/ / दोस्त की बीवी को चोदा और खुसखबरी दी!
Bhabhi Sex Story Couple Sex Story Desi Sex Story Family Sex Story Hindi Sex Story Porn Story Romantic Sex Story XXX Story

दोस्त की बीवी को चोदा और खुसखबरी दी!

मैं थोड़ा सीरियस हुआ और बोला की – यार बोल न जो मुझसे बन पायेगा मै तेरे लिए करूँगा। फिर करन बोला की भाई मुझे बाप बना दे! मई आश्चर्य ओकर बोला की – मै कैसे?

फिर वो बोला की – तू मुझे मेरी वाइफ से बच्चा देदे ये बात हम तीनो के बीच ही रहेगी! उसकी बीवी की झील सी गहरी उसकी कजरारी आंखें … फिगर 32-30-32 साइज का। उसके उठे हुए चुच्चे, पतली सी कमर और टाईट सी गांड। तो अच्छे अच्छे के लौड़े भी खड़े हो जाते। आगे क्या हुआ जानने के लिए पूरी कहानी पढ़े।

हेलो फ्रेंड्स! कैसे है आप लोग, मुझे आप लोगो ने मिस किया, लो जी अब मैं बापस आ गया फिर से एक न्यू

कहानी लेकर, उम्मीद करूँगा की मेरी ये दोस्त की बीवी को चोदा कहानी आप लोगो को काफी पसंद आएगी।

सुनकर अच्छा लगता है, जब कोई पुरुष या महिला अपनी भावना मुझसे साँझा करती है या करता है! लेकिन कुछ पाठक ऐसे भी है जो कहानी सही से नहीं पढ़ते। लिहाजा उन्हें यही नहीं पता होता कि वो बात किस से कर रहे हैं। मेरे निवेदन है सही से पढ़िये और पूर्ण ज्ञान के साथ आनन्द लीजिये!

तो थोड़ा इंट्रो हो जाये। मेरा नाम रोहित है मैं उत्तर प्रदेश गाज़ियाबाद का रहने वाला हूँ।I मेरी हाइट 5 फिट 8 इंच है। बॉडी भी मस्त है। मेरा लंड इतना बड़ा है की मैं किसी भी लड़की की ज़रूरत को पूरा कर सकता हू। मैं जIनता हू की सभी लड़कियो को और भाभी जी को उत्सुकता होगी मेरे लंड के साइज़ को जानने की सो बता देता हू । मेरा लंड 8 इनचसे बड़ा है 3।5 इंच मोटा है।

अब अंतर्वासना भाभी सेक्स स्टोरी पर आते है, रिया के लाइफ मै आने से मैं बहुत खुश था और फिर मैंने जॉब चेंज करने की सोची। एक महीने मे। मैंने एक MNC कंपनी ज्वाइन की। ऐसा लग रहा था जैसे ज़िन्दगी की साडी खुशिया मिल गयी हो तभी करन मेरी लाइफ मे दोस्त बनकर आया उसके साथ मेरी बहुत अच्छी बनने लगी हमारे दोस्ती की और काम की तारीफे होने लगी।

एक दिन की बात है की करन काफी अपसेट लग रहा था।

मैंने उसे उसकी उदासी का कारण पूंछा तो पहले तो ना नुकुर करने लगा, फिर मेरे काफी ज़िद करने पर बोला की भाई अगले वीक मेरी शादी को 5 साल हो जायेंगे पर मे अभी तक बाप नई बन पाया। ये बात बोलकर वो रोने लगा और बोला की 5 ईयर से वाइफ का ट्रीटमेंट चल रहा है पर कुछ सफलता नहीं मिल पायी।

अब हमारे बीच काफी लड़ाईया होने लगी है और ऊपर से मेरे पेरेंट्स को भी अब दादा दादी बनना है अब वो भी ज़िद करने लगे है। कुछ समझ नहीं आता अब मै क्या करू, मैंने उसको काफी समझाया और फिर वो कूल होकर काम करने लगा। उसका ऐसे नार्मल होना मुझे अच्छा लगा। 

एक दिन की बात है मेरा दोस्त कारन बोला की – रोहित यार तू मेरा बहुत अच्छा दोस्त है एक बात बोलू तो बुरा तो नई मानेगा। 

मैंने बिना सोचे ही बोला – की कह दे दोस्तों मे कुछ भी प्राइवेट या पर्सनल नहीं होता 

फिर बोला की – भाई अगर तूने मन कर दिया तो मेरी सारी उम्मीदे टूट जाएगी।

मैं थोड़ा सीरियस हुआ और बोला की – यार बोल न जो मुझसे बन पायेगा मै तेरे लिए करूँगा 

फिर करन बोला की भाई मुझे बाप बना दे!

