Darinde Se Mohabbat- 18

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और खुद पीते पीते विकास खुद अपने सवालों का जवाब देने लगा, उसने कहा,

“हाँ!! ग्रेट ग्रेट ग्रेट गोद हो तुम अब मैं समझा तेरा गेम! तुमने अफ़ज़ल को इस लिए मेरा दोस्त बनाया, क्योंकि उसके साथ भी ऐसा होना था और उसको अपनी वाइफ की मर्डर करनी थी, तो तुमने मुझको लेसन दिया के उसने तो अपनी वाइफ की मर्डर किया और बेइज़ती हुई उसकी यूनिट में, इस लिए तुमने मुझको यह सीखया के मेरे साथ भी ऐसा ही होगा तो मैं मर्डर नहीं करूँ सो डेठ मैं यूनिट से नहीं निकाला जाऊं…ओके बॉस? यही मकसद था ना तुम्हारा? वो? वॉट आ गेम बॉस ग्रेट गेम!! ई गॉट इट बॉस!! मैं ने मर्डर नहीं किया तो आप का गेम सफल हुआ गोद यू मस्त भी हॅपी डेठ यू सक्सीडेड ना!! इसे ग्रेट गोद क्लॅप्स क्लॅप्स क्लॅप्स” विकास आसमान के तरफ हाथों को उठाकर तालियाँ बजता गया काफी देर तक…..

और वहीं रेत पर लेट गया और उसकी आंख लग गयी थोड़ी देर के लिए….. फिर सूरज की पहली किरण जब उसके चेहरे पर आया तो विकास उठ बैठा और टाइम देखा के 6 बजे थे… उसने अफ़ज़ल को फोन किया….. अब भी नशे में था, जुबान लड़खड़ा रहा था…..

अफ़ज़ल ने फोन उठाया और एक यॉन लेते हुए कहा,

“साला नींद में हूँ क्यों इतनी सुबह फोन किया साले, अब घर वापस जा रहा है यूनिट से? किया बात है बोल!”

विकास: “हाहहाहा अरे मेरे यार तू अभी इसी वक्त आ मुझसे मिल, मैं पी रहा हूँ समंदर के किनारे तू आजा जल्दी से आ!! मौज करेंगे आज दोनों किस्मत के मारे दोस्त!! आजा आजा आजा हरी उप!!”

अफ़ज़ल को हेयरात हुई के इतनी सुबह क्यों विकास के जुबान लड़खदा रहा है किया वो सच मच नशे में हे, उसकी आवाज़ में दर्द थी..मगर किया हुआ होगा क्यों ऐसा कह रहा था विकास…. अफ़ज़ल ने पता पूछा के किस समंदर के किनारे हे किया बात हुई वाघहैरा…. मगर विकास ने अस्सल बात नहीं बताई… खुश होने का ढोंग कर रहा था…. हंसस रहा था मगर झूती हंसी थी अफ़ज़ल पहचान गया…. अफ़ज़ल के समझ में आ गया के कोई प्राब्लम है… अफ़ज़ल ने बिलकुल नहीं सोचा था के विकासा इन्वॉल्व्ड होगा… अफ़ज़ल ने सिर्फ़ यह सोचा के यूनिट में कोई गंभीर सजा मिली होगी विकास को या उसको भी सस्पेंड किया गया होगा किसी वजह से, अफ़ज़ल सिर्फ़ इन सब के बारे में सोचते हुए जल्दी से हाथ मुँह धोकर थोड़ा सा चाय पीकर और थोड़ी चाय विकास के लिए भी लिया और निकला अपने दोस्त से मिलने के लिए देर साल के बाद……

जब अफ़ज़ल उसे जगह पहुंचा तो देखा विकास रेत पर लेता हुआ है और बिलकुल बेहाल है…… अफ़ज़ल दौड़ कर उसके पास गया, और विकास बहुत ज़ोर से रोते हुए उसको गले से लगाकर कहने लगा,

“मैं लूट गया मेरे भाई, बर्बाद हो गया मैं भी अफ़ज़ल, मैं कहीं का ना रहा, मुँह दिखाने की लायक नहीं रहा है मैं यार; तुझसे सब बताने में शर्म आ रही है मुझे रे!! कैसे बताऊं? तुझे किया कहूँ अफ़ज़ल!!”

अफ़ज़ल के एँखहें भर आए और विकास के सर पर हाथ फेरते हुए धीरे से पूछा,

“किया हो गया भाई मेरे? तुझे भी निकाल बाहर किया किया यूनिट से? तुमने भी कुछ कर डाला किया यार? किया हुआ बता?!”

विकास अपने संससों को रोकते हुए बोला;

विकासा रंडी निकली यार तुझे उसको चोद देना चाहिए था, साली एक मर्द के साथ सो रही थी मेरे बेड पर!!!”

