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ड्राइवर दोस्त ने प्यारी बहन को कली से फुल बनाया-2 🌸

तो अब तक आपने पढा, शशी ने बालिग होते ही मम्मी के कदमो पर चलते हुए कांड कर दिया ओर अपनी सील खुलवा बैठी थी, सील खुलने के बाद शशी बहुत खुश थी, क्योकि मुकेश ड्राइवर ने मेरी प्यारी बहन को कली से फुल बना दिया था। मगर मम्मी इसबात से बिलकुल अनजान थी की शशी भी उनकी राह पर चल पडी है। खैर, जो होनी होती है वो होकर रहती है, चुत ओर लंड का रिश्ता दुनिया मे सबसे बडा ओर पवित्र रिश्ता है। 

शशी की चुत आगे क्या गुल खिलाएगी ये तो समय के गर्भ मे ही छिपा था, अब तक मगर शशी को मुकेश बहुत पसंद था ओर आजतक शशी मुकेश को पसंद करती है शशी रात को सोते सोते मुकेश की चुदाई को याद करने लगी। जिससे शशी की चुत की आग फिर से भडक उठी थी शशी को अब दिन निकलने का इंतजार था मुकेश के लंड को याद करके शशी की चुत ने कामरस छोड दिया।

पिछले भाग – ड्राइवर दोस्त ने प्यारी बहन को कली से फुल बनाया – 1 

तो शशी मुकेश के सपनो मे खोकर सो गयी सुबह उठकर शशी ने गुलाबी सुट पहना ओर 9 बजे सजकर तैयार हो गयी मुकेश आज फिर जल्दी आया शशी मुकेश के पास चिपककर वैन मे बैठ ओर शशी के परफ्यूम से पूरी वेन महकने लगी। पांच मिनट मे ही मुकेश शशी को अपने घर पर लेकर पहुंच गया ओर ताला खोलकर अंदर चले गये दोनो अंदर जाते ही दोनो एक दूसरे से लिपट गये ओर चुमने लगे। 

पांच मिनट चुमने के बाद मुकेश ने कहा वो राऊड छोड़कर आता है घंटे मे तुम तैयार रहना, 

तो शशी ने कहा – तुम ना जाओ मै तो अभी तैयार हू 

ये सुनकर मुकेश ने कहा – बस मै गया ओर आया तुम चिंता ना करो 

तो शशी ने कहा – चिंता होती तो यहा पर नही होती अब जाओ ओर जल्दी से आ जाओ 

मुकेश ने घर के आगे ताला लगाया ओर चला गया शशी ने नजरे वो किताबे ढुढने लगी, मगर वो मिल नही रही थी, तभी शशी ने चारपाई पर रखे तकियो को उठाया तो उसके नीचे वो किताबे रखी थी। शशी ने किताब खोल ली ओर फोटो बडे ध्यान से देखने लगी। 

तभी शशी की नजर 69 पोजीशन पर अटक गयी लंड चुसाई देखकर शशी भी मुकेश के लंड को चुसने की कल्पना करने लगी ओर उसकी चुत की चुदास भडक उठी। तभी शशी का हाथ उसकी चुत पर पहुंच गया ओर चुत को सहलाने लगा। शशी ने पेज पल्टा तो उसमे गांड मे लंड डालकर गांड चुदाई की फोटो आ गयी कुतिया बनकर चुदाई होते की उसी पोजीशन मे अगली फोटो मे लडके का लंड लडकी की चुत मे था जिसे देखकर शशी का बदन अब उसका साथ छोडने लगा। 

शशी ने अब सलवार के अंदर हाथ डाल लिया ओर अपनी पेटी को साइड मे कर के अपनी उगलि चुत मे डाल ली थी ओर फोटो देखकर उगलि जोर से अंदर बाहर करने लगी ओर अपने चरम पर पहुंच गयी दो मिनट के बाद शशी भरभरा कर झडने लगी। पेटी को साइड मे करने के कारण कामरस जाघो से होकर सलवार पर गिर गया सारा ओर शशी ने अपनो उंगली पर लगा कामरस चाटकर साफ कर दिया। 

