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ससुर बहु की चुदाई कहानी

जिस्म की भूख मुझसे क्या-क्या करवाती है, अपने ही ससुर के लंड से चुदवाती है। जब मैं उनको तोलिया पकड़ आने के लिए जाती हूं तो गलती से मैं उनका लंड देख लेती हूं। अब आगे की ससुर बहु की चुदाई कहानी पढ़कर मज़ा ले।

दोस्तों मेरा नाम सीमा कुमारी है मेरी एज 25 साल की है और मेरा साइज 34d-32-34 है। मेरी शादी को अभी  1 साल ही हुआ है मेरे पति का नाम नीरज कुमार है। उनकी एज 30 साल है उनकी लंड का साइज 4 इंच है जो मुझे कभी भी संतुष्ट नहीं कर पाता। वो मुझे छोड़ भी नहीं पाते थे ठीक से और पोर्न और Family sex stories पढ़के मुठ मारते थे बस। साला चुटिया आदमी!

मैंने बचपन से अपनी चूत को अपने पति के लिए संभाल कर रखा था बहुत से लड़के मेरे स्कूल कॉलेज में ट्राई करते थे पर मैंने कभी भी किसी को लाइन नहीं दी। मैंने सोचा था कि मैं जिंदगी में पहली बार चुत अपने पति को दूंगी वही मेरी चूत का उद्घाटन करेगा।

मेरी सुहागरात पर ही मेरे पति ने मेरे सारे सपनों पर पानी फेर दिया। अब मैं आपको अपनी सुहागरात के बारे में बताती हूं।

मेरी सुहागरात पर मेरा पति मेरे कमरे में आता है और आते ही मेरे घुंघट को उठाता है और मुझे किस करना शुरू कर देता है। मैं भी उसका पूरा साथ देती हूं,हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहते हैं धीरे-धीरे वह मेरे ब्लाउज को उतारता है। और मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर देता है। 

वह बाद में मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर देता है मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा होता है मैं भी धीरे से उनकी शेरवानी को उतार देती हूं बाद में वह मेरे ब्रा के ऊपर से मुझे चूसना शुरू कर देता है। मैं उनकी पूरी छाती पर किस करना शुरू कर देती हूं मैं मैं अपने हाथ को नीचे ले जाकर उनके पजामी के ऊपर से उनको लंड के लंड को महसूस करने की कोशिश करती हूं।

वह मेरे ब्रा को उतारकर मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर देते हैं मैं उनकी पजामी को उतारती हूं और उनके अंडरवियर को भी उतार देती हूं। उनके लंड का साइज देख कर मुझे थोड़ी सी निराशा होती है पर मैं अपने आप को संभाल लेती हूं। उनकी लंड को चूसना शुरु कर देती हूं। 

मैं उनकी लंड को पूरे मजे से चुसती हूं पूरा अंदर तक ले जाने की कोशिश करती हूं उनका लंड आसानी से मेरे मुंह के पूरे अंदर बाहर हो रहा था। वह मेरे घागरे को उतार देते हैं और मेरी पेंटी को भी उतार देते हैं वह मेरी चूत को चाटने शुरू करते हैं। उनको चूत चाटने नहीं आती है, ऐसा लग रहा था कि वह भी पहली बार सेक्स कर रहे हो। 

ओ मेरी चूत को चाटते रहते हैं जिससे मुझे थोड़ा बहुत मजा आता है लेकिन मुझे चरम सुख की तलाश होती है जैसा चर्मसुख मुझे antarvasna sex story को पढ़कर मिलता है। वह मेरी चूत में लंड डालने की कोशिश करते हैं मेरी चूत कुंवारी होने के कारण उनका लंड मेरी चूत के अंदर नहीं जा पाता। 

वह थोड़ा सा और धका लगाते हैं जिससे उनका लंड मेरी चूत में चला जाता है बाद में मैं थोड़ा सा आगे होती हूं,जिससे पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में चला जाता है वह लगातार मेरी चूत चोदते रहते हैं। अभी चूत चोदते हुए उन्हें केवल 5 मिनट होते हैं कि उनका लंड झड़ जाता है। यह देख कर मुझे बहुत ही गुस्सा आता है,मेरा अभी तक एक बार भी पानी नहीं निकला था और उनका पानी निकल गया था। 

वह साइट पर होकर लेट जाते हैं, मुझे ऐसा होता है कि यह एक बार और कोशिश करेंगे पर उस रात सो जाते हैं जिससे मुझे और ज्यादा गुस्सा आता है, मैं कुछ नहीं कर पाती मैं सोचती हूं कि आगे से धीरे-धीरे यह अपनी टाइमिंग बढ़ा लेंगे पर ऐसे ही 6 महीने बीत जाते हैं उनकी टाइमिंग बढ़ने का नाम नहीं लेती।

