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ड्राइवर दोस्त ने प्यारी बहन को कली से फुल बनाया 🌸

लंड ओर चुत की चिकनाई के चलते सुपारा अंदर चला गया ओर चुत की दिवारो को अंदर से चीरकर बढने लगा। शशी की चुत का दर्द भी बढने लगा लंड के बढने के साथ ही सुपारा अंदर जाते ही मुकेश रूक गया ओर शशी को किस करने लगा। पूरा किस्सा जानते है इस ड्राइवर दोस्त ओर प्यारी बहन की चुदाई कहानी में। 

मेरी बहन भी खुबसूरती के मामले मे मेरी मम्मी से भी ज्यादा होट थी शशी की लंबाई मम्मी से ज्यादा थी। मगर अभी उसकी चुचिया ओर गांड मोटी नही हुई थी ज्यादा उधर मम्मी आमिर ओर शोकत से मजे लुट रही थी। आमिर ओर शोकत की चुदाई के कारण मम्मी अब ओर भी खुबसूरत हो गयी। 

ओरत की खुबसरती का सबसे बडा रहस्य यही है ओरत के जिस्म मे निखार चुदाई से ही आता है ओर अच्छी चुदाई मिलते रहने से ये निखार लगातर बढता रहता ओर उम्र का भी पता नही चलता। ओरत की तरह के तरह के लंडो का वीर्य पिकर मम्मी की जवानी अब भी इसी कारण बरकरार है। चलिए अब अपनी First Time Sex Story पर आते है।

दोस्तो मेरी बडी बहन भी चुदवाने के लिए मचल रही थी मम्मी की नजर मे वो अब भी बच्ची थी। तो एक चुदक्कड मा की बेटी मम्मी भी 18 की उम्र से अब तक बिना रूके दिन रात चुदे जा रही थी तो बेटी भी तो चुदेगी। उसकी जैसा की मैने आपको बताया था मुकेश जो मेरा दोस्त था। 

वो अब ड्राइवर बन गया मुकेश के घर मे उसकी मा ओर दो छोटी बहने भी थी इसलिए मुकेश ड्राइवर बन गया था मुकेश के पडोसी ने उसे वेन चलाना सिखाया ओर कॉलेज की वेन पर ड्राइवर की नोकरी लगवा दी थी। संयोग से उसी कॉलेज मे मेरी बहन पढती थी वेसे तो वेन मे आगे दो सीट ही होती है मगर सवारी ढोने वाले उसमे बीच मे सीट जुडवा लेते है। 

सबसे पहले मुकेश हमारे घर ही आता था ओर मुझ से मिलकर मेरी बहन को ले जाता था पहले मेरी बहन पिछे बैठकर जाती थी मगर कुछ दिनो के बाद शशी आगे बैठने लगी। तो मेने पूछा तो कहने लगी, पिछे एक सीट पर पांच लडकीया हो जाती है, तो उपर बैठना पडता है लडकीयो को इसलिए वो आगे बैढने लगी। 

मेने भी कहा – मुकेश तुम शशी को अपने पास ही बैठा लिया करो ताकी वो तंग ना हो 

ये सुनकर मुकेश ने कहा – मेरे होते हुए शशी तंग कैसे हो सकती है 

तो मै उसका मतलब वही सोचा जो ओर सभी सोचते ओर खुश हो गया, इधर मुकेश उनको छोडकर कॉलेज के अंदर ही वेन पार्किंग मे लगाकर गाडी मे ही बैठा रहता या बाहर जाकर घुम आता शशी ओर मुकेश कॉलेज मे एक दूसरे से मिल जाते। तो एक दूसरे की तरफ देखकर हंस देते शशी के दिल मे भी मुकेश छाने लगा था धीरे धीरे इधर मुकेश भी शशी की जवानी पर मोहित हो उठा था। 

मुकेश अच्छे कपडे पहनकर क्लिन शेव ओर परफ्यूम लगाकर आने लगा मुकेश की हाइट 6 फीट की थी ओर उसकी बोडी भी काफी मजबूत थी मुकेश का रंग गोरा ओर आखे काली थी। मुकेश एक बहुत ही सुंदर लडका था मुकेश अगर कीसी लडकी को पटाने की कोशिश करता तो वो आराम से पट जाए मुकेश अब धीरे धीरे आगे बढने लगा था। 

