Darinde Se Mohabbat- 10

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जैसे जैसे सलवार उतरती गयी वैसे वैसे विकास उसके जांघों को निहारता गया…. कितने खूब सुरार, गोरी, गडराए हुए थे… धीरे धीरे विकास अपने हाथ फेरता गया उसके जांघों पर और कभी कभी ऊपर नजरें उठाकर विकासा को देख रहा था उसकी रेक्टिओन्स को…. विकासा भी विकास के आंखों की गहराई में झाँकने की कोशिश कर रही थी और उसके बेसब्री से हेराँ थी. जब पूरी सलवार निकाल फेंका ज़मीन पर तो विकास ने हल्के से अपने गाल को उसके जांघों पर दबाते हुए उसको इस तरह से बाहों में चुतड़ो समेट लिया जैसे कोई किसी को गले लगता है…. उसे वक्त विकासा सिर्फ़ अपने पॅंटीस में थी लेती हुई बिस्तर पर…. विकास ने फिर विकासा के नेवेल से चाटना शुरू किया और आहिस्ते आहिस्ते चाटते हुए नीचे के तरफ बढ़ता गया जबकि विकासा कसमसाती गयी अंग्रायों के साथ और बिस्तर पर एक साँप की तरह अपने जिस्म को रेंगती रही विकास के हर एक हरकत पर….

आख़िर में विकास ने तेजी से अपने सभी कपड़े उतार फेंके… पूरा नंगा हो गया वो, और उसका लंड बिलकुल खड़ा था विकासा के तरफ देखते हुए….. विकासा पहले हंसी फिर नजरों को एक तरफ कर लिया मुस्कुराते हुए….

और तब नंगा विकास आहिस्ते आहिस्ते विकासा की पॅंटीस उतारने की कोशिश में लगा गया… विकासा नहीं उतारने दे रही थी… विकास को ज़ोर लगाना पड़ा पॅंटीस को निकालने के लिए… विकासा उठ बैठी, उसके गोल गोल चुचियाँ, बैठने की वजह से और दिलचस्प दिखने लगे, विकासा ने जल्दी से अपने काले लंबे बालों को अपने छाती पर कर दिया और बूब्स को ढँक लिए….. विकास पागल की तरह अपने सर को विकासा के गोद में घुसेडे हुए पॅंटीस को नीचे करने की कोशिश में लग गया…. थोड़ी से स्ट्रगल के बाद विकासा ने पॅंटीस उतारने दिया और बिलकुल नंगी हो गयी बेड पर विकास के सामने…… विकासा का चेहरा लाल हो गया था और सेनसें तेज रफ्तार से चल रहे थे… चेहरे पर लाली, धड़कन तेज, हाँफने लगी थी और शर्मा भी रही थी….मगर फिर भी विकास को नहीं रोक रही थी… ऐसा लग रहा था के दोनों के जरूरत सेम थे…..

और आख़िर में विकास ने अपने सर को विकासा के दोनों जांघों के बीच किया और शुरू में हल्के से जीभ को चुत से लगाया और आहिस्ते आहिस्ते ऐसा एक्सप्लोर करने लगा अपने जीभ से जैसे किसी को एक नया खिलौना मिल गया हो खेलने के लिए…. विकास के हर एक हरकत से विकासा कभी चिल्ला जाती तो कभी सहमा जाती या जिस्म को इसे अंगराई में मोदती के विकास को कभी रुकना पड़ता था……. अट लास्ट दोनों जिस्म एक दूसरे के जिस्म से इस तरह से सींटे के लगा दोनों जिस्म एक थे….. विकास पूरी तरह से लेता हुआ था विकासा के ऊपर… दोनों नंगे जिस्म एक दूसरे से चिपके, मुँह में एक दूसरे के मुँह, दोनों के बहन एक दूसरे के जिस्म पर लपेटे हुए, वक्त आ गया था के विकासा अपने जांघों को दोनों तरफ फेयर देन और विकास उसके बीच घुस जाए….

