Darinde Se Mohabbat- 12

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एक साल अपने आंटी बाप के साथ रहने के बाद विकास और विकासा ने डिसाइड किया अपना एक अलग घर लेने का. फेसिलिटी यह था के विकास को यूनिट के तरफ से रहने के लिए आलीशान फ्लैट मिल रहा था और उधर अफ़ज़ल को भी. विकास ने अपने आंटी बाप से कहा के फिक्र करने की कोई बात नहीं वो हर महीने उन्नको पैसा देता रहेगा और अपने छोटी बहन और भाई की पढ़ाई की ज़िमेदारी उसकी. और हर दो हफ्ते में उन्न लोगों से मिलने जाएगा और महीने में एक रोज़ का खाना आंटी बाप के घर पे. यह डिसीजन खुद विकास ने लिया. मगर पहले अफ़ज़ल और विकास ने मिलकर आपस में यह डिसीजन लिए थे और बिलकुल वैसे ही अफ़ज़ल ने भी अपने आंटी बाप से कहा और निभाने का वादा किया विकास की तरह ही.

तो एक साल बाद दोनों फ्लैट में मूव हुए. और दोनों अफ़ज़ल और विकास के फ्लैट एक दूसरे के बगल में ही थे; यह दोनों ने चन कर लिए थे ताके एक परिवार के जैसे दोनों साथ रहे, और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे का सपोर्ट रहे हमेशा. तो अब शुरू हुई एक दूसरी किस्म की जिंदगी इन चारों के लिए. अफ़ज़ल और विकास के लिए आसान था क्यों के वहाँ से यूनिट जाना करीब था, मगर विकासा और शिरीन के लिए थोड़ी सी दुविधा हो गयी क्यों के इन के नौकरी की जगह दूर पर गयी उसे फ्लैट से! फिर भी सब ने एडजस्ट कर लिए और चाँद महीनों में सब फिट हो गये और आदत हो गयी सबको.

जब रातों को अफ़ज़ल और विकास काम पर जाते तो अक्सर शिरीन और विकासा एक दूसरे के यहाँ पाए जाते. दोनों पड़ोसी भी थे अब तो. और जो सीक्रेट वाली बात थी अब तो और भी ज्यादा करीब होने से सीक्रेट भी ज्यादा हो गये और बरकरार रहे!!

जब काम पर से रातों को विकास या अफ़ज़ल फोन करते तो पता चलता के विकासा शिरीन के यहाँ है या शिरीन विकासा के फ्लैट में है. तो दोनों दोस्तों को अच्छाह महसूस होता के उनके बीवियाँ अकेले नहीं हे, दोनों के पास एक साथी है अब. सब लोग सेक्यूर फील करने लगे.

बात कुछ अजीब हुआ जब अफ़ज़ल और विकास के नाइट शिफ्ट्स में चेंजस आई!! कुछ ऐसा बदलाव आया जिन्नसे दोनों कपल्स को बड़ा तकलीफ हुआ. दोनों लॅडीस को भी डिस्टर्बेन्स हुए. एक बार एक एमर्जेन्सी आउटिंग के दावरान अफ़ज़ल घायल हो गया गोली से.तो उसको एक महीने की लीव मिल गयी. तो विकास अकेला पढ़ गया रातों के शिफ्ट में. जब अफ़ज़ल ठीक हो गया और ड्यूटी जाय्न किया तो अब उसकी नाइट शिफ्ट और विकास की नाइट शिफ्ट सेम नहीं रहे! जिसे हफ्ते को विकास नाइट शिफ्ट करते तब अफ़ज़ल का दे शिफ्ट था और उल्टा उसे तरफ. तब हुआ यह के अफ़ज़ल जब रात को घर पर होते तो विकास काम पर, तो तब शिरीन नहीं जा पति विकासा के यहाँ और उन्नकि सीक्रेट वाली रातें नामुमकिन हो गये क्योंकि, जब अफ़ज़ल रात को काम पर जाते तब विकास घर पर होता और उसे वक्त विकासा नहीं मिल पाते साहिरीन से….. हाँ अगर मिलना चाहते तो हज़्बेंड से कहकर थोड़ी देर के लिए मिलने चले जाते थे मगर ज्यादा देर तो नहीं…. पर जब दोनों हज़्बेंड्स नहीं होते थे तब तो घांतों वक्त साथ बिताते थे दोनों आवरतें….. तो इस बारे में बड़ी डिस्टर्बेन्स हुई लॅडीस को………….

अब अफ़ज़ल और विकास को भी बिलकुल ठीक नहीं लग रहा था नाइट शिफ्ट को अकेले काम करना… दोनों साथ रहना चाहते थे….. तो एक रोज़ दोनों ने प्लान बनाया के कैसे एक साथ सेम शिफ्ट पर वापस काम करे. अफ़ज़ल ने विकास से कहा, “जिसे हफ्ते को तू नाइट करेगा बीमार पड़ जा.. सिक लीव्स लेले….. फिर नेक्स्ट वीक जाय्न करेगा तो नाइट में जाय्न करेगा तो हम साथ होंगे…..” विकास ने वही किया….. अब एक हफ्ते वो घर पर रहा मगर विकासा को तो कॉलेज जाना था…. अकेला पड़ गया बिलकुल क्योंकि विकासा लीव नहीं ले सकती थी इस लिए के एग्ज़ॅम्स चल रहे थे कॉलेज में उन्न दिनों…. मगर एक रोज़ शिरीन घर पर थी जब विकास, विकासा को बस स्टॉप पर चोद कर वापस आया तो…….