ताकी पता चले शशी क्या चाहती है आज जब कॉलेज से निकले तो रोजाना की तरह ही शशी मुकेश से चिपककर बैठी थी मुकेश ने वेन स्टार्ट की ओर राऊड लेकर निकल पडा मुकेश ने गियर लगाने के बहाने आज शशी की जाघो को अपने हाथ से सहलाया तो शशी छुई-मुई की तरह सिमट गयी। मुकेश ने डरते डरते ही शशी की जाघो को छुआ था ओर सामने की तरफ ही देखता रहा। 

शशी मुकेश की तरफ देख रही थी तभी मुकेश ने शशी को देखा तो शशी ने हंसकर मुकेश को सहमति दे दी तो मुकेश ने कुछ देर बाद फिर से शशी की जाघो को छुकर शशी की तरफ देखा तो शशी फिर से हंस दी मुकेश को ग्रीन सिग्नल मिल चुका था। शशी का मुकेश अब नजरे बचाकर बार बार शशी की जाघो को छुने लगा ओर इसी तरह आधे घंटे मे मुकेश शशी को घर पर छोडकर चला गया। 

अगले दिन, 

शशी ने गुलाबी रंग का सुट पहन ओर परफ्यूम लगाकर तैयार हो गयी मुकेश के आते ही वो वैन मे मुकेश के पास चिपककर बैठ गयी वैन मे अभी दो जने ही थे मुकेश ही गियर डालकर शशी की जाघो को सहलाकर शशी को देखा तो शशी ने कातिल मुस्कान दे दी। मुकेश को मुकेश के इतना काफी था शशी अकेली थी तो मुकेश ने भी आज गियर डालने के बाहने अपने हाथ को शशी की चुत तक पहुंचा दिया। 

चुत पर हाथ का स्पर्श होते ही शशी को एक अलग ही एहसास हुआ ओर उसके शरीर मे एक सिहरन दोड उठी कहे तो करंट सा लगा। उसके शरीर को इसी तरह मुकेश ओर शशी के बीच की हरकते अब दिनो दिन बढने लगी थी। जब वैन भर जाती तो मुकेश साइड से हाथ पिछे कर के शशी की गांड को छु देता जिससे शशी हंसकर मुकेश को आगे बढने का हौसला दे देती। 

ऐसी ही अगले दिन, 

जब शशी को लेकर निकला तो आज मुकेश ने फाटक बंद करने के बहाने शशी के दूध को अपने होठो से छु लिया जिससे शशी की आखे बंद हो गयी गाडी चलते ही मुकेश ने अपने उल्टे हाथ को पीछे सीट पर रखा ओर शशी के कंधे पर ले आया। फिर हाथ को नीचे कर के शशी के दूध के उपर रखकर सहला दिया मुकेश शशी के पूरे जिस्म को छु लेता था। 

शशी भी चाहती थी मुकेश आगे बढे मगर दोनो मे बात करके आगे बढने की हिम्मत भी नही  हो रही थी मुकेश स्वभाव से बहुत अच्छा है मगर मुकेश की गांड बहुत फटती है साफ साफ कहे तो बहुत ही फटु किस्म का है चलाकर करने की उसमे बिलकुल भी हिम्मत नही थी। इधर शशी चाहती थी वो पहल करे तो वो चुदाई का मजा लेकर देखे इस तरह दोनो एक दूसरे को पसंद करते थे ओर चुदाई भी करना चाहते थे।

मगर पहल कोई नही कर पा रहा था, मम्मी ने काफी बार गोर कर के देखा की मुकेश जब शशी को लेने आता तो दोनो के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती जिसे देखकर मम्मी को दोनो पर शक हो गया। मम्मी ने अब शशी पर नजर रखनी शुरू कर दी मगर दोनो के बीच अभी कुछ भी नही हुआ था मुकेश की जवानी देखकर मम्मी उसपर शक कर रही थी। 

जबकी वो एक नबर का फटु था जैसा की मम्मी को शशी ओर मुकेश पर शक हो गया था तो मम्मी शक को दूर करने का सोचने लगी थी। इसी बीच शशी ने मंगलवार को मम्मी से कहा उसकी गुरूवार ओर शुक्रवार को छुट्टी है, 