अफ़ज़ल को बड़ा झटका लगा और उसके हाथ पयर ठंड पर गये यह सुनकर! उसका मुंह खुला रही गया विकास के बात सुनते ही….. फिर विकास ने एक बनावटी हँसी के साथ कहा,

“यार मगर मैं ने उसको गोली नहीं मारा…. तेरी बात याद आ गाई जब मारने जा रहा था….. ऊपर वाले ने तुझको इस्तेमाल किया मुझको सबक देने के लिए, किया अजीब खेल है ऊपर वाले का भी वो रे नीली छतरी वाले वो!!”

अफ़ज़ल ने विकास को उठाया और कार में बिठाकर ड्राइव करने लगा फ्लैट के तरफ, और विकास ने इस शेयर को बड़बड़ाया;

पल पल उसका साथ निभाते हम,
एक इशारे पर दुनिया चोद जाते हम,
समंदर के बीच में पहुँच कर फरेब किया उसने,
वो कहते तो किनारे पर भी डूब जाते हम.

तब तक 8 बजने को था……

विकास का घर अब बिलकुल वैसे ही वीरान पड़ा था जैसे अफ़ज़ल का था शिरीन के मौत के बाद. खुद अफ़ज़ल उसे फ्लैट को अब नहीं पहचान रहा था क्योंकि एक औरत एक घर की नूर होती है सब कहते हे और अगर वो निकल जाए तो नूर चली जाती है…मगर किया विकासा को उसे नूर से तौला जा सकता था?

विकास अब भी लड़खड़ा रहा था, और उल्टी आई उसको तो जल्दी से बाथरूम के तरह भगा उल्टी करने. थोड़ी देर बाद जब अफ़ज़ल ने नींबू पानी बना कर विकास को पीला दिया; कुछ और भी पिलाया तो आराम करते समय विकास ने एँखहें बाँध किए हुए अफ़ज़ल से कहा,

“एक काम कर यार, जा मेरे लिए ड्रग हाउस से सरदर्द की गूलियन लेकर आ, सर फटा जा रहा है”

अफ़ज़ल: “अभी तो सब बाँध हे थोड़ी देर इंतजार कर ला दूँगा. सोने की कोशिश कर रात भर जागा है तू यार! नींद आ गाई तो सरदर्द घायब हो जाएगा.”

विकास उस वक्त अपने कमरे में बेड पर ही था और उसने अपने तकिये को नाक से लगाकर कहा,

“यह मेरा तकिया नहीं है, यह उसकी है, इस में उसकी खुषभू आ रही है, उसकी जिस्म की खुषभू पलंग पर अब भी है अफ़ज़ल…इस बेड को जलादे!! मैं दूसरी खतिए पर सो जाता हूँ आग लगा दे इस्सको यार!!”

और अफ़ज़ल ने सहारा दे कर विकास को एक सोफा बेड पर लेटा कर ओढ़ा दिया कंबल से और उसका सर धीरे धीरे थपथपटा गया और विकास नीध की अघोष में चला गाया.

जब विकास गहरी नीध में सो गया तो अफ़ज़ल घर के कोने कोने में इधर उधर देखता गया जैसे कुछ तलाश्कर रहा हो…. कुछ नहीं मिलने पर वापस विकास के पास आया तो विकास की मोबाइल बजने लगे…. तो अफ़ज़ल ने उसको रोका क्योंकि विकास को अभी अभी नीध लगी थी… मोबाइल अफ़ज़ल के हाथ में था, और स्क्रीन पर देखा के विकासा का नाम है, मतलब विकासा ने एसएमएस भेजा था विकास को… अफ़ज़ल सोचने लगा के अगर कोई इसे वैसे बात कही होगी विकासा ने तो उसका दोस्त पढ़कर परेशान होगा इस लिए सोचा के खुद पढ़कर देख लेना चाहिए के किया कहा है उसने और अगर अच्छी बात है तो रहने देन और बुरी बात हो तो उसको डेलीट कर देना चाहिए, ऐसा सोचा अफ़ज़ल ने और मेसेज को ओपन किया….. लंबा मेसेज…. मगर उसे में सब से इंपॉर्टेंट बात यह था…..

“मैं ने अपने बारे में वो सब कुछ तुमको डीटेल्स में बता दिया है जो तुमको नहीं पता था. अपने ‘में डॉक्युमेंट्स’ फोल्डर में (विकासा’से लाइफ) फाइल ओपन करना, एमेस वर्ड में, सब कुछ बयान किया है मैं ने. प्लीज़ डेलीट मत करना, अगर ज़रा सा भी प्यार था मुझसे, तो एक बार जरूर पढ़ना उसको तब जो जी में आए करना. थॅंक्स, हॅव आ गुड लाइफ, ऑल थे बेस्ट विकास यू हॅव बिन आ टू गुड गयी और बेस्ट हज़्बेंड!”

