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बड़े बड़े बूब्स वाली आंटी की चुदाई

आंटी के बूब्स इतने बड़े थे कि मेरा 6 इंच का लंड भी छोटा पड़ गया था। उन बूब्स के बीच में मेरा 6 इंच का लंड खो सा गया था लेकिन मैं फिरभी बड़े बड़े बूब्स वाली आंटी की चुदाई कर रहा था।

मेरा नाम हिमांशु है और यह मेरी अंतर्वासना Aunty Sex Story है जिसे मैं इस मजेदार वेबसाइट के ऊपर साझा कर रहा हूं। क्योंकि बहुत सारे लोग अपनी चुदाई कहानियां इस वेबसाइट के साथ शेयर करते हैं तो मैंने भी शेयर करी।

मेरे पड़ोस में ही एक अंतर्वासना आंटी रहती थी जिनके अंदर बहुत ही ज्यादा गर्मी थी। मुझे कैसे पता उनके अंदर गर्मी थी क्योंकि मैं उनका पड़ोसी हूँ, और पड़ोसियों को दूसरे पड़ोसी के बारे में सारी बातें पता होती हैं।

क्योंकि अंकल बहुत ज्यादा कामकाजी थे और वह काम ही किया करते थे और देर रात से घर आते थे। उन्होंने पैसा तो बहुत कमाया लेकिन बीवी के साथ अच्छे पल नहीं कमाए।

आंटी को शारीरिक संतुष्टि बिल्कुल भी नहीं मिलती थी तो वह बहुत ही ज्यादा गर्म रहती थी। गर्म रहने के साथ-साथ आंतरिक बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट थी और खासकर मुझे उनके बड़े बड़े बूब्स बहुत ज्यादा पसंद है।

आंटी के बूब्स इतने बड़े-बड़े थे मानो एक एक लीटर की दूध की थैलियां हो।

मेरी आंटी के ऊपर बहुत ही ज्यादा ठरक थी और मैं आंटी के बारे में सोच सोचकर Antarvasna Hindi Story पढ़ता था ताकि अपनी गर्मी को शांत कर सकूं।

लेकिन यह सब आभासी चीजें हैं और इनसे वास्तविक आनंद नहीं मिलता है।

क्योंकि मेरी मम्मी और आंटी बहुत ही अच्छी दोस्त थी तो उन के बहाने, मै आंटी के घर चला जाता था और आंटी को पास से देखकर अपनी आंखे सेक लेता था। जब आंटी मम्मी से बात करती थी तो मैं बस आंटी का सुंदर चेहरा उनकी बलखाती हुई कमर और उनके लटकते हुए दूध की थैलियों को ही देखता रहता था।

हड्डी बहुत ही ज्यादा समझदार थी और उन्हें पता था कि मैं उनके घर क्यों आता हूं और आकर क्या देखता हूं। उस दिन भी कुछ ऐसा ही चल रहा था तो अचानक आंटी ने मम्मी से कहा हिमांशु बहुत ही अच्छा लड़का है यह जब भी घर पर आता है तो मेरा मन बहल जाता है

मम्मी ने कहा – अरे तुम्हारा ही तो बेटा है तुम कहो तो यह रोज तुम्हारे घर आ जाएगा

आंटी बोली – नहीं नहीं इतनी तकलीफ क्यों उठा रही हो इसे भी तो काम रहता होगा

मम्मी ने बोला – अरे यह फालतू है बिल्कुल, पढ़ाई भी नहीं करता कुछ भी नहीं करता, दिनभर अपने कमरे में लैपटॉप में लगा रहता है

मैंने मन में ही सोचा – बहनचोद! यह सब चल कर आ रहा है कि मेरी बुराई हो रही है या मेरी तारीफ हो रही है इस बात पर मैं हंसू या रोऊ।

फिर मम्मी और आंटी की बकचोदी खत्म होने के बाद मम्मी चली गई और मैं आंटी के घर पर ही रुका रहा। मैं चुपचाप टीवी देख रहा था और बस मन में यही सोच रहा था कि माधर्चोद!!! अभी अभी हुआ क्या??!!

फिर आंटी मेरे पड़ोस में आकर बैठ गई तो मेरे दिल की धड़कनें बढ़ गई और मेरा लंड खड़ा होने लगा।

आंटी ने कहा – मुझे पता है तुम क्या देखते हो मेरे अंदर

मैंने कहा – नहीं आंटी ऐसी कोई बात नहीं है आप बहुत सुंदर हो तो मैं आपको देखे बिना रह नहीं पाता!