तो मम्मी ने कहा – चल कल तु कॉलेज चली जा ओर फिर मे गुरुवार ओर शुक्रवार को बाजार जाऊगी पूरा दिन तु घर पर रहेगी, तो मुझे भी कोई चिता नही रहेगी।

मम्मी ने सोचा अगर इसका कोई चक्कर है तो वो लडका घर आएगा ओर वो उन्हे पकड लेगी मम्मी गुरुवार को बाजार का कहकर निकली ओर रवि के घर की चाबी मम्मी के पास ही थी। तो रवि के घर का लोक खोलकर उपर छत पर जाकर बैठ गयी कोने मे ओर घर पर नजर रखने लगी दोपहर मे पापा का खाना लेने गाडी आई ओर ड्राइवर खाना लेकर चला गया। उसके बाद मम्मी तीन घंटे ओर वही बैठी रही मगर कोई नही आया तो चार बजे मम्मी नीचे आ गयी ओर रवि के घर को लॉक कर के घर पहुंच गयी। 

मम्मी ने दरवाजा बजाया तो शशी अंदर सो रही थी उठकर आई ओर दरवाजा खोल दिया, 

शशी ने कहा – मम्मी क्या हुआ आप खाली हाथ ही आ गयी 

तो मम्मी ने कहा – बेटा आज बाजार ही नही जा पाये वो आंटी कही बाहर गयी थी तो मै दादी ओर चाची के पास जाकर बैठ गयी काफी महीनो बाद गयी, तो बाते करने लग गये, फिर देखा दो बजे घडी की तरफ तो सोचा तुम सो रही होगी, तो दो घंटे ओर वही बैठ गयी। 

ये सुनकर शशी ने कहा – कोई बात नही, कल मै भी चलूगी साथ मे 

तो मम्मी ने कहा – बेटा तुम भीड मे परेशान हो जाओगी वो बाजार अच्छा नही है अगले हफ्ते दूसरे बाजार मे जाऊगी तब ले चलूगी 

तो शशी ने कहा – ठीक है मम्मी! 

कमरे मे जाकर कपडे बदलने लगी ओर कपडे बदलते हुए मुकेश के बारे मे सोचने लगी। मुकेश के बारे मे सोचते ही मम्मी की कामुकता चुदास भडक गयी। मम्मी पजामा टीशर्ट पहनकर बैड पर लेट गयी ओर मुकेश के बारे मे सोचकर अपनी उगलियो से चुत को सहलाने लगी। मम्मी आखे बंद हो गयी ओर हाथ अब पजामे के उपर नही अंदर जा चुका था ओर पेटी को साइड मे कर के दो उंगलिया चुत मे फंसाकर जोर से हिलाने लगी। 

तभी शशी ने मम्मी को आवाज लगाई तो मम्मी हडबडाकर उठ गयी। घर के कामकाज मे लग गयी ओर इस बीच दो महीने के बाद रवि भैया की शादी तय हो गयी ओर एक बार ही वो जयपुर आ सके बस। रवि भैया की शादी मे हम सपरिवार गये तो अपनी गाडी लेकर गए ओर दिन की पार्टी थी इसलिए शाम को हम लोट आए। मम्मी को वहा पर किशन, मोहन, नीरज, घूर घूर के ताक रहे थे। 

मगर आज उन्हे कोई मोका नही मिला इसलिए वो अपने लंड को मसल कर ही रह गये मम्मी की हवस भी उनको देखकर भडक गयी ओर उनकी चुत उस रात को याद करके गीली हो गयी वहा पर। मगर चुत की आग बुझ नही पाई रात को सर्दी बढ गयी थी दिन छोटे होने लगे। 

नवंबर के महीने की बात थी ये तभी मेरा जन्मदिन आया ओर मे भी 17 का हो गया ओर मेरे अंग भी विकसित हो रहे थे। मेरी बढती उम्र के साथ मे अब मुझे भी लडकीयो के बदन को देखकर अच्छा लगने लगा था शशी की हवस अब पूरे जोरो पर थी मगर हवस मिटाने के लिए ना ही जगह थी। उनके पास ना ही कोई कमरा अब शादीयो का सीजन शुरू हो चुका था ओर मुकेश के परिवार मे कोई शादी आ गयी जिसके कारण उसकी मम्मी मुकेश की दो बहनो को लेकर गांव चली गयी। 