मई आश्चर्य ओकर बोला की – मै कैसे?

फिर वो बोला की – तू मुझे मेरी वाइफ से बच्चा देदे ये बात हम तीनो के बीच ही रहेगी!

उसके बाद उसकी बात को सुनकर मुझे बहुत अजीब लगा और मै कुछ समय के लिए शांत हो गया मेरे दिमाग मे पता नई कैसी कैसी बाते आने लगी।

वो बोला की भाई क्या हुआ ?

मे बोला की कुछ नहीं…

फिर मेरा अगला प्रश्न था की भाभी को पता ये ?

करन : नहीं यार

मैं बोला फिर कैसे ?

करन : मैं चाहता था की पहले तू हा बोल दे फिर उसके बाद मैं अपनी वाइफ से बात करूँगा

मैंने फिर उसको हम्म बोल दिया और अपना काम करने लगा।

मेरी हा सुनकर आज करन बहुत खुश था और मुझे ऐसा फील करा रहा था जैसे मेरी उसकी लाइफ मैं कितनी इम्पोर्टेंस है। वो मुझे ऐसे फील करा रहा था जैसे मैंने उसको हा नहीं दुनिया जहा की खुशिया देदी हो उसके बाद करन २ दिन ऑफिस नहीं आया।

मैंने पता किया तो पता चला की वो 2 दिन की हॉलिडे पर है किसी काम की बजह से 2 दिन के बाद जब कारन ऑफिस आया तो, आज वो बहुत खुश था। ऑफिस आते ही मेरे पास आया और हुग किया मुझे, 

और धीरे से मेरे कान मैं बोला – तेरी भाभी ने हा कर दी है और अब सब कुछ तेरे हाथ मे है।

मैंने उसको अपने से अलग किया और उसकी तरफ देखने लगा

करन : तू टेंशन न ले, अब सब कुछ मै प्लान करूँगा, तुझे बस उस टाइम पर अवेलबल रहना है

फिर मैंने हम्म बोल दी!

करन : आज से 2 दिन बाद, तेरा डिनर मेरे घर पर है, और है घर पर बोल कर आना की तू मेरे घर पर है

मैंने हम्म बोल दी

उसके बाद वो अपनी सीट पर बैठ के काम करने लगा और अपनी वाइफ की पिक्स मुझे व्हाट्सअप पर सेंड करने लगा। मैंने उसकी वाइफ की पिक्स देखि तो देखता ही रह गया। उसकी वाइफ बहुत ही सुन्दर और सेक्सी लड़की थी, किसी हेरोइन से काम नहीं अब मैं आपको करन की वाइफ के बारे मे बता देता हु।

करन की वाइफ माया … आह … कसम से क्या लड़की है … बस एक बार जो देख ले, बार बार देखता रहे। माया दिखने में एकदम कमसिन लगती थी … उसका बदन बड़ा मस्त था। झील सी गहरी उसकी कजरारी आंखें … फिगर 32-30-32 साइज का। उसके उठे हुए चुच्चे, पतली सी कमर और टाईट सी गांड। तो अच्छे अच्छे के लौड़े भी खड़े हो जाते।

कमाल की बात यह कि इतनी मस्त मॉल होने के बावजूद मैंने कभी भी माया को गलत नज़र से नहीं देखा था। क्योंकि मैं ये सोचता था कि माया मेरे दोस्त की पत्नी है आज पहली बार मैंने अपनी सोच को बदला मुझे वो अपनी ओर आकर्षित करने लगी।

आखिर वो दिन आ यी गयी जिसका करन को इंतज़ार था उस दिन वो ऑफिस नहीं आया।

उस दिन मै भी काफी वेल ड्रेस हो कर उसके घर की तरफ निकल गया थोड़ी ट्रेवल करने के बाद आखिर मंज़िल आ ही गयी मैंने अपनी बाइक पार्क की और घर के दरबाजे की डोरबेल बजाई।

उसकी पत्नी ने दरवाज़ा खोला और मैंने माया को देखा, तो उसने सफेद कलर की गाउन पहन रखा था। उसमें से उसकी ब्लैक स्टेप और ब्लैक पेंटी साफ दिखाई दे रही थी, जो उसने पहन रखी थी। उस दिन पहली बार उसको देखकर मन में हलचल हुई थी। शायद वो भी इस बात को समझ चुकी थी कि मेरा ध्यान कहां हैं।

वो बोली- हां भइया बोलिए …… कैसे आना हुआ!