6 महीनों के बाद उनके पिताजी गांव से हमारे घर पर रहने के लिए आते हैं उनके पिताजी का शरीर हटा कटा था गांव में रहने के कारण उनका शरीर बहुत ही गठीला था।

आने के चार-पांच दिन बाद जब वह नहाने के लिए जाते हैं नहाने के बाद और वह तोलीया बाहर भूल जाते हैं वह तोलिया लेने के लिए मुझे आवाज लगाते हैं जब मैं उनको तोलिया पकड़ आने के लिए जाती हूं तो गलती से मैं उनका लंड देख लेती हूं।

उनकी लंड का साइज 6 इंच था जिसे देख कर मुझे चूत में कुछ महसूस होने लग जाता है मैं ना चाहते हुए भी उनके लंड के बारे में सोच रही होती हूं मैं जल्दी से अपने कमरे में जाती हूं।

और अपनी सलवार कमीज को उतार कर अपनी चूत में उंगली करना शुरू कर देती हूं मैं उनकी लंड के बारे में सोच कर अपनी चूत में उंगली कर रही हूं मुझे उंगली करने में बहुत मजा आ रहा था।

मै – आा… आााा… आाााहहहहहह… आााा… आआऊआा… 

करते करते हुए अपनी चूत में उंगली करती रहती हूं मैं अपने हाथ की सबसे बड़ी उंगली हो अपनी चूत के बिल्कुल अंदर तक डालती हुं और बाहर निकालती हुं धीरे धीरे मेरी चूत का पानी निकल जाता है तब जाकर मुझे शांति मिलती है बाद में मैं अपने ससुर को पटाने की में लग जाती।

अब मैं जब भी ससुर को चाय बगैरा पकडाने जाती तो अपना दुपट्टा गिरा देती अब मैं जानबूझकर सफाई करते हुए दुपट्टा नहीं लेती थी। अपने मुमो के उनको फूल दर्शन करवाने की कोशिश करती थी धीरे धीरे वो नोटिस करने लग गया था अब मुझे मालूम था वह भी मुझे घुरता रहता है मेरी मटकती हुई गांड पर अपनी नजर रखता है।

एक दिन जिस समय मेरे ससुर जी का नहाने का टाइम होता है उससे पहले मैं बाथरूम में जाकर नहाना शुरू कर देती हूं। जानबूझकर कुंडी को खुला छोड़ देती हूं जब मेरे ससुर बाथरूम का दरवाजा खोलता है। तो वह मुझे पूरी नंगी पाता है मुझे पूरी नंगी देखकर उसकी आंखों में चमक आ जाती है वह एक दुख मुझे पूरी नंगी देख रहा होता है पर वह वापस मुड़कर अपने कमरे में चला जाता है।

जब मैं नहा कर वापस आती हूं वह मुझसे शर्मा रहा होता है फिर जब मैं फिर से उनको चाय पकड़ाने जाती हूं। तो दुपटा गिरा देती हूं मेरा ससुर अब मेरे मुमें को खुल कर देख रहा होता है। मैं उसने कुछ ना कहकर बस एक हल्की सी स्माइल कर देती हूं और अपने कमरे में चली जाती हो और अपने कपड़ों को उतारकर ब्रा पेंटी में बैठ जाती हूं।

वो मेरे कमरे में आता है और मुझे देख कर खुश और हैरान हो जाता है मैं उन्हें देखकर कुछ नहीं कहती बस हल्की सी स्माइल कर देती हूं।

जिससे उनको ग्रीन सिग्नल मिल जाता है मै तो बस ससुर बहु की चुदाई चाहती थी, और वह आकर सीधा मुझे किस करना शुरू कर देते हैं हम दोनों एक दूसरे को जोरदार किस कर रहे होते है। वह अपनी जीभ को मेरे पूरे की मुंह के अंदर ले जाते हैं ऐसा लग रहा था हमने बहुत बार किस किया हो वह मेरे लिपस को खा रहे थे अपने दातों से चवा रहे थे मैं मैं भी उनके लिप्स को खा जा रही थी हम दोनों एक दूसरे लिपस को खा रहे थे वह मेरी पूरी लिपसटिक खा चुके थे।

वह मेरे ब्रा के ऊपर से मुझे किस करना शुरू कर देते हैं मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर देते हैं और एक हाथ तसे नीचे ले जाकर मेरी चूत को सहलाना शुरु कर देते हैं। मेरी चुत पर एक भी बाल नहीं पाते तो वह अपनी एक उंगली को मेरी चूत के अंदर ले जाते है। 