पांच दिन के लिए इधर मुकेश अकेला हो गया था घरपर मतलब उसको मोका मिल गया था कुछ करने का मुकेश आज थोडा जल्दी आ गया वैन लेकर शशी अभी तैयार ही हो रही थी। तभी वैन का होर्न सुनकर वो जल्दी से तैयार होकर बाहर आ गयी ओर मुकेश से चिपककर बैठ गयी ओर कहने लगी, आज तो तुम जल्दी आ गये! 

तो मुकेश ने कहा – आज से पांच दिन जल्दी ही आऊगा क्योकी घरवाले गांव गये हुए है 

ये सुनकर मम्मी ने – फिर खाना बना लोगे 

तो मुकेश ने कहा – होटल भी है शहर मे 

तो शशी ने कहा – होटल का खाना मत खाना मे बनाने चल दूगी 

तो मुकेश ने कहा – तुम क्यो तकलीफ करती हो 

तो शशी ने कहा – कोई बात नही 

तो मुकेश ने जाघ पर हाथ रखा ओर सहलाकर कहा – ठीक है! मगर घर पर क्या कहोगी?! 

तो शशी ने कहा – कह दूगी पांच दिन एक्स्ट्रा क्लास है 

मुकेश तो फटु था, मगर शशी ये मोका गवाना नही चाहती थी अब वैन मै सभी लडकीया आ गयी ओर कॉलेज पहुंच गये। शशी का क्लास मे मन नही लग रहा था वो बस छुट्टी होने का इंतजार कर रही थी। छुट्टी होने का इंतजार मुकेश भी कर रहा था। जैसे तेसै समय निकला ओर छुट्टी हो गयी मुकेश ने सबको घर छोड दिया। 

तो शशी ने कहा – जल्दी से अपने घर चलो मे खाना बना देती हू, तुम फिर मुझे छोड देना, 

ये सुनकर मुकेश वैन लेकर अपने घर पहुंच गया। मुकेश दो कमरे के घर मे रहता था दोनो कमरे मे दो दो चारपाई लगी थी ओर ब्लेक& व्हाइट टीवी ओर बस छोटा मोटा समान इधर उधर बिखरा पडा था। रसोई मे कोई सब्जी भी नही थी। 

तो शशी ने कहा – मुकेश मे पराठे बना देती हू नमक मिर्च के, दही लाकर खा लेना, कल सब्जी ले आना, तो सब्जी रोटी बना दूगी, 

शशी ने जल्दी से पराठे बना दिये तो मुकेश ने कमरे की सफाई कर ली, इस दौरान शशी परांठे बनाकर बाहर आई तो मुकेश ने कमरे मे बैठने को कहा, तो शशी कमरे मे रखी चारपाई पर बैठ गयी। मुकेश खडा रहा चुपचाप उसे डर लग रहा था इसलिए वो शशी के सामने खडा रहा, 

तभी शशी ने कहा – वैन मै तो चिपककर बैठते हो यहा खडे हो 

तो मुकेश ने पास बैठकर कहा – वहा जगह नही होती ना 

तो शशी ने कहा – तभी पिछे से हाथ डालकर मेरी कमर पर हाथ रखते हो है ना 

तो मुकेश चुप हो गया! 

शशी ने पूछा – ओर कोन कोन है घर मै 

तो मुकेश ने बताया दो छोटी बहने ओर मा है बस पापा बचपन मे ही खत्म हो गये थे उसके ये कहकर वो भावुक हो गया 

तो शशी उसके कंधो पर हाथ रखकर सहलाने लगी, मुकेश भी शशी की तरफ मुह कर के उसके गले लग गया, आग लगने के लिए बस एक चिंगारी की ही जरूरत होती है। दोस्तो ओर वो चिंगारी इस चुदाई Desi sex kahani मेंलग चुकी थी। गले लगते के कुछ देर बाद दोनो की हवस उफान पर पहुंचने लगी मुकेश ने शशी की कमर सहलाने लगा। 