शशी ने अन्तर्वासना कहानी की किताब बंद करके लेट गयी ओर आखे बंद करके मुकेश के आने का इंतजार करने लगी कल चुत की सील खुलने के बाद आज शशी को कीसी तरह का कोई भी डर नही था। अब तो बस वो चुदाई का मजा लेने की सोच रही थी बस शशी का इंतजार खत्म हुआ ओर गेट पर आहट हुई। तो शशी चारपाई पर बैठ गयी तभी मुकेश अंदर आया ओर दरवाजा लोक कर दिया। 

मुकेश अंदर आकर शशी के पास उससे चिपककर बैठ गया ओर शशी को देखकर एक स्माइल पास कर दी, 

शशी ने कहा – मुकेश आज तो दर्द नही होगा ना 

मुकेश ने कहा – शशी कल एकबार ही तो दर्द हुआ था ना बाद मे तो सब ठीक हो गया था 

तो शशी ने कहा – हा तो मुकेश ने कहा अब मेरे लंड की साइज की जगह बन चुकी है कुछ दिनो बाद तो पता ही नही लगेगा ओर हंसने लगा 

शशी ने कहा – अच्छा! 

तो मुकेश ने कहा – सच्ची! 

तो शशी ने मुकेश को गले लगा लिया ओर मुकेश ने भी अपनी बाहो मे शशी को भर लिया मुकेश ने शशी के होठो को अपने होठो से सटा दिया ओर चुसने लगा। शशी भी मुकेश के होठो को चुसने लगी जोर से पांच की चुमा चाटी के बाद शशी की चुदास भडक गयी तो शशी मुकेश की शर्ट के बटन खोलने लगी। तो मुकेश ने भी शशी का कुर्ता खोल दिया ओर शशी की चुचियो को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा। 

शशी दर्द से सी! सी! करने लगे ओर मुकेश की छाती पर हाथ सहलाने लगी। मुकेश ने हाथ पीछे ले जाकर शशी की ब्रा को खोलकर उसकी 34 की खडी चुचियो को मुह मे भरकर चुसने लगा। शशी ने मुकेश के सर को पकड लिया ओर अपनी चुचियो पर दबाने लगी। 

मुकेश एक हाथ से चुचि को दबाता तो एक चुचि को मुह मे भरकर चुसता शशी की सासे गर्म होकर बाहर निकलने लगी शशी की आहे! तेज होने लगी – आ आ आ आ आ

मुकेश ने शशी को खडा कर लिया ओर उसकी सलवार पेटी को खोलने के बाद अपनी पेट ओर कच्छा भी उतार फेका शशी को मुकेश ने चारपाई पर सुला दिया ओर पेरो की उगलि का मुह मे भरकर उपर की तरफ बढने लगा। मुकेश जाघो को चाटते हुए शशी की चुत तक पहुंच गया ओर चुत पर कीस करने लगा शशी का बदन मचलने लगा। इससे तभी मुकेश ने पेरो को फैला दिया ओर शशी की चुत पर झुककर अपने हाथो से शशी की लाल चुत जो कीसी डबलरोटी की तरह फुली हुई थी। 

उसकी चुत की लाल फांको को चोडा कर के उसमे अपनी जीभ फेरने लगा जीभ के स्पर्श से शशी की आंखे बंद हो गयी ओर आहे चालु हो गयी। 

शशी इस हमले को ज्यादा देर नही सह पाई ओर अपने हाथो से मुकेश के सर को पकडकर उसे चुत पर दबा दिया ओर मुकेश के मुह मे झडने लगी। मुकेश ने सारा नमकीन रस पी लिया ओर अब मुकेश खडा हो गया चारपाई के पास ओर शशी का हाथ पकडकर उसे चारपाई पर बैठा लिया ओर अपने मूसल लंड को उसके मुह पर लगा दिया। 