ये पढ़कर अफ़ज़ल बहुत परेशान हुआ के अब किया करे…. विकास को सब बता देन या मत जाने दे उसको….. आख़िर यह मियाँ बीवी का माअमला था तो इस में अफ़ज़ल को दखल आनन्दाज़ी नहीं करनी चाहिए , ये सोचा अफ़ज़ल ने….

अफ़ज़ल ने कुछ नहीं किया और बाहर थोड़ा हवा खाने निकल गया. एक दुकान के पास टहल रहा था के उसकी मोबाइल का एसएमएस की रिंग्टोणे बजा. जब उसने देखा तो अब विकासा ने उसको एसएमएस किया था….. पढ़ने के लिए ओपन किया!! लिखा था:

“ही डियर अफ़ज़ल डार्लिंग; तुमको अगर इस वक्त यह पढ़कर हेयरानी हुई होगी के मैं ने तुमको डार्लिंग कहा तो पूरा एसएमएस पढ़ने के बाद समझ जाओगे के ऐसा क्यों कहा. अब तक तुमको विकास ने सब बता दिया होगा, शायद इस वक्त तुम उसी के पास होंगे या उसके घर के तरफ जा रहे होंगे मुझे पता है. अगर तुमको कुछ नहीं पता तो जल्दी इसी वक्त अपने दोस्त को फोन करके पता करो के किया हुआ है…. और जितना जल्द हो सके उसके पास जाओ, उसको अभी तुम्हारा सख्त जरूरत है…. तुम किया समझते थे के मुझे पता नहीं था तुम मेरे सात सोना चाहते थे? तुम ने जितनी बार मेरे जिस्म को छुआ और सहलाया सब पता है मुझे, मेरे जिस्म की एक एक अंग को जब जब तुमने छुआ मुझे बहुत अच्छा लगा…. मैं ने तुमको भाई बोलकर भगाया उसे रात को उसकी एक वजह थी….. तुम मेरा कोई भाई वाई नहीं हाँ यार जरूर हो!!! कभी मुझसे मिलना चाहो तो एक फोन करदेना, मिलने अज़ौंगी कहीं भी….. मगर विकास को मत बताना उसको चोआत लगेगी, दिल का बहुत सेन्सिटिव है वो, प्रॅक्टिकल नहीं वो…. तुम प्रॅक्टिकल हो वक्त का फायदा उठना तुमको खूब आता है….. जब जब तुमने मेरे चाहती पर अपना सर रख कर होंठ फेरा मुझे बहुत उत्तेजित महसूस हुए, मगर मैं अपने आप पर काबू करता रहा…. और हाँ मैं ने विकास की कंप्यूटर की “में डॉक” फोल्डर में ‘विकासा’से लाइफ” फाइल बनाया है वो विकास को जरूर पढ़ने को कहना, बहुत जरूरी है, भूलना मत… थॅंक्स युवर्ज़ अन्य टाइम- विकासा”

यह एसएमएस पढ़कर अफ़ज़ल को कुछ हुआ जरूर….. इंसान के दो रूप होते हे एक शैतान वाला रूप और एक इंसान वाला…उसे वक्त अफ़ज़ल की शैतान वाला रूप ने उसे से कहा, “इस साली को अब जरूर चोदने जाऊंगा मैं…साला मैं कितनी बार खड़ा हो गाया था इस्सको छूह कर…. भाई बना कर मेरे लंड को फूसस कर दिया था इससने और अब खुद बुला रही है, सिड्यूस कर रही है मुझे… चोदूंगा जरूर इस्सको अब मैं!!”……

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और अफ़ज़ल को यह जाने की इच्छा हुई के उसे फाइल में उसने किया लिखा है…तो जल्दी से वो विकास के फ्लैट में वापस गया और विकास की कंप्यूटर ऑन करकके ‘में डॉक’ ओपन किया और एमेस वर्ड में ‘विकासा’से लाइफ’ फाइल को ओपन किया…… 20 पेजस की लिखी हुई दास्तान थी उसे में विकासा ने खुद लिखा आज ही सुबह 3 से 7 बजे तक!!!

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अब किया लिखा है वो मैं आप सबको अपनी ज़बानी सुनता हूँ और कहीं कहीं पर उसकी लिखी हुई लाइन्स एड करता जाऊंगा… अफ़ज़ल ने पढ़ना शुरू किया जब दूसरे कमरे से विकास के खराते की आवाज़ सुनाई दे रहे थे;

“मैं कैसी लड़की या औरत हूँ यह तुम जानना चाहोगे, तो सूणों. ई आम आ निंफो!”…. यह लाइन पढ़ते ही अफ़ज़ल ने फिरसे खुद से कहा, “क्यों मैं ने नहीं चोदा तुझे विकासा!!! कितना एयश करता मैं तुम्हारे साथ!! हें रही मेरी किस्मत!!”