तो शशी ने भी मुकेश की कमर को सहलाकर उसे आगे बढने की इजाजत दे दी मुकेश ने अब थोडी हिम्मत दिखाई ओर धीरे से शशी की गर्दन को चुम लिया। शशी इस चुमन से सिहर उठी ओर उसकी सासो की गर्मी से मुकेश उत्तेजित हो गया। शशी की गर्म सासे मुकेश के कान मे लग रही थी तभी मुकेश ने शशी के मुह को सामने कीया ओर उसके होठो पर अपने होठ रख दिये ओर दोनो एक दूसरे को कीस करने लगे। 

वो उन दोनो का पहला कीस था मतलब दोनो सेक्स लाइफ से अनजान थे मगर चुदास बहुत पुरानी हो गयी थी वो अपने आप पर काबु नही रख पा रहै थे ओर पागलो की तरह कीस करने मे लगे थे। बस ओर इसी उत्तेजना के चलते शशी की चुत ने भी उसका साथ छोड दिया ओर शशी उत्तेजित होकर झडने लगी। मुकेश का लंड पेट मे तनकर पहली बार कोई चुत चोदने के लिए तैयार था। 

उधर मगर कामरस निकलने के बाद शशी ठंडी हो गयी बिलकुल तो मुकेश भी उत्तेजित होकर पेट मे ही झड गया दस मिनट की चुमा चाटी से, दोनो अचानक से ठंडे हो गये। 

तो मुकेश ने कहा – शशी चलो लेट हो गयी बहुत आज कल तुम्हे मे जाते वक्त घर पर छोडकर आ जाऊगा, ताकी हमारे पास कुछ समय हो 

ये सुनकर शशी भी खुश हो गयी ओर मुकेश ने शशी को घर छोड दिया। मम्मी शशी के घर पहुंचते ही शशी को पूछने लगी आज इतनी लेट कैसे हो गयी, 

तो शशी ने कहा – मुकेश अपनी वैन का काम करवाने गया था इसलिए वो लेट हो गया कॉलेज आने मे, 

तो मम्मी ने कहा – ठीक है तुम खाना खा लो ओर कपडे बदल लो, 

पहले शशी की सील आज खुलने से बच गयी, खैर बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी ओर अगले दिन, मुकेश जल्दी आ गया ओर शशी को घर पर लेकर चला ओर शशी से गले लगकर उसे कीस कर दिया। 

शशी की चुदास भडकाने के लिए मुकेश कुछ Sexy Story की किताबे लेकर आया था ओर वो किताबे शशी को देकर, मुकेश ने कहा – मे बाहर ताला लगाकर जाऊगा, ताकी ताला देखकर कोई घर नही आए, 

शशी ने कहा – ठीक है 

तो मुकेश ने कहा – वो कोमिक्स पढना उसमे फोटो है बहुत सुंदर 

ये कहकर मुकेश ने घर के बाहर ताला लगाया ओर चला गया शशी ने मुकेश के जाने के बाद वो किताब खोली तो शशी को पसीने आने लगे, बडे बडे लंड ओर चुत की फोटो देखकर शशी की धडकने बढने लगी ओर फोटो देखकर वो कहानीया पढने लगी। आप सोच रहै होगे ये सैक्सी किताब मम्मी ने भी पढी ओर बेटी ने, तो बता दू… जब मोबाइल नही आए हुए थे मतलब सभी लडके ओर लडकीया ये पढते थे अपनी जवानी के दिनो मे। लडके मुठ मारकर सोते थे तो लडकिया ये कहानीया पढकर उंगली डालकर अपनी चुत की आग को ठंडा करती थी। ना OYO होटल थे, ना ही मोबाइल, और न ही xantarvasna.com जैसी कमल की वेबसाइट जहा आप फ्री में ऐसी कहानिया पढ़ सकते थे। 