शशी ने मुह घुमा लिया तो मुकेश ने लंड को गालो पर रगड दिया शशी का मन कर रहा था लंड चुसने का मगर नखरे करना लडकीयो की आदत होती है। 

दोस्तो तभी मुकेश ने शशी के मुह को अपने हाथो से घुमाकर लंड के सामने कर दिया ओर उसके होठो पर लंड रगड़ने लगा। शशी का खुद पर काबू नही रहा ओर एक मिनट के बाद ही शशी ने अपना मुह खोलकर लंड को मुह मे ले लिया। मगर वो सिर्फ लंड ही नही था उसके नाम मे मुसल भी जुडा था, शशी ने लंड को मुह से बाहर निकाल दिया ओर सुपारे को जीभ से चाटने लगी। 

कुछ देर सुपारे को चाटने के बाद शशी लंड को अंदर लेकर चुसने लगी थी मगर लंड अभी भी आधा बाहर था मुकेश ने तभी शशी के बालो को पकड लिया ओर एक झटका मारकर पूरा लंड शशी के मुह मे डाल दिया जिससे गले के आखिर मे जाकर लंड फस गया ओर शशी को उबाक आने लगी। 

मगर मुकेश मुह को चोदता रहा कई देर तक अब शशी के जबडे दुखने लगा तो शशी ने मुकेश के हाथ को पकड लिया ओर लंड को मुह से निकाल दिया, 

ओर कहने लगी – मुकेश तुम तो कुछ सुनते ही नही हो 

तो मुकेश ने कहा – सोरी!! 

तो शशी ने कहा – कोई बात नही!! 

ओर शशी ने कहा – मुकेश अब खुजली मिटा दो पहले बहुत देर हो गयी है, 

तो मुकेश ने कहा – अभी लो 

शशी को चारपाई पर झुकने को कहा तो शशी समझी नही तो मुकेश ने कहा चारपाई के पास खडी होने को कहा ओर शशी की कमर पर हाथ रखा, 

ओर कहा – अब यू ही खडी खडी चारपाई पर लेट जाओ 

शशी समझ गयी ओर सर रखकर चारपाई पर उल्टी होकर लेट गयी मुकेश ने शशी के पेरो को फैला दिया। शशी की टांग चारपाई से चिपकी थी तो मुकेश की टांगे शशी से तभी मुकेश ने झुककर शशी की गांड को किस कीया ओर अपने हाथो से शशी की चुत को फैलाकर उसपर लंड का सुपारा रख दिया ओर अपने मुह से थूक गिराने लगा। 

अपने लंड पर ओर धीरे धीरे लंड पर दवाब देकर उसका सुपारा चुत के अंदर डाल दिया, 

ओर शशी को पूछा – ठीक हो?!! 

तो शशी ने कहा – हा ठीक हू!! 

तो मुकेश ने कहा – अब थोडा सा दर्द होगा कल जितना नही बस एक मिनट के लिए 

ओर शशी की कमर को पकड लिया ओर सुपारे को चुत के अंदर हिलाने लगा, 

तो शशी ने – डाल दो मै तैयार हू… आ आ अम्म अहह!

ये सुनकर उसने लंड पर ढेर सारा थूक गिरा दिया ओर अपने हाथो से उसे लंड पर मसलने लगा, लंड पर थूक मसलकर मुकेश ने एक झटके मे आधे से ज्यादा लंड चुत मे उतार दिया। शशी की चीख निकलने से पहले ही उसने दूसरा झटका लगाकर पूरा लंड चुत मे उतार दिया! 

शशी अब दर्द से बिलबिला उठी… तो लंड को बाहर निकालने का कहने लगी… तो मुकेश उसकी कमर पर लेट गया ओर अपने हाथो को नीचे ले जाकर उसकी चुचियो को इतना जोर से दबाया की चुत का दर्द भूलकर शशी ने अपने हाथो से मुकेश को हाथो को पकड लिया ओर मुकेश कहकर जोर से पुकारा, 

ओर चीखने लगी – आ आ अम्म अहह अहह मुकेश छोडो मुझे! 