उसकी आवाज़ से जैसे मैं जागा, मैं बोला- करन है घर पर!

वो बोली- हां यही हैं, वो अंदर है अभी बुलाती हू मै उनको

उसने मुझे अन्दर बुलाकर बिठाया और पानी का गिलास देकर चाय बनाने की बोल कर अन्दर किचन में चली गई। मेरी तो हालत उसके 32 साइज़ के चुच्चे देखकर ही खराब हो गई थी। जैसे तैसे मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया, लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, जो ऊपर से साफ दिख रहा था।

इतने में माया चाय लेकर आ गई थी। उसने मुझे चाय दी और खुद भी वहीं मेरे सामने बैठकर चाय पीने लगी। हालांकि मैं चाय पी रहा था, लेकिन मेरी नज़र बार बार उसके चुचों पर जा रही थी। मैं समझ नहीं पा रहा था कि वो मुझे उकसा रही है या उसके मन में कुछ और बात है।

तभी करन आ गया और फिर माया ने करन से चाय के लिए पूंछा करन : हा ले आओ

फिर हम तीनो चाय पीने लगे!

उसके बाद करन बोला की – आप लोग बैठो मै आता हू डिनर लेकर सब साथ मै ही करेंगे।

मैं बोला की – मै भी चलता हू साथ, 

तो कारन बोला की – नहीं मै गया और आया!

फिर करन वहा से निकल गया और फिर मै और माया बाते करने लगे

मैं माया से बात तो कर रहा था, लेकिन मेरी बार बार नज़र उसके चुचों पर जा रही थी। दिल कर रहा था कि अभी पकड़ कर मसल दूँ, लेकिन क्या कर सकता था। उधर नीचे मेरा लंड अपना पूरा आकार ले चुका था। माया भी सब कुछ देख कर भी अनजान बन रही थी।

वो बोली- क्या देख रहे हैं आप घूर घूर के?

न जाने मैंने किस झौंक में उसके चुचों की तरफ इशारा करते हुए कह दिया – इनको देख रहा हूँ।

माया पल्ला हटा कर अपने चूचे उठाते हुए बोली – आखिर इनमें ऐसा क्या है?

ऐसा वो मुस्कुराते हुए बोली। उसकी इस हरकत से मैं समझ गया कि बंदी चुदने को रेडी है।

मैं बोला- अगर तुम इज़ाज़त दो, तो बताऊं।

उसने मुस्कुराते हुए हां में सर हिलाया।

मैं उसके पास जाकर बैठ गया और माया को देखने लगा और धीरे धीरे उसके होंठों की तरफ अपने होंठों को बढ़ाने लगा।

माया ने अपनी आंखें बंद कर लीं, जैसे उसने मुझे स्वीकृति दी हो। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूसने लगा और एक हाथ उसकी पीठ पर घुमाने लगा।

थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी और हम एक दूसरे के होंठों को जोर जोर से चूसने लगे। मैं उसके पीठ को सहलाते हुए उसकी गर्दन के बायीं ओर उसे चूमने लगा। वो अपने मुँह से हल्की हल्की सीत्कारें निकालने लगी। मैं उसके चेहरे और उसके होंठों को पागलों की तरह चूमने लगा और वो अपने मुँह से ‘सीई ससीईई सससीईईई।।’ की आवाजें करने लगी।

धीरे से मैं अपने एक हाथ को नीचे उसके उरोजों पर ले गया। क्या नर्म नर्म उरोज थे उसके। फिर मैंने उसके शरीर से उसकी गाउन को अलग कर दिया और फिर से उसके उरोजों को दबाते मसलते हुए उसे चूमता रहा, 

और वो अपने मुँह से -‘ऊह हहहह आह आह सस्स सस्स ससीई।।’ की आवाजें निकालती रही।

मैं अपने हाथ से माया के शरीर को सहला रहा था और उसे बेहताशा पागलों की तरह चूम भी रहा था। वो मदहोश होने लगी थी। उसकी जांघों को सहलाते हुए उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलने लगा।

उसने मस्ती के मारे कस के मेरा लंड भींच दिया। मेरे मुँह से एक सिसकारी निकल गई। फिर मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया। उसके उरोजों को देखकर मेरी वासना और भड़क गई और मैं दोनों हाथों से उसके उरोजों को प्यार से मसलने और दबाने लगा। माया मस्ती के मारे ‘आह आह आह आह।।’ करने लगी।