शशी जल्दी जल्दी कहानीया पढने लगी ओर गोर से वो फोटो को देखने लगी शशी की उत्तेजना चरम पर पहुंच गयी। तो उसने अपने हाथ को सलवार मे डालकर अपनी चुत मे पहली बार उंगली डाल ली। जिससे थोडा सा दर्द हुआ, मगर उंगली डालते ही शशी अपने चरम पर पहुंच गयी ओर उसके साथ मे कामरस भर गया। उसने अपना हाथ बाहर निकाला ओर पहली बार अपने कामरस को देखकर उसके बदन मे सिहरन सी दोडने लगी। 

तभी उसने लंड ओर चुत को चाटने का सीन याद कीया ओर कामरस से चिपचिपी हुई उंगली को मुह मे डाल लिया जिसके नमकीन स्वाद से शशी आनन्द के सागर मे खोने लगी। शशी ने फिर से किताब को पढना शुरू कीया ओर काफी तरीके से सैक्स करने के तरीके देखे। शशी इनको देखकर फिर से उत्तेजित होने लगी ओर आज शशी ने चुत की आग बुझाने का सोच लिया। 

पक्का शशी की विवाहित कॉलेज की सहेलियो से चुत के फटने से होने वाले दर्द ओर मजे के काफी किस्से सुने थे। मगर कभी लंड देखा नही आजतक मगर आज शशी सारे दर्द झेलने के लिए तैयार थी बिलकुल ओर इसी कशमकश मे एक घंटा बीत गया। तभी उसे दरवाजे पर कुछ आवाज आई तो वो संभलकर बैठ गयी तभी मुकेश ने दरवाजा खोला ओर अंदर आ गया। 

शशी ने किताबे दिवार मे बनी अलमारी मे रख दी, तभी मुकेश कमरे मे आ गया ओर मुकेश ने अंदर आते ही शशी को पकड लिया ओर चुमने लगा। शशी भी तैयार ही थी लेकिन आज मुकेश ये मोका नही खोना चाहता था मुकेश ने किस करते करते ही शशी की चुचियो को दबा दिया। 

शशी की चुचियो को पहले भी मुकेश दबा चुका था मगर आज जिस तरीके से दबाया उससे शशी की आह! निकल गयी। तभी मुकेश ने शशी के कुर्ते को खोल दिया शशी भी जल्दी से चुदना चाह रही थी बस अब तो शशी ने लाल रंग की ब्रा पहनी थी। जिसमे उसके 34 की चुचियो तनी हुई थी शशी की निपल काले रंग की ओर आम लडकीयो की तरह ही थोडी मोटी थी मुकेश ने ब्रा को खोल दिया। 

ओर शशी की चुचियो को मुह मे भरकर चुसने लगा मुकेश ने अब अपनी शर्ट उतार दी मुकेश के सीने पर बालो के गुच्छे से बने हुए थे जिसको शशी छुकर मदहोश होने लगी। तभी कीस करते हुए मुकेश ने शशी की सलवार खोल दी ओर अपनी पेट को भी खोल दिया। अब दोनो सिर्फ पेटी ओर कच्छे मे खडे होकर कीस कर रहै थे तभी मुकेश ने अपना हाथ शशी की पेटी मे डाल दिया ओर उसकी चुत को सहलाने लगा। 

शशी की आहे निकलने लगी अब वो बेकाबू होने लगी थी! मुकेश ये सब समझ रहा था वो उसे ओर भडका रहा था ताकी वो खुद उससे चुदने को कहे मुकेश ने अब शशी के हाथ को पकडकर अपने कच्छे मै डाल दिया। शशी ने जैसे ही मुकेश के मूसल जैसे लंड को छुआ तो डरकर हाथ बाहर खीच लिया, 

ओर मुकेश से कहा – मुकेश ये बहुत बडा है!!!!! मेरी चुत फट जाएगी!!! मै नही करूगी!!! 