 

विकास ने पूछा के वो बीयुटिक नहीं गयी, तो उसने जवाब दिया के चुहति पर है उसे दिन! जब विकास ने पूछा के दिन भर किया करेगी तो साहीररेन ने कहा कुछ भी करने को नहीं है, शाअयद कुछ शॉपिंग करने जाएगी बाद में….. विकास अफ़ज़ल को फोन करके इस बारे में बात करना चाहता था मगर नहीं किया……

उसे रोज़ कुछ घंटों बाद विकास टेरेस पर स्मोक कर रहा था तो देखा शिरीन साझ धज कर कहीं जा रही है नीचे दरवाजा के तरफ…… जल्दी में थी, और जब रास्ते पर निकला तो एक कार रुकी और शिरीन उसे में चढ़ गयी और कार ज़ोर से निकल पड़ा……
एक बड़ा कष्ट धुआँ का उड़ाते हुए अपने मुँह से विकास सोच में पड़ गया के किस के साथ शिरीन जा रही थी और कहाँ??

विकास को थोड़ी बहुत हेरानी हुई मगर उसने इस बात को अफ़ज़ल से डिसकशन नहीं किया. उसने सोचा किसी जान पहचान के साथ गयी होगी शिरीन. और कुछ दिनों बाद वो इस बात को भूल भी गया.

वक्त गुजरता गया. दिन इसे गुजरे के समझ में नहीं आता था कब एक साल और बीत गया. इन चारों की दोस्ती अटूट थे. हमेशा एक साथ प्रोग्राम बनाते थे और जुड़े हुए थे चारों. शादी का तीसरा साल चल रहा था जब एक रोज़ विकास ने नोटिस किया के अफ़ज़ल कुछ खोया खोया हुआ सा रहने लगा चाँद दिनों से. जब विकास उसे से इस बारे में सवाल करता तो अफ़ज़ल बात को टाल देता और किसी दूसरे मुद्दे पर बात करने लगता.

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तो इसे ही एक रोज़ विकास ने कहा,

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“यार अब शायद हम दोनों को बाप बनने का टाइम आ गया वॉट दो यू से?”

अफ़ज़ल खामोश था. विकास ने फिर से वही बात कही. फिर भी अफ़ज़ल एक तरफ देखते हुए कहा, “यार यह बॉस ने आज क्यों तीसरे ग्रुप को उसे तरफ भेजा है?”

विकास को गुस्सा आया और थोड़ा सा आवाज़ ऊँचा करते हुए बोला,

“अरे यार मैं तुमसे अपने बारे में बात कर रहा हूँ तो क्यों तो टॉपिक को अवाय्ड कर रहा है? अगर इस बारे में बात नहीं करनी तो साफ बता दे!”

अफ़ज़ल बोला, “हाँ नहीं करनी बात इस बारे में अब ठीक है?”

विकास को कुछ ठीक नहीं लग रहा था. फिर वो अफ़ज़ल के करीब आते हुए धीरे से बोला,

“यार अफ़ज़ल कोई प्राब्लम है किया यार? कुछ दिनों से तू कुछ डिफरेंट बिहेव कर रहा है? दोस्त से शेयर नहीं करेगा अपने प्राब्लम को?”

तो अफ़ज़ल ने कहा के कोई भी प्राब्लम नहीं बस उसका मूंड़ ठीक नहीं है. फिर विकास ने कुछ नहीं बोला और अपने काम में लग गया.

कुछ चार महीनों तक ऐसा चलता रहा. अफ़ज़ल कम बातें करता, ज्यादा गुस्सा करता और काम से ज्यादा आब्सेंट होने लगा था, कभी कभी काम पर आता भी तो बीच में वापस चला जाता!
हाँ एक बात और थी के शादी के दूसरे साल के बीच दोनों ने मिलकर एक कार खरीदे. आधे पैसे दोनों के थे उसे कार में. उसी में दोनों नौकरी पर भी जाते और कहीं भी जाना होता तो उसी कार को उसे करते थे. कभी विकास ड्राइव करता तो कभी अफ़ज़ल. जब अपने पेरेंट्स के पास जाना होता तो एक दूसरे से एक दो दिन पहले बता देते थे तब दोनों में से एक कार लेकर अपने वाइफ के साथ अपने पेरेंट्स के यहाँ जाते थे. वरना कभी बड़ा प्रोग्राम होता था तो चारों साथ जाते थे कार में. बिलकुल एक फॅमिली जैसे थे सब.

तो एक रोज़ दे शिफ्ट पर थे दोनों तो दिन में अचानक अफ़ज़ल ने कार की चाभी माँगी विकास से. विकास ने पूछा कहाँ जाना है तो अफ़ज़ल ने घुस्से में कहा;

“कहीं भी जाऊं कार में मेरा भी हिस्सा है तो जब भी कहीं जाना चाहूं कार की चाभी मुझको मिलना चाहिए!”

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