कोसों दूर किया कर सकते थे! इसे हालत के लिए किसी ने कभी सोचा भी नहीं था! हाँ टेयरना सबको आता था क्योंकि टेर्ने की ट्रेनिंग भी किए थे मगर तूफान में टेयरना यह तो ट्रेन नहीं किया गया था!! वो भी समंदर के बीच का तूफान जहाँ लहरें जैसे गरजते हुए बादल कितने मीटर्स ऊपर उठाकर नीचे पटक रहे थे अपने खुद की लहरों को!!
सब के सब बाहर निकले और कॅप्टन के तरफ बढ़े, तो रेडियो पर यह साइक्लोन वॉर्निंग दी जा रही थी – “आ साइक्लोन वॉर्निंग क्लास 3 इन इन फोर्स्ड, ऑल प्रिकॉशनरी मेषर्स शुड भी मेंटेंड, सीस विल भी रफ इट इस अड्वाइज़्ड नोट तो गो इन थे सी!” विकास कभी नहीं डरा था जैसे उसे वक्त उसको डर लगा! बाकी के सभी दोस्तों के चेहरे भी उतरे हुए थे, सब के दिल जोरों से धड़क रहे थे.

विकास ने सवाल किया कॅप्टन से,
“किया आप कभी इसे तूफान से गुजरे हो समंदर में?”
कॅप्टन: “दूर से गुजरा हूँ कई बार बेटा, मगर आज तो तूफान के बीच में फँसस गये हे, ना आगे जा सकते हे ना पीछे, अगर मैं ने बहुत को चलाने की कोशिश किया तो यह उलट जाएगा! लहरें इस्सको नहीं चलने डेंघे. बेहतर है हम रुके रहे लहरें इस्सको ऊपर नीचे करेगा मगर डूबेगा नहीं, पर अगर हम चलने लगे तो डूबने लगेंगे!”

जहाज़ कई मीटर ऊपर फिर नीचे हो रहे थे, लहरें जैसे घुस्से में इस कदर जहाज़ पर टकरा रहे थे जैसे जहाज़ को तुकर्े तुकर्े कर देगा….. इतना शोर कर रहे थे लहरें के एक दूसरे के बात नहीं सुनाई दे रही थी, ज़ोर से चिल्ला कर बात करना पर रहा था सबको. बहुत भयानक नज़ारा था, दिन था मगर जैसे काली रात हो गयी हो बारिश भी जोरों की हो रही थी और हवा तो 120 किलोमीटर्स से ज्यादा के रफ्तार से जहाज़ को कब्भी इस तरफ तो कभी उसे तरफ धकेल रहा था.

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कोमांडोस को अंदर अपने केबिन में जाने के लिए आर्डर दिया गया. सब चले गये मगर बहुत डर लग रहे थे सबको. केबिन के अंदर तक वैसे ही शोर और खौफ भारी लहरों की तकरार जहाज़ पर महसूस किया जा रहा था.
नींद आ रही थी सबको मगर इसे में सोना ना मुमकिन था. जहाज़ इस कदर हिल रहा था जैसे अब उलात जाएगा. कई बार लहरों ने बहुत ज्यादा ही ऊपर तक उठा दिया बहुत को तब ऐसा लगता था के इस बार बहुत सीधा नहीं गिरेगा पानी में!! मगर हर बार सीडा ही वापस गिररता था!! एक बार तो तकरीबन 30 डिग्रीस दायें तरफ वापस पानी में बहुत गिरर रहा था लहरों से ऊपर उठने के बाद; तब लगा के इस बार तो आधा बहुत पानी के अंदर होगा, मगर खुद तूफान ही की दूसरी लहरें बहुत को सीधा कर देता था!! बुरा हाल था सबका…. कॅप्टन तक घबरा गया था बिलकुल और समझ में नहीं आ रही था के किया किया जाए.

चार घंटे बाद रेडियो पर जो अनाउन्स्मेंट हुआ वो ज्यादा डरावना था. तूफान दर्जे 7 की चितवनी पर आ गयी थी, हवा का रफ्तार 225 किलोमीटर्स पर आवारा थे; और तूफान बहुत को जैसे अपने आघोष में ले रहा था. यह सुनकर सब कोमांडोस को लगा के कोई नहीं बचेगा अब. तो अफ़ज़ल ने विकास से कहा, “हम में से जो भी बचेगा वो मेरे घरवालों को मेरा प्यार और संदेश जरूर पोुंचना! और विकास अगर मैं नहीं रहा तो एक काम करना मेरे लिए दोस्त, यह ले मेरी होने वाली की नंबर उसको फोन करके बता देना और कहना के मैं उसको पसंद करता हूँ और शादी के लिए राजी था मैं. अगर मैं नहीं बच्चा तो उसे से कहना के किस्मत में नहीं था हमारा मिलना यार!”