ये सुनकर मुकेश ने सोचा लगता है सारा काम बिगड जाएगा, मगर मुकेश अब हवसी बन गया ओर शशी का हाथ पकडकर फिर से कच्छे मै डाल दिया, 

ओर कहा – पकडकर देखो तो सही, इससे भी बडे बडे लंड चुत मे जाते है, कुछ नही होगा, जितना बडा लंड होगा मजा भी उतना आएगा… 

तो शशी ने कहा – मुकेश दर्द बहुत होगा, ये सच मे बहुत बडा लग रहा है… 

तो मुकेश ने चुत से तो बच्चे निकलते है वो तो इस लंड से बहुत बडे होते है, डरो मत… मे दर्द नही करूगा, अगर दर्द होगा तो मै नही करूगा… 

ये सुनकर शशी ने लंड को पकड लिया ओर अपनी मुठ्ठी मे पकडकर सहलाने लगी, तभी मुकेश ने शशी को चारपाई पर लेटा दिया ओर उसकी जाघो को चुमने लगा। मुकेश ने शशी की पेटी निकाल दी ओर शशी की चुत को चुमने लगा। शशी चुत को चुमने पर सातवे आसमान मे पहुंच गयी तो मुकेश ने चुत पर जीभ लगाकर चाटने शुरू कर दी। जिसके चलते शशी की चुत की आग भडकने लगी जोर से, तभी मुकेश ने अपनी एक उगलि शशी की चुत मे डाल दी ओर अंदर बाहर करने लगा। 

मुकेश कल रात को अपने शादीशुदा दोस्तो से चुदाई के कुछ गुण सिखकर आया था ओर वो उसी तरह शशी के साथ कर रहा था जैसे उसके दोस्तो ने बताया था। शशी की चुत मे उंगली ने असर दिखा दिया था अब शशी की चुत लंड मागने लगी, तो शशी ने जोश मे आकर मुकेश को चोदने को कह दिया। 

मगर मुकेश उसे ओर गर्म करने मे लगा रहा तभी कुछ देर बाद शशी ने मुकेश के लंड को पकड लिया,

ओर कहने लगी – अब डाल दो मुकेश रहा नही जाता!! 

ये सुनकर मुकेश ने शशी को कहा – नही शशी तुम्हे दर्द होगा 

तो शशी ने कहा – कोई बात नही होने देना मगर तुम मुझे चोद दो बस मै सह नही सकती ओर ज्यादा 

ये सुनकर मुकेश समझ गया अब लोहा गर्म है चोट मार दो, तो मुकेश ने चारपाई पर शशी की टांगो को फैलाकर उसकी चुत पर लंड को घिसने लगा मुकेश का लंड उस समय 6 इच लंबा ओर 3 इच मोटा था, जो अब 7 इच लंबा हो गया है, दो मिनट तक मुकेश शशी को तडफाता रहा। 

जिसके बाद मुकेश ने शशी को कहा – तैयार हो ना!?! 

शशी ने कहा – हा तुम करो ना जल्दी से!! 

ये सुनकर वो रूक गया ओर खडा हो गया 

तो शशी ने कहा – क्या हुआ अब कहा जा रहे 

तो मुकेश ने कहा – आया 

मुकेश चाहता था ज्यादा दर्द ना हो, इसलिए वो रसोई से सरसो का तेल लेकर आया कटोरी मे, चारपाई के उपर पर आकर अच्छे से अपने लंड को चिकना करने लगा ओर एक उंगली तेल मे भरकर शशी की चुत मे भी उतार दी ओर अंदर बाहर करके चुत को भी थोडा चिकना कर दिया। 

अब मुकेश वापिस अपनी पोजीशन पर लोट आया ओर शशी की चुत पर सुपारा रखकर शशी के ऊपर लेट गया ओर उसके होठो को अपने होठो मे दबाकर अपने सुपारे का दवाब शशी की चुत पर बढा दिया। लंड ओर चुत की चिकनाई के चलते सुपारा अंदर चला गया ओर चुत की दिवारो को अंदर से चीरकर बढने लगा। शशी की चुत का दर्द भी बढने लगा लंड के बढने के साथ ही सुपारा अंदर जाते ही मुकेश रूक गया ओर शशी को किस करने लगा। 

शशी सुपारे के दर्द को तो झेल गयी मगर अब शशी की असली परीक्षा होनी थी तभी मुकेश ने पूरी ताकत से अपना लंड चुत मै ठोक दिया। चुत मे अब आधे से ज्यादा लंड फस गया शशी की होठ मुकेश के होठो के अंदर होने के बाद भी उसकी चीख बाहर निकल गयी शशी के हाथो को फैलाकर मुकेश ने पकड रखा शरीर पर पूरी पकड होने के कारण शशी चाहकर भी नही हिल पायी। तभी मुकेश ने एक झटका ओर लगा दिया ओर अपना मोटा मूसल लंड चुत मै पूरा उतार दिया। 