वो बोली- ओह भैया … जोर से और जोर से दबाओ।

मैं उन्हें प्यार से ही दबाने लगा। वो भी प्यार से मेरे लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही दबाने लगी थी।

फिर मैं वापस माया के होंठों को चूमने लगा तथा दूसरे हाथ से मैं उसकी चूत को ऊपर से ही मसल और दबा रहा था।

मैंने अपनी शर्ट और बनियान दोनों उतार दिए। मैंने फिर से माया को चूमना शुरू किया और एक हाथ से उसके चुचों को सहलाए जा रहा था। इसके बाद मैं थोड़ा नीचे आया, उसके उरोजों के सामने अपने होंठ लाया। उसके एक उरोज की चौंच को मैं अपनी जुबान से सहलाने लगा और होंठों के बीच दबाकर खींचकर छोड़ने लगा। वो मस्त हो गई।

इधर मैं दूसरे को जोर जोर से मसलने लगा। फिर दूसरे उरोज को भी मुँह में लेकर उसकी चौंच को जुबान से सहलाने लगा। ऐसा करने पर वो ओर मचलने लग गई और बड़े प्यार से मुझे अपने मम्मे पिलाने लगी। मैं उसके निप्पलों को मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगा। मैं बहुत देर तक दूध चूसता रहा। वो मेरे सर में हाथ फिराते हुए ‘ससीईउई ससीईई।।’

करने लगी और मेरे लंड को जोर से दबाने लगी। फिर माया ने मेरा मुँह वहां से हटाकर मेरे होंठों को चूसने लगी।

उसके हाथों में इतनी जान थी कि मैं चाहकर भी अपना चेहरा नहीं हटा पा रहा था। फिर उसने मेरी पैंट और मेरे

अंडरवियर को एक ही बार में उतार दिया और सीधा मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर ऐसे चूसने लगी, जैसे कई जन्मो की भूखी हो।

खैर माया मस्त होकर मेरे लंड को चूस रही थी। लंड के टोपे को अपने पतले होंठों के बीच लेकर खींच कर चूस रही थी। मेरे लंड के टोपे पर जुबान फिराकर और पूरा मुँह में लेकर ऐसे चूस रही थी, जैसे लंड को नहीं, सोफ्टी आइसक्रीम को चूस

रही हो।

फिर मैंने माया को सोफे पर बिठाया और उसके उरोजों को मसलकर चूसने लगा, वापस दबाने लगा। थोड़ी देर बाद

उरोजों को चूसते हुए मैंने माया की पेंटी उतार दी और उसकी चूत को सहलाने लगा।

माया – आ आ आ ‘सस्स सससीईईई अम्म अम्म उह्ह येह।।’

फिर मैंने जैसे ही अपनी जुबान से उसकी चूत के दाने को सहलाया,

वो तो बस – ‘उईईई आह आह आह ससीईई।।’ 

करने लगी। मैं उसकी चूत चाटने में लग गया। उसकी चूत से लगातार नमकीन टेस्टी पानी निकल रहा था, जिसे मैं चूसते हुए चाट रहा था।

तभी माया ने मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा लिया और अपनी गांड को हिलाने लगी। वो अपनी चूत को मेरे मुँह पर तेजी से घिसने लगी। मैं भी पूरा पक्का चूत चूसने में लगा रहा। उसकी चूत की दोनों फांकों को पूरा मुँह में दबा कर खींच कर चूसने लगा।

माया बोली- अब तो अपना लंड मेरी चूत में डाल दो … मुझसे सहन नहीं होता।

मैंने भी देर न करते हुए उसको थोड़ा आगे खींच कर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया। अपने लंड को उसकी चूत पर टिकाकर एक ही बार में पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतार दिया।

उसकी एक मीठी सी आह निकली और वो पूरा लंड लील गई।

मैं अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा। वो भी मेरी कमर को पकड़ कर मुझे अपनी चूत की तरफ खींच रही थी।

वो मस्ती में बोल रही थी – आंह चोदो और तेज चोदो … फाड़ डालो मेरी चूत को और … सससीईईई सससीईई आह आह आह उह उह आह।।

मैं भी उसे मस्त होकर चोद रहा। लंड अपनी पूरी रफ्तार से माया की चूत का बाज़ा बजा रहा था।

माया बोली- मुझे तुम्हारे लंड की सैर करनी है।

फिर मैं रुक गया।

उसने मुझे सोफे पर बिठाया और खुद अपनी चूत को लंड पर सैट करके सोफे को पकड़ कर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी।