निंफो उसे किस्म की लड़की या औरत को कहते हे जो कई आदमियों से सेक्स करना पसंद करती हो. इंग्लिश में न्यफ़ो शब्द को इसे डिस्क्राइब किया जाता है: “आ वुमन सपोज़्ड तो हॅव सेक्स सुअल कंपल्षन: आ वुमन सपोज़्ड तो हॅव आ कंपल्सिव डिज़ाइर तो हॅव सेक्स विद मानी डिफरेंट में”

तो विकासा ने यह बयान किया था के वो छोटी उमर से ही सेक्स की आदि थी. कॉलेज के दिनों बहुत सारे बाय्फरेंड्स हुआ करते थे उसके और सभी के साथ सेक्स कर चुकी थी. एक से ज्यादा मजा नहीं आया तो किसी दूसरे के साथ जाती थी अपने शरीर की प्यास बुझाने के लिए. इस तरह से एक के बाद एक लड़के उसे से शारीरिक संबंध करते गये और उसकी प्यास को बुझते गये कच्ची उमर से ही!!

हाँ तो विकासा अस्सल में वो नहीं थी जो दिखती थी. बहुत चालक और घाट घाट की पानी पी हुई थी. अस्सल में कुछ इसे डिज़ाइर्स थे उसके, जैसे के किसी मर्द का लिबीडो कुछ इतना होता है के दिन में 6/7 बार सेक्स कर सकता है और एजॅक्यूलेट भी करता है हर बार. लिबीडो – सेक्स ड्राइव को कहते हे. तो किसी किसी की सेक्स ड्राइव कुछ इसे होते हे जिन्न्को एक बार करने से प्यास नहीं बुझती कभी! तुरंत और करना पढ़ता है सेक्स की प्लेषर हासिल करने के लिए.

तो एक वाकीया सुनता हूँ जिसे का मैं खुद गवाह हूँ, जो हमारे यहाँ बातें थे कुछ साल पहले, इस विकासा की सेक्स ड्राइव को संकझाने के लिए – यह हकीकत है कहानी नहीं इस वाकीया से आप लोगों के समझ में अज़ाएगा लिबीडो किया होता है और जिसकी लिबीडो ज्यादा होता है तो किया होता है उसके साथ.

एक आदमी था हमारे यहाँ जो 10/15 बार जेल जा चुका था रेप्स के केस के लिए. उन्न दिनों रेप के केस के लिए 3 महीने का जेल होता था.. मगर अब तो 10 से 20 साल के लिए भी अंदर हो सकते हे रेपिस्ट्स! वो जब भी बाहर आता जेल से किसी ना किसी का रेप कर देता था. उसे ने कोई 35 रेप्स किए जब हूँ 30 साल का था. और जब आखिरी बार उसको रेप के सिलसिले में पकड़ा गया तो उसने एक लड़की और उसकी आंटी दोनों के रेप किए और एक दूसरे के सामने! जब लड़की और आंटी से बयान लिया गया पुलिस थाने में तो उन्होंने कहा के पहले उसने लड़की को रेप किया, फिर तुरंत आंटी को, फिर दोबारा लड़की को और फिर से एक बार आंटी को! पुलिस वाले आंटी और बेटी की यकीन नहीं कर रहे थे. कोई मानने को तैयार नहीं था के चार बार रेप कर सकता है कोई 15 मिनिट्स के अंदर. आंटी और बेटी पर उल्टा इल्जाम लगाया गया के वह झूठ बोल रहे हे. और उसे आदमी को चोर्र दिया गया. बस 3 घंटे बाद फिर किसी की रेप की खबर आई, और वही पुलिस वाले गये तो उसी आदमी को दोबारा पकड़ा इस बार एक लड़की और उसके आंटी का रेप किया उसे आदमी ने और फिर से चार बार 20 मिनट के अंदर!! पुलिस वाले हेराँ हो गये के यह आदमी है या एक मशीन!!