वही हुआ, इस कदर दोनों खो गये थे उटेहज़ीत हुए के किसी को कुछ पता नहीं चल रहा था के ठीक कर रहे हे या गलत, उसे वक्त जिस्म की मिलाप का वक्त था और सही या गलत का पहचान नहीं थी , जो जिस्म की जरूरत थी उसपर ध्यान देना ज्यादा जरूरी हो गया था दोनों के लिए और आख़िर में विकासा ने अपने आप ही जांघों को खोल दिया और धीरे से, हल्के से विकास ने पेनेटरेट किया और खुद विकास ने ही आवाज़ निकाली “आआआआहह सस्स्स्स्स्शहस्स्स्स्सस्स हााआआ! वो!!!!” और वो धक्का देने लगा तेजी के साथ……” विकासा ने जोरों से विकास को जकड़ा और अपने दोनों जांघों से विकास के कमर को इतना ज़ोर से दबाया, लगा के विकास उसके जांघों के बीच कैद है….. क्यों के यह विकास का फर्स्ट टाइम था बस एकात ढके देने के दरमियान ही उसका पानी निकल गया और जल्दी से विकासा ने कहा “डोंट गेट डिसचार्ज इनसाइड प्लीज़ ताकि इट आउट!! अवाय्ड प्रेग्नेन्सी अट तीस मोमेंट!” तो विकास ने जल्दी से लंड बाहर निकाला और सारे पानी विकासा के पेट पर लथपथ चोर दिया हाथ से लंड को हिलाते हुए……

दोनों हंफ़फ रहे थे, और विकासा ने विकास को बाहों में जकरते हुए किस किया और कहा के वॉशरूम जाना है उसको अब….और चली गयी वॉश करने आपने आप को…..” विकास लेट गया बेड पर और बहुत खुश फील कर रहा था… लगता था एक आग लगी थी उसके अंदर जो अब जाकर बूझा!!

उसे रोज़ 3 बार सेक्स किया विकास ने विकासा के साथ…. वापस जाने के वक्त विकासा ने कहा, “यू अरे आ डॅम मॉन्स्टर!”
दोस्तों उसे दिन के बाद दोनों अक्सर मिलने लगे दुश्मनों तालुकात के लिए. एक बार जो लज़्ज़त मिल गयी तो छूटना मुश्किल ही हो गया और शादी के एक दिन पहले तक ऐसा चलता रहा.

दोनों को नौकरी से वेड्डिंग की चुहति मिल गयी, और धूम धाम से शादी हुई, अफ़ज़ल ने उसी तरह से शादी में परिवार समेट साथ दिया, सभी कामों में हाथ बताया जैसे विकास ने अफ़ज़ल की शादी में किया था. अफ़ज़ल की बीवी भी साथ थी. बहुत ही उम्दा किस्म की पकवान बने और सभी अतिति बेहद खुश हुए…. और नाच गाना बंद बजा सब फर्स्ट क्लास थे. इस लिए के उसे घर में पहली शादी हो रही थी तो विकास के अंकल ने बेहतरीन इंतजाम किए थे.

 

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हाँ, सोनिया को विकास की शादी की खबर मिली कुछ दिन पहले, क्योंकि विकास के अंकल उसको इन्वाइट करने गये. अब शादी के रोज़ सोनिया के अंकल और आंटी जाने से पहले बच्चों को तैयार होने को कहा तो सोनिया नहीं तैयार हुई जाने को वहाँ. जिसे दिन शादी की कार्ड आई उनके यहाँ और सोनिया को पता चला के विकास शादी कर रहा है तो उसने मन में कहा, “इंतजार नहीं कर पाए वो कोई बात नहीं तू नहीं कोई और सही”…… फिर भी सोनिया के दिल के अंदर एक टीस सी उठी पता नहीं क्यों; वो जलन थी या उदासी उसके समझ में नहीं आया उसे वक्त. फिर धीरे धीरे भूल गयी कार्ड वाली बात को. मगर शादी के रोज़ जब उसके परिवार जाने को तैयार हो रहे थे तो फिरसे सोनिया सोचने लगी और फिरसे वही फ़ीलिंग हुई उसके दिल के अंदर. जैसे एक मीठा दर्द उठा, जैसे शहद में नमक… बहुत ही अजीब किस्म की फ़ीलिंग थी…. वो सोचने लगी क्यों उसके बारे में सोच रही है जबकि वो किसी और से शादी कर रहा है….. सोनिया को वो दृष्ट दिखाई दी नजरों के सामने जिसे रोज़ अपने अंकल के साथ विकास लाउंज में बैठा था और वो चुप कर पर्दे के पीछे से उसको देख रही थी और सोनिया सोच में डूब गयी और उसकी जुबान से धीरे से यह अल्फ़ाज़ निकले;