मगर छोडने पर रहम करने से भला कोई चुदाई कर ही नही पाता मुकेश चुचियो को फिर से दबाने लगा। दो मिनट मे शशी सामान्य हो गयी, 

तो मुकेश ने कहा – अब ठीक है ना?!! 

तो शशी ने कहा – हा मुकेश अब कुछ ठीक है 

तभी मुकेश ने अपने मुसल लंड को बाहर निकाल लिया ओर जोर से चूत मे पैल दिया जिससे शशी की फिर से चीख निकल गयी, 

ओर कहने लगे – OMG! मारने आये हो या चोदने आराम से करो ना… 

तो मुकेश ने कहा – ठीक है!! 

ओर धीरे धीरे लंड चुत के अंदर बाहर करने लगा पांच मिनट के बाद जब शशी ने गांड हिलाकर लंड को अंदर लेने लगी तो मुकेश भी समझ गया की शशी अब तैयार है तो उसने लंड के झटको को तेज कर दिया ओर जोर से चोदने लगा। 

शशी की चीखे अब आहो मे बदलने लगी ओर वो सी सी सी सी हा मुकेश ऐसे ही कहने लगी तो मुकेश जोश मे आकर शशी को चोदने लगा। दस मिनट की चुदाई के बाद ही चुत की गर्मी के आगे मुकेश के लंड ने हथियार डाल दिये ओर वो अपने चरम पर पहुंचने लगा, जैसे वो हिंदी सेक्स कहानी में पढ़ता था। 

तभी शशी भी झडने को तैयार हो गयी ओर जैसे ही शशी का झरना मुकेश के लंड पर झरने लगा वेसै ही मुकेश के वीर्य की पिचकारी शशी की चुत को भरने लगी ओर दोनो आनन्द प्राप्त करने लगे। 

तभी मुकेश ने लंड को बाहर निकाल लिया ओर शशी के हाथ को पकडकर उसे चारपाई पर बैठा दिया ओर शशी के होठो पर लंड को रख दिया मुकेश का लंड झडने के बाद भी पूरा तना हुआ था। शशी के कामरस ओर मुकेश ने वीर्य से उसका गीला लंड शशी के होठो पर लगा दिया शशी ने भी मुकेश के लंड को मुह मे ले लिया ओर उसके वीर्य को चाटकर उसका स्वाद लेने लगी। 

शशी ने एक मिनट तक मुकेश के लंड को चाटकर साफ कर दिया अच्छे से ओर चारपाई पर लेट गयी तभी मुकेश ने शशी के पेरो को उठाकर उसे चारपाई पर कर दिये ओर उसके बगल मे लेट गया शशी के चेहरे से उसकी खुशी झलक रही थी। मुकेश ने शशी को अपने उपर लेटा लिया ओर चुमने लगा दोनो काफी देर यूही लेटे रहै ओर फिर ने टाइम देखा तो बारह बज गये थे। 

तभी मुकेश ने शशी को कहा – मुझे जाना होना तुम आराम करो, मे दो बजे आ जाऊगा, 

ये कहकर मुकेश ने कपडे पहने ओर घर को लोक करके चले गया शशी आज फिर बिना कपडे पहने नंगी ही सो गयी थी। दो बजे के करीब शनी की आंखे खुल गयी तो उसने कपडे पहन लिये ओर मुकेश का इंतजार करने लगी। तभी मुकेश घर आ गया ओर शशी को गले लगाकर चुमने फिर से दोनो ने एक दूसरे को एक लंबा किस कीया ओर मुकेश ने शशी को घर छोड दिया। तो दोस्तों कैसी लगी मेरी प्यारी जवान बहन वर्जिन गर्ल सेक्स स्टोरी, मुझे कमेंट में जरूर बताना।

कहानी अभी जारी है, पढ़ते रहिये मेरी माँ की अन्तर्वासना की आत्म कथा को, और मिलते है अगले भाग में।

Writer – Rohit Kumar, [email protected]

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