 

प्रेस द्वारा इस केस को बहुत उछाला गया और फाइनली डॉक्टर्स, फयकॉलोगीस्तस, और साइकिट्रिस्ट्स द्वारा यह पता चला के इस आदमी का लिबीडो बहुत ही ज्यादा था, सभी इंसानों से ज्यादा इसी लिए उसे से सहम नहीं होता और वो रेप करता फिरता है. यह वो वक्त था जब मैं ने लिबीडो वर्ड पहली बार सुनी थी. तब सर्च के बाद मेरी समझ में आई के लिबीडो किया होता है. उन्न दिनों हमारे यहाँ इस आदमी के बारे में बड़ा चर्चा था. कोई मज़ाक बनता था तो कोई उसको समझने की कोशिश करता था क्योंकि यह एक बीमारी की तरह था उसके लिए. रेप की गयी लड़कियाँ और आवरतों से पता चला के उसका लंड बहुत ही बड़ा था और उसका बॉल भी बहुत ही बड़ा था….. जब यह मामला पब्लिक हुई तो सरकार ने सभी उन्न लड़कियों और आवरतों को एकता किया जानकारी के लिए जिन्न्को इस आदमी ने रेप किया था….. तकरीबन 95 थे हिलना के सिर्फ़ कोई 35 लोगों ने अफीशियल रिपोर्ट किए थे बाकी खामोश रही गये थे. तो प्रेस वालों ने इसकी खूब चर्चा किए थे उन्न दिनों. तो उन्न आवरतों में से ज्यादा टार आवरतों और लड़कियों ने कहा था के वो अपने लंड को अपने हाथ में लेकर उसे लंड से उन्नको मारता था करने के बाद. और रेप करते वक्त उसके हाथ में हमेशा एक भयानक चाकू हुआ करता था और वो धमकता था के अगर किसी ने चिल्लाने की कोशिश की तो वो चाकू घुसेड़ देगा. जब डबल रेप करता था तो रस्सी से बाँध देता था दोनों को तब एक के बाद एक को रेप करता एक दूसरे के सामने और लंड से मारता….. यह बहुत सारे आवरतों ने सेम बयाअँ दिए थे…… तो पता चला के ज्यादा लिबीडो होने से सेक्स ड्राइव बहुत ज्यादा होता है और करने की चाहह बहुत ज्यादा होता है….. यह एक मुर्घे के जैसे होते हे जो बार बार एक मुर्घी पर चढ़ के चोदता रहता है…. वैसा लिबीडो होता है इन जैसे लोगों की!!

जो कुछ मैं ने बोल्ड और आइटॅलिक्स में लिखे हे सब हकीकत है कहानी नहीं. अब अपने कहानी के तरफ चलते हे…… तो कहना यह है के ऐसा ही कुछ लिबीडो विकासा की थी. उसको सेक्स करने से एक बार कभी आराम, चैन नहीं मिलती थी. अब सोचें ज़रा अगर वो मर्द इतना रेप कर सकता है उसे लिबीडो की वजह से तो एक औरत की वैसा लिबीडो की हे आक्टिविटी होगी तो वो किया करेगी? वो तो किसी की रेप नहीं कर सकती ना?

तो विकासा जब कच्ची उमर में सेक्स करने लगी तो रुकी नहीं, पार्ट्नर्स चेंज करती गयी और हर एक के साथ चुदवाती गयी जब जब और जैसे जैसे मौका मिलता गया उसको. जब 18 साल की हो गयी, सयानी हो गयी तब तो होंशियारी से मर्दों को लुभाती और चुदवाती थी…. बहुत सारे यार मिले उससे और खूब मजा किया उसने…. 20 साल की हुई, टीचर बन गयी तो आंटी बाप ने शादी की बात किया तो वो घबरा गयी और दूर भागती थी शादी की बात से क्योंकि उसकी प्राब्लम तो और थी सेक्स को लेकर. कॉलेज में ही एकात टीचर्स (मेल) के साथ चुदवाती थी अक्सर बिना एक दूसरे को बताने से.

दिन बीतते गये और आंटी बाप शादी के लिए ज़ोर देने लगे और आख़िर में विकास की बात गयी उसके यहाँ तो फॅमिली टेन्शन से बचने के लिए उसने शादी के लिए हाँ कर दिया. और जब विकास से मिला और पता चला के वो कोमांडो है और खास कर रातों को काम करेगा तो विकासा खुश हुई के तब रातों को वो फ्री होगी किसी से भी चुदवाने को…. इसी लिए उसने शादी की मंजूरी दे दी थी!! और शादी से पहली ही विकास से चुदाया भी लिए थे जब विकास यह समझ रहा था के वो कर रहा है उसके साथ अस्सल में विकासा की जरूरत को पूरी कर रहा वो उसे वक्त.