विकास ने कहा, “चुप कर कुछ नहीं होगा हम सब सही सलामत वापस देश जाएँगे देख लेना.” अस्सल में विकास को भी लग रहा था के कोई नहीं बचने वाला, मगर वो अफ़ज़ल को तस्सल्ली देने के लिए ऐसा बोल गया. यह वही वक्त था जब विकास ने अपने आप से कहा,

“काश मेरा कोई होता जिसके लिए मैं ऐसा मेसेज सेंड करता इसे हालात में. कोई तो प्यार करती मुझसे! किसी को मैं भी प्यार करता, कोई तो इसे होती जिससे मैं अपने दिल की बात कहता, अपने अंदर की घुटन को शेयर करता !! शायड तब मैं अपने आप को इतना तन्हा नाहीं महसूस करता. प्यार बहुत जरूरी होती है अब और अभी महसूस हुआ! क्यों मैं लड़कियों के बारे में ऐसा सोचता हूँ? किया सब लड़कियाँ एक जैसे होते हे? नहीं सबकी अपनी अपनी मर्जी और हालात होते होंगे जरूर…..”

अपनी जिंदगी में विकास कभी भी वैसा दौड़ से नहीं गुजरा था. वो पहली बार थी जब उसको मौत सामने दिखाई दिए. वो जिंदगी में पहली बार थी जब उसको किसी की कमी महसूस हुई. वो पहली बार थी उसकी जिंदगी में जब उसको प्यार की कमी महसूस हुई. वो भी उसे वक्त जब उसको लगा के फिर कभी जिंदगी से मुलाकात नहीं होगी. उसको लगा के दोबारा ज़मीन पर नहीं जा पाएगा कभी. सागर की अघोष में उसकी जिस्म किसी बड़ी मछली की भोज बन जाएगी. सब के सब इसे ही सोच रहे थे जब तूफान उसे जहाज़ को ऊपर नीचे किए जा रहा था खतरनाक हवाएँ और लहरों के बीच. पानी जहाज़ में अंदर गुस्स आए थे और सबके केबिन में भी आ चुके थे मगर ड्रेनिंग सिस्टम काम कर रही थी तो जितना भी पानी जहाज़ के अंदर आते थे उन्न में से 50% ड्रेन हो जाता था तुरंत, मगर तुरंत बाद लहरों की ज़ोर से और उतना पानी अंदर आ जाता था.

5 घंटों तक तूफान की खौफनाक और ख़तरनााक लहरों के बीच घिरे वो जहाज़ ऐसा लग रहा था के सागर नाराज़ थी और कोई ज़िंदा नहीं बचने वाला. सब लोग प्रेयर्स करने लगे, ऊपर वाले को याद करने का वक्त था, दुआएं माँगने का वक्त था, उसे काएनात को बनाना वाले के आगे सजदे करने का वक्त था. कॅप्टन एक क्रिस्चियन था और उसकी ज़ोर से रोने की आवाज़ सुनाई दी गयी, जब बाकी के लोग देखने गये तो वो रोते हुए प्राय कर रहा था, “ओ लॉर्ड शेव और शिप और थे क्र्यू और ऑल अमिड्स्ट. यू अरे थे सवेर प्लीज़ आक्सेप्ट और प्रेयर, अभी अरे सिन्न्स अभी नो लेकिन यू अरे थे मोस्ट मर्सिफुल सो फर्गिव और सीन और स्पेर उस फ्रॉम तीस डेंजर, ओन्ली यू कॅन शेव उस ओ में लॉर्ड शेव उस!”

कितना भी कड़क इंसान हो उसे वक्त नरम हो जाता! दोनों सुपीरियर्स भी रो पड़े और प्राय करने लगे. अफ़ज़ल ने ज़ोर से प्राय किया, “या रब हम गुनेहगरों पर रहें कर आइ मालिक, हमारी दुआओं को कबूल कर हमें बच्चा आइ खुदा, तू ही बचाने वाला है, तू मालिक है तू हमें पैदा करने वाला है, तू ने इस काएनात को बनाया, वैसे इस इस तूफान को भी अब रॉकदे इससे हम बंडों पर रहें कर आइ रब!!”

विकास सर झुकाए ज़मीन ठाक रहा था, आंखों से एनसू बहने लगे और उसका जिस्म कांप रहा था, सब के दिल जोरों से धड़क रहे थे, सब बहुत डरे हुए थे. विकास ने अपने आंटी बाप को याद किया, और अपने छोते भाई और बहन को याद करते हुए धीरे से रोते हुए कहा, “हे भगवान मुझे मेरे आंटी बाप के लिए बच्चा ले, उन्न लोगों को मेरा सहारा है, वह लोग मेरे बगहिर कमज़ोर पर जाएँगे, मेरी आंटी रो रो के मर जाएगी, मेरा भाई छोता है वो मुझपर डिपेंड कर रहा है अपने स्टडीस के लिए और मेरी बहन भी…. अंकल थोड़े दिनों में रिटायर होने वाले हे तो मैं ही उन्न्का सहारा हूँ मुझे और हम सबको बच्चा ले भगवान….” उसके आंखों से इसे एनसू बहकर ज़मीन पर उसे समंदर की लहरों से मिल रहे थे जैसे कोई छमात्कार होने वाला था…..वो खुद अपने आंसुओं को पानी में गिरता देख रहा था और दहेक कर रोने लगा ज़मीन पर बैठ कर…..

रेडियो काम नहीं कर रहा था कोई तूफान की खबर नहीं मिल रहे थे….. अस्सल में वो तूफान इतनी तेजी के साथ गुजर रहा था के जिसे वक्त सब प्राय कर रहे थे तो तूफान अपनी आखिरी ज़ोर पर था, उसे वक्त तूफान की रुख मूधकर दूसरी अवर् जा रहा था…..

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