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“शायद आज वो मुझसे शादी करने आता अगर मैं ने इनकार नहीं किया होता तो!! किया वो मुझे पसंद करता अगर मैं उसके सामने आती तो? किया वो मुझको पसंद था या है? आज इस घर में शादी होती? धूम धाम हलचल होता इस घर में? हमारे घर में शादी मैं ने कभी सोचा ही नहीं!!!” और वही उसकी छोती बहन ने सोनिया के जुबान से निकली हुई बात सुनली और कहा,

“हाँ दीदी आज तुम्हारी शादी होती और हम सब खूब रोते जब तुम विदा होती तो!! और वो मेरा जीजू होता – बताओ दीदी वो तुमको पसंद थे ना?”

सोनिया ने जल्दी से अपनी छोती बहन के मुंह पर अपने हाथ दबाते हुए “सस्शह” कहा और उसके कान में धीरे से बोली,

“तू वापस आकर मुझको बताना उसकी दुल्हन कैसी है ओके? तुम खूब अच्छी तरह से उसको देखना और उसकी मॅनर्स, स्माइल, अदाओं के बारे में मुझे बताना ठीक है? समझ गयी ना?”

छोटी बहन ने कहा, “ओके दीदी मैं सिर्फ़ उसी को देखूँगी मगर मिस्ड जीजू को भी देखूँगी के कैसा दिखता है दूल्हे के ड्रेस में और वापस आकर तुमको बताऊंगी! तुम रिलॅक्स रहो, वैसे तुम खुद भी तो चल सकती हो क्यों नहीं चलती हमारे साथ तुम भी? चलो ना दीदी!”

सोनिया ने इनकार किया और आख़िर में, उसके अलावा सब चले गये विकास के शादी में, सब के जाने के बाद सोनिया उदास हो गयी पता नहीं क्यों. सोचने लगी के क्यों अपनी छोटी बहन से वह सब बातें कहा उसने? क्यों उसको उनके बारे में जाने के लिए बेचैनी है? फिर सोचने लगी ‘किया वो मेरे किस्मत में थे? कहीं मैं ने अपने किस्मत को ठुकराया तो नहीं? किया उसका रिश्ता मेरे साथ ऊपर से बनकर आया था और मैं ने उसे रिश्ते को ठुकरा दिया? नहीं नहीं ऐसा नहीं होता यह मेरे दिल की वहेँ है पता नहीं किया किया सोच रही हूँ!! मुझे इन सब चीज़ों के बारे में नहीं सोचना चाहिए! उफ़फ्फ़!! किया मुसीबत है क्यों आया था वो मेरे घर उसे दिन!!’ और सोनिया बाकी लड़कियों की तरह अपने आप को एक दुल्हन के रूप में एँखहें बाँध कर के देखने लगी और उसको नींद आ गाई और आ मधुर सपना देखा उसने!

सपने में वो एक अप्सरा थी और उसके पार थे और वो उड़ रही थी बादलों के बीच. फिर उसको उसका राजकुमार उन्हीं बादलों में चुहपा मिला. वो राजकुमार कोई और नहीं विकास ही था!! और अचानक वो दृष्ट एल बोलयवूद डुयेट बन गया और दोनों गाना गाने लग गये
उधते हुए यह गाना गया विकास ने सोनिया की हाथ पकड़े हुए बादलों के बीच,

मैं एक चोर तू मेरी रानी
मैं एक चोर तू मेरी रानी
चोरी चोरी ले चला मैं
तुमको तुमसे ही चुराके
मैं एक चोर तू मेरी रानी
मैं एक चोर

और उधते उधते वह हिमालय के पीक पर रुके, सफेद बरफ से घिरे उन्न नर्म मुलायम कॉटन जैसे बरफ हाथों में लेकर सोनिया ने अपने पार्ट का गाना गया बहुत ही प्यार से विकास के आंखों में देखते हुए:
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी
चल पड़ी मैं साथ तेरे
सारी दुनिया को भूलके
तू मेरा राजा मैं तेरी रानी……

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