अफ़ज़ल यह सब पढ़ रहा था कंप्यूटर पर जो विकासा ने लिखा था विकास के लिए. अफ़ज़ल का पसीना चुत गया यह सब पढ़ते पढ़ते…. और विकासा को चोदने का बड़ा मन कर रहा था उससे! मगर सोच रहा था के इतनी खूब सूरत लड़की, इतनी अच्छी नौकरी वाली, इतनी आचसी दिखने वाली इसे रंडी जैसी हरकत कैसे कर सकती है कमाल है!!
अफ़ज़ल आगे पढ़ने लगा क्योंकि उसको यह जाना था के किया शिरीन इन्वॉल्व थी उसके साथ या नहीं. तो पढ़ते पढ़ते पता चला के विकासा ने लिखा था के जब वो फ्लैट में आई अफ़ज़ल और शिरीन को पड़ोसी जैसे पकड़ तो शिरीन से पता चला के वो खुद पराए मर्द से इश्क करती है अफ़ज़ल की घैर हाज़िरी में और एक रात को शिरीन के यहाँ एक आदमी आया था और शिरीन ने विकासा को अपने फ्लैट में बुलाया और तीनों ने मिलकर मौज किए, थ्रीसम विद 2 लॅडीस और वन मान. और उसके बाद जब विकासा के यहाँ कोई आता तो विकासा शिरीन को अपने यहाँ बुलाती फिर थ्रीसम करते थे वह दोनों…. और विकासा ने यह भी लिखा के धीरे धीरे उसको शिरीन से भी लगाव हो गया और अक्सर वह दोनों एक साथ सोते थे और लेज़्बियेनिज़्म पर भी उतार आए थे दोनों… जब पहली बार थ्रीसम किया था तभी शिरीन ने विकासा के चुचियों को चुम्मा था और विकासा ने शिरीन की बूब्स को…और जब मर्द एक को चोद रहा था तो दूसरी अपने सहेली की जिस्म को सहला रही थी और चुम्म रही थी जिस्म को चारों तरफ…उसे तरह से लेज़्बियेनिज़्म भी शुरू कर दिए थे दोनों ने….. विकासा ने लिखा था;

“मैं ने जिंदगी में कभी नहीं सोचा था के एक दिन किसी औरत की जिस्म से भी मुझको उतना ही लगाव हो जाएगा और इतना मजा आएगा. ये शिरीन से मिलने के बाद पता चला. जब अफ़ज़ल ने उसको गोली मर दी तो मैं टूट गयी थी और बहुत डर रही थी यह सोचते हुए के अफ़ज़ल को कहीं पता ना चल गया सभी बातों की!! फिर अफ़ज़ल मेरे पास आया नशे में और मेरे जिस्म को अजीब तरह से चूहने लगा…. और मुझे लगा के शिरीन ही मुझको छूह रही है क्योंकि वो उसका पति था…. मैं अफ़ज़ल से चुदाया सकती थी आराम से और तुमको कुछ पता भी नहीं चलता, वो खुद तुमको नहीं बताता…. मगर तेरा दोस्त है इस लिए मैं ने उसको दूर किया अपने आप से उसको भाई बाना कर! वैसे मेरा प्लान कुछ और ही था, मैं अफ़ज़ल के साथ थ्रीसम करना चाहती थी, दो मर्द और एक औरत होकर. मेरा यार यहाँ आता और अफ़ज़ल को मैं बुलाती और तीनों मजा करते!! प्लान मेरा यही था अगर अफ़ज़ल को भाई नहीं बनती तो….. वो तो झूठ मूठ का भाई बनाया उसे वरना वो मेरे लिए सिर्फ़ एक मर्द है जो मेरे जिस्म को आराम दे सकता है… मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ अफ़ज़ल मानती हूँ. मुझे बक्क्ष कर तुमने मुझ पर एक्सान किया इस के लिए तुम्हारा अभारी हूँ.हाँ पता है तुम मुझसे दिल से चाहते थे, चाहती तो मैं भी हूँ तुमको मगर मुझे पता है तुम नहीं समझ पाएगी मेरे अरमानों को और कभी किसी और के साथ मुझको नहीं सहम कर पाओगे. अगर तुमको पता नहीं चलता तो मैं इसे ही जिंदगी बस्सार करती रहती शायद, और मुझको खुद पर घीन आता… अच्छाह हुआ तुमको पता चल गया जल्द ही और मैं तुम से दूर हुआ… अब तुम एक अच्छी लड़की देख कर शादी कर लेना और खुश रहना मेरी दूवाएं हमेशा तुम्हारे साथ है विकास, माफी नहीं माँगूंगी क्यों के पता है तुम कभी मुझको माफ नहीं कर पाओगे. हाँ वो आदमी जो मेरे साथ थे बेड पर मेरा एक कोलीग है, कॉलेज में साथ पढ़ता है और मुझसे प्यार करने का दावा करता है मगर पता नहीं उसका प्यार सच्चा है या झूठा… अगर उसका प्यार सच्चा है तो शायद अगले 10 साल मैं उसी के साथ रहूं वरना मैं छिड़या एक डाल की नहीं हूँ… शादी तो नहीं करुँघी उसके साथ क्यों के मुझे और भी आदमी मिलेंगे इस टीचर के अलावा….. तुम्हारे साथ इतने दिन बहुत हसीना गुजरे विकास, इसके लिए बहुत बहुत दिल की गहराई से तुमको थॅंक्स करती हूँ और तुम सच में एक बहुत ही अच्छे हज़्बेंड निकले, मैं ही एक बेवफा गंदी पत्नी हूँ… तुम में कोई एयब नहीं, तुम सदा खुश रहो और तरक्की करो जिंदगी में विकास अलविदा. – साइंड : विकासा.