उसकी चूची को मुँह में दबा कर चूसने लग गया। इस तरह माया ‘सससीईई सससीईई।।’ करते हुई और जोर से लंड पर कूदने लगी।

थोड़ी देर में उसकी चूत पानी छोड़ने लगी और ‘पच पच पच।।’ की आवाजें आने लगीं। उसकी स्पीड कम हो गई थी, तो मैं अपनी गांड उचका कर उसको नीचे से चोदने लगा। मैं भी फुल स्पीड से चोदने में लगा था। तभी मेरा भी पानी छूटने वाला था।

मैं बोला – माया अन्दर ही निकाल दूँ।

वो बोली – हां भैया निकाल दो, मुझे आप अपने बच्चे की मां बना दो। शादी को 5 साल से ऊपर हो गए। बहुत कुछ सुनना पड़ता है।

फिर मैंने अपने लंड का सारा लावा उसकी चूत में भर दिया। हम दोनों ने एक दूसरे को कसके बांहों में जकड़ लिया। जब थोड़ा नॉर्मल हुए, तो वो अलग हुई और बाथरूम जाकर खुद को ठीक करके मेरे लिए किचन से चाय बनाकर लायी।

हम चाय पी ही रहे थे की फिर से घर के दरबाजे की डोरबेल बजी, माय ने उठ कर गेट ओपन किया तो करन डीनर

लेकर आ गया था।

करन : अरे आप लोग अभी तक चाय ही पी रहे हो देखो मै डिनर भी लेकर आ गया

माया बोली की – वो चाय तो पी ली रोहित भैया का मन था एक चाय और पीने का सो मैंने एक चाय और बना ली आप के लिए भी लाओ क्या?

करन : नहीं नहीं अब तो डिनर करेंगे पहले

फिर हमने साथ मै डिनर करने लगे, डिनर करने के बाद काफी टाइम तक हम लोग बाते करने लगे फिर करन बोलI की चलो अब सोते है।

मैंने भी हा बोल दी!

करन बोला की – चलो मैं तुम्हे तुम्हारा रूम दिखा देता हू

उसने मुझे अपने बैडरूम से लगा रूम ऑफर किया और फिर मै उस रूम मै सोने की तयारी करने लगा

करन और माया भी अपने रूम मे सोने के लिए चले गए।

मुझे रात को कपडे पहन कर सोने की आदत नहीं है। सो मैंने अपने कपडे उतर दिए और सिर्फ अंडरवियर मे सोने लगा। मुझे नींद नहीं आ रही थी आज, माया की सुंदरता ने पागल कर रखा था आज मेरा लंड मुझे सोने ही नहीं दे रहा था मन कर रहा था की एक बार और चोद दू माया को, मै इधर उधर करबटें बदल रहा था और करन के अगले सिग्नल का इंतज़ार कर रहा था। काफी देर के बाद, 

करन मेरे रूम मे आया और बोला की – अब तू जा मेरे रूम मे,

मई बोला – भाई जाओ क्या??

करन ने कहा – हा जा न…

फिर मै उसको अपने रूम मे छोड़ कर गया, उसके बाद मैं माया के रूम मै आया, और फिर बेड पर माया के पास आकर लेट गया।

जैसे ही मैंने माया को छुआ,मैंने महसूस किया की माया बिलकुल नंगी थी शायद करन उससे चोद कर ही मेरे पास आया था। फिर मैं माया के होंठों को चूमने लगा तथा दूसरे हाथ से मै उसकी चूत को ऊपर से ही मसलने और दबाने लगा।

फिर मैंने उसके चुच्चो को भी मुँह में लेकर उसकी चौंच को जुबान से सहलाने लगा। ऐसा करने पर वो ओर मचलने लग गई और बड़े प्यार से मुझे अपने मम्मे पिलाने लगी। मैं उसके निप्पलों को मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगा। मैं बहुत देर तक दूध चूसता रहा। वो मेरे सर में हाथ फिराते हुए ‘ससीईउई ससीईई।।’ करने लगी और मेरे लंड को जोर से दबाने लगी।

मै समझ गया की वो अब चुदासी है, फिर मैंने अपना लंड उसकी चुत पर रखा और एक ही बार में पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतार दिया।

उसकी एक मीठी सी आह निकली और वो पूरा लंड लील गई

मैं अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा। अब लंड अपनी पूरी रफ्तार से माया की चूत का बाज़ा बजा रहा था।