शशी की चीखे निकल गयी – आ आ आ आ आए आ आ अहह अम्म आए, 

मगर वो घुट गयी मगर आंखो से शशी का दर्द बाहर निकलने लगा ओर आंसू बहने लगे, शशी रोने लगी, मगर मुकेश इसके लिए तैयार था, 

वो शशी के होठो को चुसे जा रहा था जोर से इधर नीचे शशी की चुत से निकला खुन चारपाई की चद्दर पर गिर गया ओर शशी की चुत की सील आखिरकार मुकेश ने खोल ही दी। दस मिनट मुकेश शशी को किस करता रहा ओर दस मिनट के बाद शशी बिलकुल शात हो गयी तो मुकेश ने शशी के होठो को आजाद कर दिया। 

शशी ने होठो के छुडते ही मुकेश को कहा – फाड दी ना मेरी चुत!! 

तो मुकेश ने – कभी ना कभी तो फटनी ही थी ओर वो भी लंड से ही फटने थी, क्या पता ऐसा लंड मिले या नही, 

ओर ये कहकर उसने अपने लंड को हल्का से बाहर निकाल कर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। शशी की चुत मे जगह बनने लगे मुकेश के लंड की तो शशी को अब आराम आने लगा कुछ देर आराम से अंदर बाहर लंड कीया, तो शशी को मजा आने लगा। 

तो वो भी अब गांड उठाकर लंड खाने लगी जैसे ही शशी ने अपनी गांड उठाकर साथ दिया मुकेश का वेसै ही मुकेश ने भी अपने लंड की स्पीड को बढा दिया ओर जोर से चुत को चोदने लगा। तभी मुकेश चरम पर पहुंचने को हो गया ओर शशी की चुत भी चरम पर पहुंच गई थी। इस तरह 10 मिनट की पहली चुदाई के बाद दोनो एकसाथ झड गये ओर जोर जोर से सासे लेने लगे। 

शशी आज कली से फुल बन गयी थी मगर उसकी चाल बदल गयी ओर चुत भी सुज गयी थी पूरी तरह मुकेश का लंड भी छिल गया था पहली चुदाई के चलते, 

शशी ने कहा – मजा तो बहुत आया मगर दर्द बहुत हुआ मुकेश 

तो मुकेश ने कहा – पहली बार दर्द ज्यादा मजा कम फिर दर्द कम मजा ज्यादा अब सिर्फ मजा ही आएगा, दर्द नही होगा, जितना दर्द होना था, वो हो गया, 

मुकेश खडा होकर रसोई से सरसो के तेल की कटोरी को गर्म करके ले आया ओर गर्म गर्म तेल से शशी की चुत की मालिश करने लगा जिससे शशी को बडा आराम मिला, 

मुकेश ने शशी को कहा – तुम दो घंटे सो जाओ, मै दो बजे आ जाऊगा, फिर तुम्हे घर छोड दूंगा,

शशी ने कहा – ठीक है मुकेश! 

लोक लगाकर चला गया ओर शशी नंगी ही सो गयी चुदने के बाद, ऐसी नीद आई की दो घंटे बाद मुकेश ने आकर ही शशी को जगाया। तो शशी का दर्द अब कुछ कम हो गया था तेल की मालिश ओर सोने के कारण शशी ने कपडे पहने ओर तैयार हो गयी। 

शशी ने मुकेश को चुमकर उसे धन्यवाद कहा ओर गले लगा लिया ओर शशी को मुकेश ने घर पर छोड दिया शशी घर पर आकर खाना खाकर फिर से लेट गयी ओर जब शाम को उठी तो उसका बदन का दर्द गायब हो गया था मगर चुत मे दर्द अभी भी हो रहा था मगर अब शशी बहुत खुश थी।

कहानी अभी जारी है, पढ़ते रहिये मेरी माँ की अन्तर्वासना की आत्म कथा को, और मिलते है अगले भाग में।

पिछले भाग – दो मुस्लिम मर्द और मेरी चुदासी माँ – 2

Writer – Rohit Kumar, [email protected]

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