अफ़ज़ल ने जब डॉक्युमेंट पढ़ लिया तो उसके पसीना च्छूत गये. और उसका लंड रवानी में था. वो पचता रहा था के क्यों उसने विकासा से कुछ नहीं किया. चल कर विकास के कमरे में गया तो देखा वो बेख़बर सोया हुआ था तो वो कॉरिडोर में बाहर गया और विकासा को फोन लगाया.

विकासा: “तो तुमको खबर मिल ही गयी ना? कहाँ हो उसके साथ हो ना? उसका देख भाल करना वो पूरी तरह से टूट चुका होगा….. हेलो अफ़ज़ल?!”

अफ़ज़ल: “वो नींद में है, पी रखा है उसने. समंदर किनारे मिला मुझे यहाँ से 100 किलोमीटर दूर! बेहाल था. मुझको सब बता दिया उसने और मुझे तसल्ली हुई जब पता चला के उसने तुमको कुछ नहीं किया, मैं तो डर ही गया था के कहीं मेरी तरह उसने तुमको भी……”

विकासा: “हाँ, बहुत बड़ा दिल है उसका, रिवाल्वर था उसके हाथ में शायद मारना चाहता था मुझे मगर मैं गिड़गिड़ाई और उसने बस मुझको जाने को कहा और कहा मेरा उसका अब कोई वास्ता नहीं. चलो ठीक है, ई हॅव नो रीग्रेट्स क्योंकि मैं ने जो किया मुझे मंजूर है के वो मुझे चोर्र देन बल्कि शादी करने से पहले मुझे मालूम था के एक दिन यही होगा मेरे साथ.”

अफ़ज़ल: “अच्छा यह सब चोररो मैं तुमसे कुछ और कहना चाहता हूँ”

विकासा: “किया? मेरे साथ सोना चाहते हो है ना? तुमने मेरे जिस्म को खुद टटोला था, मेरे बूब्स पर अपना चेहरा प्रेस किया था मुझे सब पता है…..”

अफ़ज़ल: “मैं तब कुछ भी नहीं करता तुम्हारे साथ क्योंकि उसे वक्त तुम मेरे दोस्त की बीवी थी, मगर अब नहीं हो तो अब मुझको कोई प्राब्लम नहीं है मेरा ज़मीर मुझको नहीं रोकेगी अब. ई रियली वॉंट तो मेक लव तो यू नाउ! ई आम वेरी ईगर तो एक्सप्लोर युवर होल बॉडी!”

विकासा: “मुझे पता था, बल्कि यह पता था के तुम बहुत पहले से यही चाहते थे मुझसे…. झूठ मत बोलना, मैं इस बारे में धोका नहीं कहा सकती, तुम्हारे आंखों में मैं ने बहुत पहले सब कुछ देख लिया था जिसे तरह से तुम मुझको देखते थे, शिरीन के मरने से पहले ही तुम मुझको निहारा करते थे मुझे मालूम है…..”

यह सुनकर अफ़ज़ल बहुत हेराँ हुआ और खुद से सवाल किया किया विकासा सही कह रही थी? किया वो सच में उसको डिज़ाइर करता था जब शिरीन मौजूद थी तभी से? अफ़ज़ल के आंखों के सामने एक दिन की बात याद आई एक फ्लॅशबॅक की तरह……