मैं भी फुल स्पीड से चोदने में लगा था। फिर मैंने अपने लंड का सारा लावा उसकी चूत में भर दिया। हम दोनों ने एक दूसरे को कसके बांहों में जकड़ लिया। जब थोड़ा नॉर्मल हुए, तो वो अलग हुई। तब मै फिर से अपने रूम मे बापस आया जहा करन मेरा इंतज़ार कर राह था।

यहाँ पर मै आपको एक बात बताना चाहूंगा वो ये की मैंने ये महसूस किया की माया की चुत बहुत टाइट थी, इसका मतलब ये हो सकता है क़ि करन का लैंड बहुत छोटा हो पर जो भी हो मस्त चूत थी, यारो मज़ा आ गया अपनी Dost ki biwi ko choda और चोद कर फुल मज़े लिए।

जब मै बापस आया तो करन मेरा इंतज़ार कर रहा था। फिर हम दोनों काफी टाइम तक बाते करते रहे लगभग २ घंटे हो गए होंगे। 

फिर करन बोला की – यार रोहित एक बार और चला न…

मै बोला – कहा??

करन: माया के पास

मै बोला की – एक शरत पर जाऊँगा मै अब

करन : क्या??

मै बोला की – इस बार तू भी मेरे साथ चलेगा

करन : नहीं नहीं, ऐसा नई हो सकता!

मैंने उसको बोला की – तू मेरा सबसे बेस्ट फ्रेंड है और मै चाहता हू की ये बेबी मेरा और तेरा हो, तुझे मेरी कसम है!

तब कही जाकर करन तैयार हुआ।

मैं बोला की – तू चल पहले मै आता हु

मै काफी थक गया था पर मेरा भी मन नहीं भरा था माया को चोद कर,मेरा लोडा अभी भी मुझसे मिन्नते कर रहा था की मै माया की चुत एक बार और लू। फिर मई उठा और उनके रूम मे गया तो देखा की अब रूम का नज़ारा बदल चूका था।

तो दोस्तो, एक बार फिर पप्पियों और जफ्फियों का शानदार दौर शुरू हो गया। न कोई कुछ बोल रहा था न सुन रहा था। कमरे में चारों ओर कामवासना की महक बिखर चुकी थी। करन और माया का मुंह एक था। फिर मै माया के पीछे आ गया और मैंने पीछे से जफ्फी डाल ली।

अब इस बार माया हम दो मज़बूत सांडों के बीच थी।

5-7 मिनटों के अंदर ही माया भट्टी की तरह तपने लगी। पीछे से मैंने अपनी एक जांघ माया की जांघों के बीच में से लाकर उसकी चुत को ऊपर घिसने लगा। वो मेरी इस हरकत से खुद को रोक न पाई और अपनी चुत बेदर्दी से मेरी जांघ पर रगड़ने लगी। यह देख कर करन भी अपनी जांघ और अपने लंड को माया की चुत के साथ बेहरमी से रगड़ने लगा।

माया पागल सी हो गयी। मुंह से इतनी ज़ोरों से हाय … हाय … निकलने लगी कि शायद उसे कमरे के बाहर भी सुना जा सकता था।

फिर करन ने अपना लंड माया की चुत मे डाल दिया और माया को चोदने लगा 5-6 शॉट के बाद ही वो झड़ गया और उसने माया की चुत को अपने लंड के पानी से भर दिया।

तब मैंने देखा करन का लंड कैसा है,अब मै आपको करन के लंड के बारे मे बता दू, उसका लंड ४ इंच लम्बा होगा और मेरी मिडिल फिंगर जितना मोटा।तब अचानक ही मैंने उतनी ही तेज़ी से अपनी तीन उंगलियाँ उसकी चुत में पिरो दीं। फिर मैंने बिजली की तेज़ी की तरह उंगलियां यूं अंदर बाहर की कि जैसे मै उसकी चुत के अंदर से कुछ निकालना चाहता हूँ।

मेरा ये वार इतना तेज़ और ज़बरदस्त था जिससे माया कमान की तरह अकड़ गयी और बुलंद आवाज़ में ‘उम्म्ह…

अहह… हय… याह…’ करते हुए झड़ने लगी। एक बार फिर जन्नत की सैर करने के बाद माया फिर से निढाल हो कर करन की बाँहों में समा गई।

जब माया की सांसें कुछ धीमी हुईं तो करन ने माया से कहा- तुझे पता भी है कितने ज़ोर से चीख रही थी तू? बाहर भी लोगों को अच्छी तरह पता चल गया होगा कि अंदर क्या चल रहा है। आवाज़ थोड़ी धीमी रखा कर।

इस पर माया थोड़ी शर्मा गयी और अपना मुंह करन की छाती में छुपा लिया लेकिन मै माया की चुदाई करने को तड़पने लगा और उसके मम्मों को सहलाते हुए, 

मैंने उससे कहा – जवाब तो दो मेरी जान, इतनी ऊंची अवाज़?