आंटी ने कहा – अगर  इतना ही मुझे देखना चाहते हो, तो मेरे घर पर क्यों नहीं आते

अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं और क्या बोलूं तभी आंटी ने अपना हाथ मेरी जांघ के ऊपर रख दिया। मेरे तो दिल की धड़कन 40 की स्पीड से भागने लगी और मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो गया।

आंटी ने मेरा लंड अपने हाथों में ले लिया और उसके मुठ मारने लगी और कहने लगी – वाह!! हिमांशु तुम्हारा कितना बड़ा है लगभग 6 इंच का तो होगा ही मेरे पति का 4 इंच भी नहीं है

और उन्होंने मेरी पैंट खोल दी और मेरे लंड के मुठ मारने लगे मुझे तो बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था ऐसा लग रहा था मैं सपनों की दुनिया में हूं

फिर आंटी ने अपने ब्लाउज के बटन खोल दिए और मैंने देखे बड़े-बड़े एक-एक लीटर के लटकती हुई दूध की थैलियां।

मुझे तो पहले से ही आंटी के बड़े बड़े बूब्स और उनको देखते ही मैंने अपना मुंह उनके अंदर घुसा दिया और अपने चेहरे को रगड़ने लगा।

आंटी बोली – आ आ अहह अम्म आराम से बेटा यह तुम्हारे पास ही है कहीं जाने वाले नहीं है… !!!

मैंने कहा – कितने समय से मैं आपके बूब्स के साथ खेलना चाहता था जो सपना पूरा हो रहा है तो मैं उत्तेजित हो गया

मैं उनके बूब्स को दबाने लगा, उन्हें गुब्बारे की तरह अपने हाथों में कुदाने लगा, उनके निप्पल को मैं काटने लगा!!!

आंटी – आ आ आ अहह अहह ऊह अम्म

फिर मैंने आंटी के दोनों बूब्स के बीच में अपना लंड घुसा दिया और मैं आंटी के बूब्स की चुदाई करने लगा। उनके नरम नरम बूब्स के बीच में अपना लंड रगड़ने में बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था।

और तभी आंटी ने अपना मुंह भी खोल दिया जितनी बार में उनके बूब्स धक्का देता था उतनी बार मेरा लंड का टोपा आंटी के मुंह में लगता था।

मेरे लंड को भी आंटी चूस रही थी और उनके बूब्स के बीच में मेरा लंड जो रगड़ खा रहा था उससे मुझे कामवासना का अलग ही आनंद मिल रहा था।

आंटी के बॉक्स इतने बड़े थे कि मेरा 6 इंच का लैंड उस में खोजा गया था लेकिन फिर भी मैं बस उनके चुचियों की चुदाई कर रहा था।

मैंने उनके निप्पल को अपनी तरफ खींचा और घचाघच उनके बूब्स के बीच में अपना लंड आगे पीछे और रगड़ने लगा। ये मेरी पहली चुदाई थी तो में बहुत उत्तेजित हो रहा था और आंटी को पकरकर खूब लुंड घिस रहा था।

आंटी – आ आ आ अहह अहह आराम से जवान लड़के आ आ

मैंने अपनी रफ्तार और ज्यादा बढ़ा दी और मैं आंटी के बूब्स को और जोर-जोर से चोद रहा था उनके बूब्स को मै खूब जोर जोर से दबा रहा था।

आंटी की चूचियो की मै जबरदस्त चुदाई कर रहा था मुझे उनके बूब्स इतने ज्यादा पसंद थे कि मैं उनकी चूत की चुदाई करना भी भूल गया, मैं बस उनके चूचियों को चोदना चाहता था।

और बस कुछ ही देर में मेरा झड़ने वाला था जैसे ही मेरा झड़ने वाला था आंटी ने मेरा टोपा अपने मुंह में ले लिया और सारा माल अपने अंदर पी लिया।

वह मेरे लंड से निकले हुए एक-एक वीर के की बूंद को पी गई और कहने लगी – जवान मलाई का मजा ही कुछ और है

सच में वह दिन तो मुझे सपनों का दिन आज भी लगता है और उस दिन मुझे आंटी के बूब्स की चुदाई करने का जो मौका मिला उसे मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकता हूं।

तो कैसी लगी आप लोगों को मेरी Desi Sex Kahani भले ही मैं आंटी की चूत नहीं मार पाया लेकिन मुझे उनके बूब्स ही पसंद है और मुझे वही करने का मौका भी मिल गया! मैं खुश हूं !!!

यह मेरी पहली रियल Boobs Sex Story है जो मैंने आप लोगों के साथ शेयर करिए आप लोग भी अपनी कहानी मेरे साथ शेयर करें।

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