उसे दिन शिरीन का बर्तडे था. शाम को नौकरी पर जाने से पहले विकास और विकासा को दावत थी अफ़ज़ल के यहाँ एक टोस्ट लेने के लिए शिरीन की बर्तडे की अकेशन पर. उसे रोज़ विकासा और विकास वहाँ गये, तो विकासा एक इसे सारी में थी जिससका पल्लू हर बार फिसल जाता था क्यों के उसकी ब्लाउज सॅटिन क्लॉत मैटेरियल का था तो पल्लू सरक जाती थी हर बार, बहुत संभालना पड़ता था. विकासा ने पिन नहीं लगाई थी क्योंकि कहीं बाहर नहीं जा रही थी बस बगल के कमरे में ही तो जाना था. तो उसे रोज़ टोस्ट के बाद अफ़ज़ल और शिरीन ने एक डांस किया फिर विकास शिरीन के साथ डांस किया और अफ़ज़ल विकासा के साथ. और जिसे वक्त अफ़ज़ल विकासा के साथ डांस कर रहा था उसकी एँखहें डायरेक्ट विकासा की क्लीवेज पर थे और बार बार विकासा की पल्लू सरक जाती थी और कई बार खुद अफ़ज़ल ने उसकी पल्लू को थाम कर ऊपर किए थे. विकास ने कुछ नहीं देखा था क्योंकि वो शिरीन के साथ डांस कर रहा था उसे वक्त. उसे रोज़ अफ़ज़ल को अच्छी तरह से याद है के उसका खड़ा हो गया था विकासा को बाहों में थाम कर डांस करते हुए और उसका लंड विकासा के जिस्म पर दबा भी था यह विकासा को भी पता था और अफ़ज़ल को भी….. किसी ने किसी से कुछ नहीं कहा था मगर एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह से पता था के किया हुआ था. और मजे की बात यह थी के डांस खत्म होने के बाद दूसरा ट्रॅक प्ले होना शुरू हुआ तो शिरीन वापस आ रही थी अफ़ज़ल के साथ डांस करने तो खुद अफ़ज़ल ने उसको एक और डांस विकास के साथ करने को कहा क्योंकि वो एक बार और विकासा को थामे रखना चाहता था और अपने लंड को उसके जिस्म से नहीं हटाना चाहता था. विकासा उसे वक़् मूधकर विकास से मुस्कराई थी और उसको शिरीन से और एक डांस करने को रिकवेस्ट किया था. सेकेंड पूरे सॉंग के दौरान अफ़ज़ल हार्ड रख खड़ा था और उसका लंड खूब जमकर दबा हुआ था विकासा के जांघों के बीकक हिलना के कपड़ों के ऊपर ही थे और विकासा सब अच्छी तरह फील कर रही थी और नासमझ बनने की नाटक कर रही थी उसे वक्त. हाँ सब ने टोस्ट में शॅंपेन पिए थे और मजा कुछ और था और थोड़ा सा हल्का सा नशा भी हुआ था सबको……

अफ़ज़ल ने इस बात को याद किया जब विकासा ने कहा के उसको पता था के वो बहुत पहले से उसे से दुश्मनों तालुकात रखना चाहता था. तो अफ़ज़ल ने सोचा इसी बात को लेकर विकासा ऐसा कह रही है. फिर अफ़ज़ल ने कहा;

“मैं ने तुम्हारे डॉक्युमेंट को पढ़ा अभी अभी!”

विकासा ने थोड़ा ज़ोर से कहा;

“वो तुम ने क्यों पढ़ा? वो तुम्हारे लिए नहीं था वो सिर्फ़ विकास के लिए लिखा था मैं ने?! ….. किया विकास ने पढ़ लिया?”

अफ़ज़ल: “नहीं उसे ने अभी नहीं पढ़ा वो तो सो रहा है कहा ना?! जब जगह जाएगा तो बता दूँगा एसएमएस पढ़ने को फिर पड़ेगा….”

विकासा: “अच्छाह चलो ठीक है अगर तुमने पढ़ ही लिया तो, अब एक काम करना मेरे लिए प्लीज़! देखो घुस्से में होगा विकास तो हो सकता है के बिना पढ़े वो उसे डॉक्युमेंट को डेलीट करदें…तो तुम इसी वक्त उसस्स डॉक्युमेंट को अपने यहाँ ई-मैल करदो सो डेठ एक कॉपी बच्चा रहे, और एक कॉपी मुझे भी ई-मैल करो अभी इसी वक्त प्लीज़…. मैं खुदको ई-मैल करना भूल गयी ई दो नोट वॉंट तो लूज़ ऑल डेठ ई हॅव रिटन….”

अफ़ज़ल: “ओके थोड़ी देर में ई-मैल करता हूँ, मगर सूणों, तुम्हारे बारे में पढ़ा तो थोड़ा बहुत दुख हुआ मुझे मगर तुम्हारे सेक्स ड्राइव ने पूरी डॉक्युमेंट को डॉमिनेट किया हुआ है इस लिए सेक्स के तरफ ज्यादा तवजो गया मेरा और तुमको देखने और पास पाने की तामाना तरफ रही है…. मगर पता है के विकास के सामने नहीं मिल पाऊँगा तुमसे…फिर भी एक बात सुनो घौर से….. मैं पता नहीं कितने दिन बाहर रहूँगा और कब अच्चनाक जेल जाना परे, पता नहीं फाँसी होगी मुझे डबल मर्डर की जुर्म मैं या किया….. मगर एक बार मरने से पहले तुम्हारे साथ रात गुजारना चाहता हूँ, यह मौका तुम मुझको जरूर देना और यह बात कभी भी विकास को नहीं पता चलना चाहिए, यह सिर्फ़ हमारे बीच रहेगा मंजूर है तुमको विकासा?

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