मेरी बात सुनकर दोनों ज़ोरों से हंसे। कुछ देर बाद यूं ही कुछ हल्की फुल्की बातें और माया के जिस्म के साथ छेड़छाड़ चलती रही।

अब मै और ज़ादा कंट्रोल नहीं कर सकता था, इसके बाद मैंने माया को खींच कर बेड के किनारे तक ले आया जिससे माया की दोनों टाँगें बेड से नीचे लटकने लगीं। इसके बाद मैंने दो तकिए उठाए और उसकी पीठ के नीचे लगा दिए और उसकी टाँगें ऊपर करके तह लगा दी और खुद टांगों के बीच आकर कुर्सी पर बैठ गया।

अब माया की उभरी हुई क्लीन शेव चुत का मुँह ऊपर की तरफ हो गया।

फिर करन ने अपने हाथों से माया की चुत को अच्छी तरह खोल कर मेरे सामने कर दी। मेरे मुंह से ‘ओहह …’ की एक बुलंद आवाज़ निकली।

फिर मैंने माया की चुत को पागलो की तरह चाटना सुरु किया

मेरे माया के मुंह से – ‘हाय मेरी माँ, उन्ह मेरी माँ … माँ…’ अम्म अम्म उह्ह!

की ऊंची आवाज़ें अपने आप निकलने लगीं। चुत चटवाने में जो आनन्द है, वो सिर्फ उन्हीं औरतों को पता है जिनकी चुत चाटी गयी हो। वैसे पतिव्रता औरतों को यह आनन्द कम ही मिलता है।

खैर अब मैंने अपना पैंतरा बदला। अब मैंने उसकी चुत को बुरी तरह खींच कर जितनी चौड़ी हो सकती थी की, अपना पूरा मुंह खोला और फुद्दी को अपने मुंह में भर लिया और अपनी जीभ अंदर डाल कर पूरा जोर लगा कर चाटने करने लगा।

वो पागल हो गयी और अब उसके मुंह से बुरी तरह हुँकारें निकलने लगी। उस कमरे में जो कुछ चल रहा था वो कोई सोच भी नहीं सकता। करन अब कमरे में एक तरफ बैठा सब कुछ होता देख रहा था और हैरान परेशान हो रहा था।

5-7 मिनट की कारवाई ने माया अंदर तक हिला कर रख दिया और बुरी तरह से हिल हिल कर झड़ने लगी लेकिन मैंने अपना मुंह चुत पर ज़ोर से कसे रखा और चुत के पानी की एक एक बूंद तक बाहर नहीं आने दी।

दोस्तो माया अभी अभी बहुत ज़ोरों से झड़ी थी लेकिन मुझे उसकी चुत में ज़रा सी भी चिकनाई महसूस नहीं हो रही थी।

क्योंकि मैंने इतने ज़ोरों से चुत के घूंट जो भरे थे। मैंने जैसे तैसे अपनी अपनी सांसों को इकट्ठा करके माया के कान मे उखड़ती हुई, 

आवाज़ मे कहा- जानू … अंदर डालो क्या??!!

लेकिन माया ने मेरी बात को अनसुना कर दिया और फिर मैंने माया की चुत के ऊपरी हिस्से को खींचा और चुत के दाना बाहर निकाल कर 4-5 बार जीभ फेर दी।

माया फिर मेरे लौड़े के लिए बुरी तरह तरसने लगी और बिन पानी मछली की तरह छटपटाने लगी। माया ने अपनी टाँगें पूरी तरह चौड़ी कर दीं और फिर मैंने उसकी दोनों हाथों से चुत को इतनी बेदर्दी से चौड़ा कर दिया कि उसकी चुत के अंदर का सामान और दाना साफ साफ दिखने लगा।

फिर मैंने अपनी पूरी जीभ फिर से चुत के अंदर घुसेड़ दी। पूरी जीभ अंदर डाल कर अपने होठों से चुपड़ चुपड़ करने लगा।

तो माया सब कुछ भूल कर चिल्लाने लगी – हाय मेरी माँ … मेरी माँ … ये क्या है … मेरी माँ।। मैं मर जाऊंगी … हाय।

माया कि आवाज़ इतनी ऊंची थी कि करन को एकदम उठना पड़ा और आकर उसने अपने हाथ से माया का मुंह पूरी तरह ढक दिया। लेकिन फिर भी माया के मुंह से “गूँ।। गूँ।। गूँ।।” निकल ही रहा था।