एक हाथ से मेरी ब्रा का हुक खोल देते हैं वह मेरे बूब्स को लगातार चूस रहे होते हैं कभी वह दाहिना चुसते हैं तो कभी वाईना चुसना शुरू कर देते हैं और नीचे एक हाथ से मेरी चूत को सहला रहे होते हैं। मैं जल्दी से उनके सारे कपड़े उतार देती हूं अब मुझ से उनका लंड से लिए बिना रहा नहीं जाता धीरे-धीरे पर किस करते हुए नीचे पेंटी उतार देते हैं।

वह अपनी जीव को मेरी चूत की बिल्कुल अंदर तक डाल देते हैं वह मेरी चूत की लिप्स को अपने मुंह के अंदर किस करना शुरू कर देते हैं। जिससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आता है मैं गांड उछाल उछाल कर अपनी चूत को चुसवा रही होती हुं।

मैै – आााााा आााााााहहहहहहहहह उुुहहहहहहआााााााा फक मी… फक मी… प्लीज फक… मी… आााा आाााहहहहह ययाााा… 

आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा होता है मुझे ऐसा मजा जिंदगी में कभी नहीं आया था। फिर वह अपने लंड को मेरे पास लेकर आते हैं और मुझे चुसने के लिए कहते हैं। मैं उनके लंड को अपने मुंह के अंदर समा लेती हूं। मैं उनके लंड़ के टोपे को चूस रही होती हूं वह मुझे बालो सें को पकड़ कर अपने लंड को पूरा अंदर डालने की कोशिश करते हैं। 

मैं भी उनके लंड को अपने गले तक महसूस करती हूं ताबड़तोड़ मेरे मुंह को चोद रहे होते हैं। मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही होती है, इतना बड़ा लंड मेरे गले लग जा रहा होता है। वह मुझे सांस लेने का भी मौका नहीं देते और मेरे मुंह में लंड लगातार आगे पीछे करते रहते हैं।

ससुर जी – आा आाा आाहहह आाा यााा चुस रंडी वहुत गर्मी थी ना… तेरी चुत मे… चूस बहन की लोहड़ी जोर से चुस!!!

मेरे मुंह से झाग निकलने शुरू हो जाता है तब जाकर वह मुझे सांस लेने का मौका देते हैं। तब मैं सारा थूक अंदर पी जाती हूं और उनसे कहती हूं।

मैं – प्लीज पिताजी! आज मुझे चोद दीजिए जब से मैंने आपका लंड देखा है, मैं केवल रात दिन आपके लंड के बारे में सोचती रहती हूं, आज इस चूत का भोसड़ा बना दीजिए बहुत तंग करती है चूत मुझे।

ससुर जी – लंड को मेरी चूत पर रखते हैं और पूरा का पूरा एक बार में मेरी चूत के अंदर डाल देते हैं मेरी चीख निकल जाती है।

मै – आााा आाााहहहह आााा आाा याा… मर गई मांं….

आगे पीछे होते हुए मेरी चूत को चोद रहे होते हैं वह लगातार मेरी चूत चोद रहे होते हैं। वह पूरा का पूरा लंड बाहर निकाल और पूरा का पूरा लंड मेरे अंदर डाल देते हैं। जिससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आता है वह बाद में मुझे घोड़ी बनने के लिए कहते हैं और मेरी चूत के अंदर अपना लंड डाल देते हैं। 

वह ताबड़तोड़ मेरी चुदाई कर रहे होते है, मैं अपने एक हाथ से अपना मुमा सेहला रही होती हूं और वह लगातार मेरी चूत को चोद रहे होते है। वह बालों से पकड़कर मुझको पीछे खींचते हैं और मुझे खड़ा करके लगातार ताबड़तोड़ चुदाई करना शुरू कर देते हैं। 

वह एक बार के लिए भी नहीं रुकते जिससे मुझे बहुत ज्यादा दर्द भी होता है और मजा भी आ रहा होता है जब उनका माल छोड़ने वाला होता है तो वह मेरी चूत में ही अपना माल निकाल देते हैं। जिससे आज मुझे उनका बच्चा होने वाला है। वह मेरा पति समझता है कि यह बच्चा उसका है अब यह बच्चा उसका भाई भी होगा और बेटा भी। 

आपको मेरी Sasur Bahu ki Chudai कहानी कैसी लगी, कमेंट करके बताना मुझे आपके कमेंट का इंतजार रहेगा या फिर आप मुझे [email protected] पर मैसेज भेज सकते हो।

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