माया पागल हो गई थी। अब उससे अपनी चुत के अंदर खलबली के साथ एक बहुत बड़ा खालीपन महसूस हो रहा था । लेकिन मै तो लगा ही रहा। माया बहुत ही बुरी तरह तड़प रही थी,मुझे अब माया पर तरस आ गया और फिर मैंने माया की अच्छे से तह लगाई और ‘फड़ाच’ की आवाज़ के साथ अपना मोटा काला लौड़ा एक ही बार में पूरी शक्ति के साथ अंदर पिरो दिया।

माया की चुत की अंदरूनी गर्माइश से हैरान होकर मेरे मुंह से अनायास ही निकल गया – ओ मेरे रब्बा, इतनी गर्मी है साली के अंदर?

यह कहकर मैंने एक बार फिर से अपना पूरा लौड़ा बाहर निकाल कर अंदर जड़ तक पेल दिया। मेरे लंड डालने के तरीके से करन भी आज बहुत आश्चर्य था। माया की चुत के एकबार फिर से परखच्चे उड़ने लगे। माया ने टाँगें पूरी तरह चौड़ी कर ली ताकि मेरा लौड़ा टट्टे तक अंदर ले जाए।

इस बार 200-250 तीब्र घस्सों का काम था। माया की चूत ने एक बार फिर हल्का सा पानी छोड़ दिया फिर मैंने 15-20 घस्से मारे और अपने लंड का सारा लावा उसकी चूत में भर दिया।

यह कुश्ती इतनी जबरदस्त थी कि हम दोनों अल्फ नंगे थे और पसीने से तरबतर हो गए और बुरी तरह हांफने लगे। न तो माया में और न ही मुझमें उठने की हिम्मत बची थी। इसलिए मई माया के ऊपर ही निढाल हो गया। 2-4 मिनट के बाद माया मुझसे मिन्नते करने लगी अलग होने के लिए और फिर मैंने उसको कस कर जफ्फी डाली और साइड मे लेट गया।

तभी माया ने अपनी चूत पर हाथ लगा कर देखा तो वो समझ गयी की आज मैंने उसकी चूत को पूरी तरह चौड़ा कर दिया है और उसकी चूत चूत न रह के एक गड्ढा बन गयी है जो इतने सालो मै करन नहीं कर पाया था जो आज एक रात की चुदाई मे मैंने कर दी थी।

उसके बाद मै करन और माया तीनो मिलकर एक ही बेड पर सो गए फिर सुबह मेरी आँख खुली तो देखा की माया मुझसे ही चिपक के सो रही थी। फिर मै उठ कर बाथरूम मै गया और फ्रेश हो कर आया तो देखा की करन और माया उठ चुके थे। 

माया चाय लेकर आयी और हम तीनो ने साथ मिलकर पी 

फिर मै बोला की – अब मुझे जाना होगा!!

करन बोला की – चले जाना,

फिर मै बोला की – घर पर कुछ काम है

और फिर मै वहा से निकल आया।

उसके बाद अगले दिन करन से मुलाकात हुई ऑफिस मे,आज वो बहुत खुश था उसने मुझे हुग किया और फिर पहले की तरह हमारी लाइफ नार्मल चलने लगी जैसे कुछ हुआ ही न हो।

फिर एक दिन करन मेरे पास आया और बोला की – एक गुड न्यूज़ है

मै बोला की – क्या?? 

वो बोला की – बता दू??

मैंने कहा की – बता न… 

बोला की मै बाप बनने बाला हु!!!

मै भी बहुत खुश हुआ और उसको बधाई दी जब मै ये स्टोरी लिख रहा हु तब उसकी वाइफ प्रेग्नेंट है, जल्दी ही उसके घर बच्चे की किलकारियां गुंजेगी। अब कहानी का अंतिम पड़ाव आ चूका है और मै जल्दी ही बापस आऊंगा अपने लंड की एक New Antarvasna Story लेकर तब तक अपनी तड़पती मचलती चुतो को संभाल कर रखो और उनको मेरी तरफ से बहुत बहुत प्यार देना।

आपका अपना रोहित मल्होत्रा! आपको मेरी Wife Sex Story कैसी लगी। अपना सुझाव जरूर दें, आपके सुझाबो का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा, [email protected]

आपको कहानी कैसी लगी?
+1
12.6k
+1
6.8k
+1
7.4k
+1
2.4k
+1
39
+1
156

Similar Posts

4 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *